उत्तर प्रदेश की मेरठ पुलिस ने 6 साल पहले कथित एनकाउंटर में शेमन खान को कमर में 3 गो*लियाँ मारी, तब से वह चारपाई पर है। वह बिना सहारे चल नहीं पाता। जिंदगी कमरे में कैद होकर रह गई है।
पहले पुलिस ने कहा कि वह लूट की बाइक चला रहा था। जब शेमन ने बाइक के डॉक्यूमेंट दिखाए तो पुलिस ने कहा कि वह लूट में शामिल था। शेमन खान को आज तक नहीं पता कि उसे गोली क्यों मारी गई?
Reporting with @Benarasiyaa
महमूद गज़नवी ने सोमनाथ का मन्दिर लूटा।
BJP (ED पार्टी) ने प्रभु श्रीराम का मंदिर लूटा।
3 करोड़ की नजूल जमीन भ्रष्ट ट्रस्ट के चंपत राय ने ख़रीदी 24 करोड़ में प्रभु श्रीराम के नाम पर महालूट।
उत्तर प्रदेश के संभल में 18 वर्षीय सोहिल आलम की स्विमिंग पूल में डुबोकर हत्या कर दी गई।
घटना का CCTV फुटेज सामने आया है
एक युवक ने उसे पानी में दबोचकर मार डाला, लेकिन वहां मौजूद किसी भी व्यक्ति को इस घटना का अंदाजा नहीं हुआ
यूपी- अम्बेडकरनगर जिले के एक घर में 4 बच्चों को मार डाला गया. इन बच्चों के पिता सउदी अरब में नौकरी करते है. शक है कि मां गाजिया खातून ने बच्चों की हत्या की और घर की बालकनी से कूदकर फरार हो गयी. घर का दरवाजा अंदर से बंद मिला है. बच्चों को ईट से कुचलकर मारा गया है.
बच्चों का पिता जब से विदेश गया, एक बार भी लौटकर नही आया. पुलिस मां की तलाश कर रही है.
मरने वालों में-
सफीक (14)
सऊद (12)
उमर (10)
सादिया (8)
पश्चिम बंगाल हुमायूं कबीर का स्टिंग वीडियो हुआ वायरल
◆ उनपर करोड़ों रुपए लेने का आरोप लगा है
◆ उनके वायरल वीडियो के बाद AIMIM ने उनकी पार्टी से गठबंधन तोड़ दिया है
#WestBengal | #HumayunKabir | West Bengal | Humayun Kabir | Sting Operation
उत्तर प्रदेश –
सिर पर मुस्लिम टोपी, बड़ी दाढ़ी और कुर्ता पायजामा पहने इस व्यक्ति का नाम नरेश वाल्मीकि है। ये मुरादाबाद पुलिस का हिस्ट्रीशीटर है। पुलिस से बचने के लिए 21 साल पहले मुरादाबाद से भाग गया। संभल जिले में रहने लगा। नाम सुल्तान रख लिया। पूरी पहचान मुस्लिम वाली बना ली। फर्जी डॉक्यूमेंट्स भी बनवा लिया। इसके बावजूद पकड़ा गया।
राघव चड्डा ने पार्लियामेंट में कंज्यूमर अधिकार से जुड़ा बेहद अहम और बुनियादी मुद्दा उठाया.
राघव चड्डा ने कहा, यूजर अपने मोबाइल फ़ोन पर जब डेली डाटा रिचार्ज कराता है, तो रिचार्ज प्लान के हिसाब से डाटा यूज लिमिट मिलती है,
यूजर का 1.5 GB, 2 GB या 3 GB डाटा रात को 12 बजे EXPIRE हो जाता है, यूजर का बचा हुआ डाटा कैरी फॉरवर्ड नही होता.
राघव चड्डा ने कहा, यूजर हर डाटा या प्लान पूरा पैसा देता है. अगर 3 GB में 1 GB डाटा बच जाता है तो उसे यूजर को दूसरे दिन मिलना चाहिए.
Monthly प्लान में कंपनी किस तरह डाटा लूट रही है, राघव चड्डा जी का पूरा वीडियो सुनिए. अक्सर हम सबका 30% या 40% तक डाटा बच ही जाता है. इस बचे हुए डाटा पर यूजर का ही अधिकार होना चाहिए.
सलीम वास्तिक के दोनों हत्यारे सगे भाई थे. उनके पिता बुनियाद अली से पूछा गया -
रिपोर्टर- दोनों बेटे मारे गए, शिकन तक नहीं
बुनियाद अली- तारीख बताऊँ इस्लाम की, हुसैन ने 72 लाशें अपने कंधे पर बिठाई थीं. अगर वो टूट जाते तो?
महोदय @myogiadityanath साहब! आपसे सीधा सवाल है कि आपकी सरकार में @Uppolice ऐसे जाहिलों का इलाज क्यों नहीं करती? ये दूसरे धर्म की पवित्र किताब और पैगंबर साहब के बारे में ऐसी वाह्यात बातें कह रहा है, क्या इसका एनकाउंटर होगा? क्या इसके घर पर बुलडोजर चलेगा?
मुस्लिम व्यक्ति ने बनवाया स्कूल, बुलडोज़र कारवाई?
मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के भैंसदेही तहसील अंतर्गत ढाबा गांव में अब्दुल नईम ने लगभग 20 लाख रुपये खर्च करके एक स्कूल भवन बनवाया।
तीन दिन पहले एक अफवाह फैलाई गई कि नईम ने "अवैध मदरसा" बनवाया है और यहां बच्चों को "अनधिकृत रूप" से शिक्षा दे रहे हैं।
गाँववालों के अनुसार, एसडीएम, तहसीलदार और थाना प्रभारी जांच करने आए और क्लीन चिट् देकर गए। साथ ही पंचायत से NOC लेने को भी कहा।
अगले दिन पंचायत ने 11 जनवरी को नईम को नोटिस जारी कर भवन गिराने का आदेश दिया।
जब नाईम पंचायत भवन गए तो कथित रूप से उनसे आवेदन न लेकर सोमवार को आने को कहा गया।
नईम ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि भूमि के सारे कागजात पूरे हैं और 30 दिसंबर को स्कूल शिक्षा विभाग में संचालन अनुमति के लिए आवेदन जमा किया गया था।
लेकिन भवन तोड़ने का आदेश दिया जा चुका था।
जब गांव वालों ने स्कूल तोड़े जाने के नोटिस का विरोध किया, तो पंचायत ने आनन-फानन में भवन को NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) जारी कर दिया।
लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। शाम को एसडीएम साहब ने नईम को बताया कि "ऊपर से बहुत प्रेशर है, स्कूल तोड़ना पड़ेगा।"
गांव वालों ने कहा कि यदि कोई कानून उल्लंघन हुआ है, तो जुर्माना भरकर उसकी भरपाई की जा सकती है। भवन तोड़ने पर उनके बच्चे पढ़ नहीं पाएंगे।
जब NOC के बाद भी सोमवार को भवन तोड़ने का आदेश वापिस नहीं हुआ तब गाँव वालों ने 80 किलोमीटर दूर कलेक्टर की जनता दरबार से मिलने की का प्लान बनाएं।
आज (मंगलवार) को जैसे ही सैकड़ों ग्रामीण नईम के साथ बैतूल कलेक्टर कार्यालय ज्ञापन सौंपने पहुंचे, उन्हें रास्ते में पुलिस ने रोक दिया।
घंटो बाद जब उन्हें छोड़ा गया और वह जनता दरबार में पहुँचे और अपनी बात रखी। तब कलेक्टर साहब ने जांच की बात कही।
जब कलेक्टर साहब जांच की बात कर रहे थे इस बीच एसडीएम साहब कथित रूप से भवन तोड़ रहे थे।
सर्व शिक्षा अभियान की आपको शुभकामनाएं !
रिपोर्ट: @KashifKakvi भाई
धर्म के आधार पर लोगों को बांटने से देश कमज़ोर हो रहा है। जो हो रहा है, उसे देखकर लगता है कि फिरकापरस्त ताकतें इस्लाम और मुसलमानों दोनों को खत्म करने पर तुली हुई हैं। लेकिन शायद उन्हें यह नहीं पता कि इस्लाम का यह चिराग कभी नहीं बुझेगा और जिन्होंने इसे बुझाने की कोशिश की, वे खुद बुझ गए।
भारत के सामाजिक ताने-बाने को बचाने और इसके संवैधानिक सिद्धांतों को बनाए रखने के लिए एकता और न्याय की ज़रूरत है।
#ArshadMadani
#Jamiat_ulama_I_Hind
न्यूयॉर्क का मेयर 'ममदानी' बन सकता है, लंदन का मेयर 'खान' बन सकता है, लेकिन हिंदुस्तान का 'मुसलमान' किसी यूनिवर्सिटी का VC नहीं बन सकता और अगर बनेगा तो आज़म खान की तरह जेल में जाएगा: मौलाना अरशद मदनी
#ArshadMadni#Muslim#India#News
एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज ने अल फलाह यूनिवर्सिटी की सदस्यता रद्द कर दी है। रद्द इसलिए की क्योंकि हाल ही में जिन्हें आतंकवाद के आरोप में गिरफ्तार किया गया है, वो अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े थे। ध्यान रहे अभी तक गिरफ्तार संदिग्ध आरोपी हैं। वो गुनहगार हैं, आतंकी हैं या बेकसूर हैं इसका फैसला अदालत में होना है! लेकिन उससे पहले ही शिक्षण संस्थान की सदस्यता रद्द करना?
देवबन्द थाना के इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार शर्मा जी वायरल हैं!
सीधा कहना है हमारा धर्म पुलिस है इतने दिन की नौकरी में कोई भी आरोप लगा दे कि पक्षपात करके काम किया है तो नौकरी छोड़ दूंगा!
"ओजस्वी विचार" शर्मा जी के!🫡
ठोको लाइक संघी फुंक जायेंगे!✊
दिल्ली लालक़िला के क़रीब हुए कार धमाके अफ़सोसनाक हैं। लेकिन किसी समुदाय के खिलाफ मीडिया ट्रायल करना या जाँच एजेंसियों द्वारा बिना तथ्यों के किसी को दोषी सिद्ध करना ठीक नहीं, भारत में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जहाँ निर्दोष लोग सालों तक जेल में बंद रहे, और अदालतों ने बाद में उन्हें बरी कर दिया।
न्याय में देरी, ज़िंदगियाँ बर्बाद!
1996 दौसा बस ब्लास्ट – 6 लोग 23 साल जेल में रहने के बाद निर्दोष पाए गए।
2000 साबरमती एक्सप्रेस ब्लास्ट – गुलज़ार अहमद वानी 16 साल बाद बरी हुए।
2005 हैदराबाद ब्लास्ट – 10 लोगों को 12 साल बाद निर्दोष बताया गया।
2006 मुंबई ट्रेन ब्लास्ट – कई लोग 18-19 साल बाद बरी हुए।
इन सभी मामलों में अदालतों ने कहा कि सबूत अपर्याप्त थे — मगर तब तक किसी की जवानी चली गई, किसी का परिवार उजड़ गया, किसी की पहचान मिटा दी गई।
सवाल यह नहीं कि धर्म क्या था,
सवाल यह है कि बिना ठोस सबूत किसी को “आतंकी” कह देना क्या न्याय है?
मीडिया का काम न्याय से पहले सज़ा सुनाना नहीं, बल्कि सच्चाई दिखाना है।
न्यायपालिका ने इन मामलों में देर से न्याय किया — पर ज़रूरत है कि ऐसे मीडिया ट्रायल और गलत जांच से सबक लिया जाए।
हर नागरिक को निष्पक्ष जांच और न्याय का अधिकार है — यही लोकतंत्र की पहचान है।
#JusticeForAll #HumanRights #MediaTrial #RuleOfLaw
मीडिया में एक भ्रामक खबर प्रचारित हो रही है कि से० 56 फरी० क्षेत्र में विस्फोटक सामग्री मिली है
यह सामग्री शादी विवाह में चलने वाले पटाखे व उसका रॉ मैटेरियल है, इसका आतंकवादी गतिविधियों से कोई संबंध नहीं है। फरीदाबाद पुलिस इसका खंडन करती है, भ्रामक प्रचार ना करें
@police_haryana