@alokrajRSSB Ab kaunsi paardarshita h exam me. Galat question valo k jyada aur sahi question valo ke number kam ho rahe hai. Pis ho ham abhi bhi rahe h. Aapko paper ka koi gyaan h nhi. Expect committee apne hisab se question delete kr rahi h. Question delete ghotaale ka ek nyaa roop h.
Gen-Z का अगला निशाना राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर है .... इन्होंने अपने कार्यकाल में शिक्षकों और विद्यार्थियों का जितना मजाक उड़ाया है उतना आज तक किसी ने नहीं उड़ाया राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर दिया गैर शैक्षणिक कार्यों से शिक्षकों को 24 घंटे लाद दिया ....दिलावर साहब सुधर जाओ थर्ड ग्रेड टीचर्स के ट्रांसफर खोल दो वरना भारी पड़ जायेगा @madandilawar@RajCMO@BJP4Rajasthan@BhajanlalBjp
#3rd_grade_transfer_now
#3rd_grade_transfer_now
@Radhamo77605603@Ramkish75312604
इनका भी लगे हाथ इस्तीफ़ा ले लेंना चाहिए
ये शिक्षा का वो हाल करके जाएँगे की आने वाला युग याद करेगा ।।
इस्तीफ़ा दे दो मदन दिलावर जी आपसे कोई काम नहीं हो रहा है शिक्षा व्यवस्था पर रहम कर दो आप 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
@alokrajRSSB Paper leak nhi hota to question delete. Vo bhi bhari matra me. Kam number valo k jada number aur jyada valo k number kam ho jate h. Bina vivaad k koi bharti puri nhi huyi. Chaaploos log pta nhi kaha kaha se aa jate hai.
सोशल मीडिया पर 'स्कूल ऑफ लद्दाख इंडियन' से जुड़ा एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने शिक्षा सुधार, पर्यावरण संरक्षण और इंजीनियर से शिक्षा सुधारक बने सोनम वांगचुक के कार्यों को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।
Support #sonamwangchuk
@alokrajRSSB Court ko jwab do pehle. Har bharti me rayta failaya aapne. Agar aapne expert committee ke aadhar pr question delete kiye to vo proof court ko kyo nhi de rahe. Court se baar baar samay kyo maang raha h board.
इस न्यूज़ कटिंग में इस्तेमाल कानूनी शब्द "याचिका के अध्यधीन" (Subject to Petition) का सीधा सा मतलब यह है कि इस भर्ती में मिलने वाली नियुक्तियां (Jobs) अभी पूरी तरह से पक्की नहीं हैं और इनका भविष्य कोर्ट में चल रहे केस (याचिका) के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगा।
सरल शब्दों में कहें तो कोर्ट ने राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को रिजल्ट निकालने या जॉइनिंग कराने से तो नहीं रोका है, लेकिन नियुक्त होने वाले अभ्यर्थियों को यह साफ कर दिया है कि अगर आगे चलकर याचिकाकर्ताओं के हक में फैसला आता है, तो सरकार को उनके अनुसार भर्ती सूची और नियुक्तियों में बदलाव करना पड़ेगा।
यहाँ इस पूरे मामले और इस शब्द का विस्तृत मतलब विस्तार से समझाया गया है:
## 'याचिका के अध्यधीन' (Subject to Petition) का क्या मतलब है?
1. शर्तों के साथ नियुक्ति: विभाग उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र (Appointment Letter) तो दे देगा, लेकिन उस पत्र में एक लाइन लिखी होगी कि "आपकी यह नियुक्ति माननीय हाई कोर्ट में लंबित याचिका संख्या... के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी।" [1]
2. फैसले के आधार पर बदलाव: यदि कोर्ट भविष्य में यह फैसला देता है कि 26 प्रश्नों के उत्तरों या मार्किंग सिस्टम में गड़बड़ी हुई थी और उसे बदला जाए, तो नए सिरे से मेरिट लिस्ट बनेगी। [2]
3. पक्की नौकरी नहीं: अगर मेरिट बदलने से कोई चयनित उम्मीदवार बाहर होता है या किसी नए उम्मीदवार का नंबर आता है, तो उन्हें कोर्ट के आदेशानुसार अपनी जगह छोड़नी पड़ सकती है या मेरिट में नीचे आना पड़ सकता है।
## इस मामले की मुख्य बातें क्या हैं?
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* चुनौती किस बात को दी गई है?: परीक्षा के बीच में मार्किंग सिस्टम (अंक देने की पद्धति) को बदलने के फैसले को और 26 विवादित प्रश्नों को राजस्थान हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है।
* कोर्ट ने क्या किया?: जस्टिस गणेश राम मीणा की अदालत ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार और कर्मचारी चयन बोर्ड से जवाब माँगा है (नोटिस जारी किया है)। [3]
* याचिकाकर्ता कौन हैं?: यह याचिका सुषमा कुमार जाट व अन्य अभ्यर्थियों द्वारा लगाई गई है, जिनकी तरफ से पैरवी अधिवक्ता हरेन्द्र नील कर रहे हैं।
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यदि इस भर्ती परीक्षा से जुड़े कुछ विशिष्ट प्रश्नों या मार्किंग सिस्टम को लेकर आपके पास कोई और जानकारी है, तो मुझे बताएं ताकि मैं और अधिक सटीक जानकारी दे सकू��।
REET लेवल-1: कल का दिन निर्णायक! ⚖️
विवादित सवालों पर आर-पार की लड़ाई। कल कोर्ट में हमारी प्राथमिकता "स्टे (Stay)" लेने की होगी, ताकि न्याय से पहले कोई गलत कदम न उठाया जा सके।
एडवोकेट हरेंद्र नील जी करेंगे दमदार पैरवी। अब उम्मीद सिर्फ न्याय पर! ✊🔥
#REETLevel1
🚫 2 जुलाई को होगी reet L1 के विवादित प्रश्नों पर सुनवाई 🚫
🤞🏻अधिवक्ता हरेंद्र नील करेंगे याचिकाकर्ताओं की तरफ से पैरवी
कल कुछ बड़ा होने के आसार है ❓
@HarendarNeel