ये कौन सी फोर्स है जिसकी वर्दी पर नेम प्लेट भी नहीं है..
जो दिल्ली के जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज कर रही है..
जब बिना नंबर प्लेट वाहन पर पर कार्रवाई हो सकती है तो इन बिना नंबर प्लेट वाले फर्जी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है ..?🙄🙄🙄
This is heartbreaking 💔
This young guy lost consciousness after police brutality during protest
He is not responding, not even moving. Hope he is still breathing
His crime? — Only that he chose to protest for his motherland
Thousands of protesters are gathering in the Indian capital, demanding the resignation of Prime Minister Narendra Modi and his education minister.
It follows back-to-back scandals related to examination paper leaks and cancelled tests.
Journalist Neha Poonia reports.
A sixteen year old protester, Karan, breaks down after being lathi charged by Delhi police.
The reporter says, He was shaking. He said he's not crying because of the pain but because he's in shock and disbelief.
"Mere upar lathi charge hua, I can't understand ke meri galti kya hai, meri galti yahi hai ki Mai desh ka bhala chahta hun aur isi liye mujhe dande maare ja raha hain. This is not fair at all...."
कल तक गोदी मीडिया कह रहा था “आख़िर @abhijeet_dipke अनशन पर क्यों नहीं बैठे?अब तो @abhijeet_dipke भी अनशन पर बैठ गए।
क्या अब मेलोडी चॉकलेट पर कई कई घंटे तक बहस करने वाला गोदी मीडिया आंदोलन की ख़बरें दिखायेगा?
मोदी ने जंतर मंतर पर 144 लगा दिया, अगर चुनाव में जनता ने 144 लगा दिया तो मोदी की ज़मानत ज़ब्त हो जायेगी।
यह जंतर-मंतर का वीडियो है। आज दिल्ली की उमस भरी गर्मी जान ले रही है। उस हाल में वहाँ लोग ठसा-ठस भरे हैं। हाथ का पंखा लेकर नौजवान एक दूसरे को हवा का मरहम लगा रहे हैं। घर में पंखे के नीचे राहत नहीं है, वहाँ तो क्या ही हालत होगी। इस गर्मी में वहां मौजूद लोगों की हालत भी ख़राब हो रही होगी। सोनम वांगचुक को जबरन हटाने के बाद भी धरना कमज़ोर नही हुआ है। लोगों ने आगे आकर इस धरने को थाम लिया है। कौन नेता है, कैसा नेता है, यह सब सवाल पीछे चला गया है। आज पूरे दिन जंतर-मंतर पर भारी भीड़ रही। धरना स्थल तक जाने के लिए लोग कतार में बिना शिकायत खड़े हैं। वहाँ से लौटने वाले लोगों की लाइन राजीव चौक मेट्रो में भी बढ़ती जा रही है। सोमवार को सरकार का इम्तहान है। कल वह मार्च में बाधा डालेगी या मार्च होने देगी।
आप नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, ग़ाज़ियाबाद इन महानगरों, महाज़िलों में रहने वाले जेन ज़ी, जेन बी जेन एक्स, जेन जो भी, किसी से पूछ लीजिए। क्या यहाँ एक भी सरकारी शैक्षणिक संस्थान है, जिसकी दुनिया छोड़िए, भारत में पहचान हो। जिसकी गुणवत्ता की तारीफ होती हो। जिसमें पढ़ने का सपना देखा जाता हो। एक भी नहीं है। सोचिए लाखों करोड़ों की आबादी के बीच एक ढंग का कॉलेज नहीं है। जहाँ भारत का एस्पिरेशनल क्लास रहता है। वह 12 साल से व्हाट्स एप यूनिवर्सिटी में डूबा रह गया। बच्चों के लिए अमेरिका का वीज़ा बनवाता रहा लेकिन मुड़ कर नहीं देखा कि उसके शहर में एक भी कॉलेज काम का क्यों नहीं है। इसके कारण मिडिल क्लास के साथ साथ नियो मिडिल क्लास के बच्चे भी घिस रहे हैं, पिस रहे हैं, मिट रहे हैं। जो मेहनत मज़दूरी करने वाला तबका है, जिसे लग रहा है कि पढ़ाई से उसके परिवार का भविष्य बदल सकता है, वह कड़ी मेहनत कर अपने बच्चों को किसी तरह स्कूल और कालेज भेज रहा है। उसे पता ही नहीं है कि वह अपने बच्चों को जिन सपनों के लिए तैयार कर रहा है, वह कब का रौंदा जा चुका है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, ग़ाज़ियाबाद और गुरुग्राम के घरों में काम करने वाली महिलाओं से पूछ लीजिए। हाड़ तोड़ मेहनत कर रही हैं और अपने बेटी की पढ़ाई के लिए फीस भर रही हैं। उनके बच्चे भी ख़ूब मेहनत करते हैं लेकिन सामाजिक पूंजी नहीं होने के कारण उन्हें गाइड नहीं मिल पाता। हर दिन लाखों सपनों की हत्या हो रही है। समाज के इस तबके को अभी शिक्षा से जुड़े मुद्दे की समझ नहीं है, कभी तो उन्हें भी पता चलेगा कि सारा सिस्टम इसी तरह डिज़ाइन किया गया है कि उनके बाद उनकी बेटियाँ भी घरों में काम करती रहेंगी । शिक्षा को बर्बाद किया गया ताकि लाखों लोगों का भविष्य बर्बाद हो सके और वे कम से कम पैसे में काम करने के लिए हमेशा मजबूर रहें।
भारत के भविष्य के साथ लंबे समय तक यह धोखा हुआ है। हो सकता है भारत का युवा धर्म की राजनीति में फिर से सनक जाएगा, वह गौरव और पहचान राजनीति में धर्म से पाने लगेगा, यह सब हो सकता है, हो ही रहा है, लेकिन अगले तीस साल में भी वह अपने सपनों को पूरा करने के लिए बड़े स्तर के शैक्षणिक संस्थानों को नहीं पा सकता है। यह लड़ाई आज की नहीं है, अगले पचास साल की है।
#WATCH | Delhi: Founding President of the Cockroach Janta Party, Abhijeet Dipke says, "At 7 AM, when I stepped out to freshen up, police goons arrived here. They dragged Sonam Sir away while hurling abuse at him. A 60-year-old man, who had been on a hunger strike for 20 days and hadn't eaten a thing was forcibly dragged away by the Delhi Police. We have no idea where they have taken him. When I received the news and was on my way to Jantar Mantar from my friend's house, the police assaulted me as well...These aren't police officers; they are RSS goons. I had returned to my country from abroad; am I a criminal? They are goons—not police, but RSS goons..."