भाजपा ने अपने संकल्प पत्र 2023 के पृष्ठ 33 पर लिखित वादा किया था- "हम शिक्षा विभाग की सभी रिक्तियों को एक वर्ष के अंदर भरने के लिए संकल्पित हैं।" आज सरकार को ढाई वर्ष से अधिक हो गए हैं और शिक्षा विभाग में रिक्त पदों का आंकड़ा बढ़कर लगभग डेढ़ लाख पहुंच गया है। अकेले व्याख्याता के 51,073, वरिष्ठ अध्यापक के 24,384 एवं प्राचार्य के 15,921 पद खाली हैं।
एक-एक शिक्षक दो-तीन कक्षाएं संभाल रहा है, विज्ञान-गणित-अंग्रेजी जैसे विषयों की पढ़ाई ठप है और बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी प्रभावित हो रही है। हमारी सरकार ने अपने कार्यकाल में रिकॉर्ड भर्तियां कर युवाओं को नियुक्तियां दीं। भाजपा सरकार बताए- संकल्प पत्र का यह "पवित्र साध्य" कब पूरा होगा, या यह भी जुमला ही था? प्रदेश के बच्चों के भविष्य से यह खिलवाड़ अक्षम्य है।
राजस्थान के सरकारी महाविद्यालयों में संविदा शिक्षकों की भर्ती, शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने वाला कदम है। अस्थायी नियुक्तियाँ न तो शिक्षकों को स्थिरता देती हैं, न ही छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा।
NSUI मांग करता है कि @BhajanlalBjp सरकार तुरंत स्थायी भर्तियाँ निकाले, सख्त योग्यता मानकों को लागू करे और युवाओं के भविष्य के साथ हो रहा यह खिलवाड़ बंद करे। ✊
भाजपा की पर्ची सरकार राजस्थान में स्थायी नौकरियां ख़त्म कर युवाओं को असुरक्षा, शोषण और अस्थायी रोजगार की तरफ धकेल रही है। असिस्टेंट प्रोफेसर की जगह टीचिंग एसोसिएट की संविदा पर भर्ती नौकरी नहीं, "ठेका" प्रथा पर काम बांटना है।
सत्ता के लिए युवाओं को भ्रमित करने वाली भाजपा अब युवाओं को करियर नहीं, कॉन्ट्रैक्ट जॉब दे रही है। नियमित नौकरी की जगह सरकारी कॉलेजों में 3540 पदों पर टीचर एसोसिएट की भर्ती और वो भी 5 साल की संविदा और 28,850 वेतन पर। ये न सिर्फ UGC मापदंड़ों की अनदेखी है, बल्कि युवाओं के भविष्य, शिक्षा, योग्यता और काबिलियत से साथ कुठाराघात है। भाजपा सरकार ने इससे पहले राजमेस के मेडिकल और नर्सिंग कॉलेजों में भी 1267 पद संविदा पर निकाले थे।
भाजपा जब विपक्ष में थी तो संविदा भर्ती को युवाओं के साथ अन्याय बताकर विरोध करती थी। और आज जब सत्ता में है तो यही भाजपा संविदा और ठेका व्यवस्था की सबसे बड़ी समर्थक बन गई है। जबकि हमारी कांग्रेस सरकार ने 1.10 लाख से अधिक संविदाकर्मियों को नियमित किया और ठेका पर नौकरियों को बंद किया।
CET परिक्षा को लेकर बेरोजगारों की लगातार मांग जारी है। सरकार से निवेदन है कि जल्द से जल्द इस परिक्षा का नोटिफिकेशन जारी करवाने की कृपा करें। "बेरोजगारों की पुकार,सुन लो सरकार"🙏🙏 #CET_Notification_जारी_करो
कार्मिक विभाग को RSSB CET के नियमों में अतिशीघ्र संशोधन कर अधिसूचना जारी करनी चाहिए।
जिससे जल्द से जल्द CET का नोटिफिकेशन जारी हो सके और रुकी हुई भर्तियां शुरू हो सके।
#CET_Notification_जारी_करो
शिक्षा विभाग की आगामी शिक्षक भर्ती परीक्षा में 46,500 अध्यापकों की भर्ती हेतु स्वीकृती जारी की है। इसमें लेवल 1 में 21,000 पद व लेवल 2 में 25,500 पद हैं। इन पदों में विशेष शिक्षा अध्यापकों के 4,500 पद भी शामिल होंगे।
जनवरी से मार्च के बीच में प्वाइंट नंबर 9 में 10 हजार विभिन्न पदों की घोषणा शिक्षा विभाग में की थी उनका दूर दूर तक कोई जिक्र नहीं है ।
और हमारे जुमलेबाज शिक्षा मंत्री जी बोल रहे है हमने कैलेंडर के 10 हजार की जगह 15000 पदों पर भर्ती करवा रहे है ।
@madandilawar@8PMnoCM@saten_08
शिक्षा विभाग के अधिकारियों की चालाकी
भर्ती कैलेंडर में जिन भर्तियों का अलग से जिक्र, उनको 10 हजार पदों में शामिल बता दिया
जबकि 10 हजार पदों पर ना भर्ती निकली, ना परीक्षा हुई है ।
@madandilawar@RajCMO@BhajanlalBjp@BJP4Rajasthan
इस खबर को लेकर जारी तथ्यात्मक रिपोर्ट में शिक्षा विभाग के अधिकारी बेरोजगार युवाओं को गुमराह कर रहे हैं।
कैलेंडर में शामिल 10 हजार पद अलग है और तथ्यात्मक रिपोर्ट में जिन पदों की बात की जा रही है वह पद कैलेंडर में अलग से शामिल है।
आप खुद देखिए
पूरा प्रदेश देख रहा है कैसे शिक्षा मंत्री जी और शिक्षा विभाग के अधिकारी सरकार की लंका लगाने में लगे हुए है ।।
झूठ पर झूठ वो भी सरेआम 🤔🤔🤔🤔🤔
लगातार तीसरी बार ऐसा हुआ है - Vt भर्ती में पलटी मारे झूठ बोले ,विधानसभा में रिक्त पदों पर झूठ बोले पलटी मारे और अब तो हद पार हो गई भर्ती कैलेंडर को लेकर ही झूठ बोल दिया जबकि सब कुछ सामने है
#शिक्षा विभाग ऐसा क्यो का रहा है भगवान जाने
नौकरी नहीं देना साफ़ मना कर दो
युवा लोकल चुनाव का इंतज़ार कर रहें है
अपडेट- भर्ती कैलेंडर के अनुसार अब RAS भर्ती 500 पदों वाली भी नहीं होगी
मई में एग्जाम दे रखी है लेकिन अभी तक कुछ नहीं होने के कारण ये भी फ़ैल है समय पर आयोजित नहीं होगी
#RAS_भर्ती_कैलेंडर_में_फ़ैल@RajCMO@BhajanlalBjp@RPSC1
भाजपा सरकार भर्तियां नहीं, आंकड़ों और घोषणाओं की धोखाधड़ी करके युवाओं को गुमराह कर रही है। भाजपा के इस पूरे खेल में बड़ा नुकसान उन युवा बेरोजगारों का हो रहा है, जिनकी नौकरी का सपना कभी बजट, तो कभी भर्ती कैलेंडर में घोषणाओं के नाम पर बार-बार बेचा जा रहा है।
#पर्ची_सरकार में भर्ती घोषणाओं की “हकीकत” और शिक्षा विभाग का “फर्जीवाड़ा” देखिए... सरकार ने भर्ती कैलेंडर में जिन भर्तियों को अलग-अलग बताकर गिनाया, बाद में शिक्षा विभाग ने उन पदों को 10 हजार की अलग भर्ती में पद बढ़ाकर बता दिया।
सच्चाई ये है कि सरकार के भर्ती कैलेंडर 2026 के क्रसं. 2 में प्राथमिक विद्यालय अध्यापक (लेवल-1) के 5449 पद, क्रसं. 9 में शिक्षा विभाग के विभिन्न पदों हेतु 10,000 पदों की अलग भर्ती, क्रसं. 20 में व्याख्याता एवं कोच की संयुक्त भर्ती के 3725 पद, और क्रसं. 26 में वरिष्ठ अध्यापक के 6500 पदों की भर्ती कराने की घोषणा की गई।
भर्ती कैलेंडर के क्रसं 9 में दर्ज 10 हजार पदों पर जनवरी से मार्च तक परीक्षा करानी थी, लेकिन भ्रष्टाचार में डूबा शिक्षा विभाग इन पदों पर तय समयसीमा में भर्ती नहीं करा पाया। लिहाजा अब इसका जमकर विरोध व फजीहत हो रही है, और इसकी लीपापोती करने के लिए शिक्षा मंत्री ने दूसरी भर्तियों के पदों को 10 हजार में शामिल करके 15 हजार पदों पर भर्ती कराने घोषणा कर दी। जबकि क्रसं. 2, 20, और 26 में दर्ज दूसरी भर्तियों में कुल 15,674 पदों पर अलग से भर्ती की जानी है।
बड़ी ही शर्म की बात है कि भाजपा सरकार का आधा कार्यकाल पूर्ण होने को है, लेकिन शिक्षा व्यवस्था हर मोर्चे पर पूरी तरह से फेल साबित हुई है। सच्चाई ये है कि शिक्षा मंत्री से अपना विभाग संभले नहीं संभल पा रहा है, एवं भाजपा सरकार युवाओं को थोथी घोषणाओं के मायाजाल में फांसकर सिर्फ और सिर्फ उन्हें भ्रमित कर उनका भविष्य बिगाड़ने में लगी है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों की चालाकी
भर्ती कैलेंडर में जिन भर्तियों का अलग से जिक्र, उनको 10 हजार पदों में शामिल बता दिया
जबकि 10 हजार पदों पर ना भर्ती निकली, ना परीक्षा हुई