राज कुशवाहा सोनम की प्राइवेट फैक्ट्री में काम करता था और ���ोनम से 5 साल छोटा था... बताया जा रहा है इसी दौरान दोनों का अफेयर हो गया...
यह फैक्ट्री सोनम के पिता देवी सिंह रघुवंशी की है, जहां वह एचआर के पद पर कार्यरत थी।
राज कुशवाहा उसी माइका फैक्ट्री में बतौर मैनेजर काम करता था। जाति अलग होने के कारण विवाह के लिए मना कर दिया गया था।
लगातार “भगवा लव ट्रैप” पर जागरूक किया जा रहा है, लेकिन समझने को तैयार नही है, मुस्लिम लड़कियां
हर मुस्लिम बहनें तक पहुंचा दें ये पैगाम
#Bhagwalovetrap#BLT
ये बाबू खान हैं,
दिल्ली दंगों में इन्होंने अपने दो जवान बेटों को खो दिया था। बाबू खान कह रहे हैं कि उनके बेटे अपने नाना के घर से लौट ��हे थे, उनका क्या कुसूर था, एक बेटे कि 3 बेटियां हैं, अब बाबू खान कि भी तबियत ठीक नहीं रहती, सोचिये उन बच्चियों का क्या🤔
इंस्टाग्राम पर ऐसी रील्स को बढ़ावा आप ने दिया है। मिलियन के लाइक्स और व्यूज आप दे रहे हैं। आपको इरान कि छात्रा का वो वीडियो महिलाओं कि आज़ादी लगती है। हिजाब बुर्क़ा आपको पिछड़ेपन कि निशानी लगती है। फिर आपको किस बा��� कि शिकायतक है? अब क्यों ऐसी रील्स पर आपको आपत्ति है? क्या ये आपका दोहरा चरित्र नहीं दर्शा रहा?
योगी आदित्यनाथ के राज में गाय कटती भी है और बिकती भी है , बस आप हिंदू होने चाहिए और ब्राह्मण है तो कहना ही क्या ,, मुसलमान होकर मुर्गा भी बेच दिया तो बवाल ,,, रिपोर्ट ����
ये मस्जिद के सामने "उनकी मां का भोंसड़ा" बजाना कौन सी धार्मिक स्तुति है? यह कौन सा मंत्र है? यह पद्धति किस ग्रन्थ में है? इसका पूजा पाठ, त्योहार या धर्म से क्या लेना देना है? यह करके हिन्दू धर्म बचाओगे राक्षसों?
सत्ता के पालतू डिजिटल दंगाई पूछते हैं कि हर हिन्दू त्योहार पर उपद्रव क्यों होता ��ै? यह वीडियो उसी का जवाब है। आग खाओगे तो अंगार ही हगोगे। अगर अपनी आस्था, अपनी देवी, अपने देवता का इस्तेमाल दूसरों को गाली देने के लिए करोगे, तो तुम मानवता पर कलंक हो। तुम समाज के लिए जहर बन चुके हो।
यूपी के बाराबंकी में दुर्गा मूर्ति विसर्जन के दौरान यह गाली बजाई जा रही है। यह भीड़ माता की मूर्ति और दशहरा जैसे पावन पर्व की आड़ में यह दुष्कृत्य कर रही है।
आरोप है कि यात्रा को मस्जिद के बाहर रोककर आपत्तिजनक गाने चलाए गए। इस दौरान मस्जिद पर गुलाल फेंका गया। मामले में 3 गिरफ्तार हुए, 40 से ज्यादा पर FIR हुई है।
हिंदू युवकों को दंगाई भीड़ में बदला जा रहा है। वे हर त्योहार पर यही करते हैं। मस्जिद पर चढ़ जाना, मुसलमानों के घर में घुस जाना, कहीं भी हरा झंडा उतार कर भगवा फहर���ना, उन्हें चिढ़ाना... यह सब धर्म की आड़ में हिंदुओं से करवाया जा रहा है। अगर कोई रोकता है तो दंगा होता है। इनका समर्थन करने वाले राक्षसों से पूछो कि यह करके वे कौन सी धार्मिक महानता हासिल करना चाहते हैं?
अगर आपका नवरात्रि, व्रत, पूजा और धर्म से थोड़ा भी वास्ता होगा तो आपको शर्म आएगी कि आपकी आस्था को दंगे का औजार बना दिया गया है।
खतरा मुसलमानों से नहीं, उन सियासी खूंखार जानवरों से है जो आपके धर्म को कलंकित कर आपके बच्चों को दंगाई बना रहे हैं।
(उनके शब्द यहां लिखने के लिए माफी चाहता हूं।)