Garba celebrates the womb - Garbha. Hindus dance around a clay lamp [गर्भ दीप] symbolising the divine womb ensconced in a body.
Muslims, forbidden to worship anyone other than Allah 40:62; 17:22; 12:40; 3:64 are welcome to dance after worshipping Ma Durga [Aditi] and her womb.
देख रहे हो विनोद, जिन्हें NEET की full form भी नहीं पता, वे भी NEET के प्रदर्शन में आए थे और पढ़ा-लिखा Education Minister माँग रहे थे।
इन्हें पढ़ाई-लिखाई की ज़रूरत क्या है?
लॉर्ड बॉबी देओल साहब ने नरेंद्र दामोदर अंबेडकर के रूप में अवतार लिया है। वे 0 वालों को Orthopedic Surgeon बनवा देंगे।
🚨 BIG BREAKING
Russia’s United Aircraft Corporation signs deals for up to 105 Il-114-300 regional aircraft with Indian operators. 🔥
– 50 Pinnacle Air
– Up to 20 Air Kerala
– 35 MoU with Sleek Aviation
Neha Bora ji this is Uttar Pradesh not JNU’s “dhapligang” where you can assume the whole state will dance to whatever tune you play. UP does not run on your statements, your slogans, or your imagination. Mohtarma Puncturelover, along with all the big claims remember one simple fact Yogi Baba ji @myogiadityanath is also here through the same Constitution given by Baba Saheb.🧐
चौंकाने वाले आरोप सामने आए हैं।
सुशांत सिंह राजपूत का गला घोंटा गया आंखें चुभोई गईं
गर्दन पर स्टन गन के घाव
दिशा सालियान के साथ गैंगरेप की आशंका बड़ी मात्रा में सीमन प्राइवेट पार्ट्स पर चोटें
दोनों के पोस्टमार्टम में वीडियोग्राफी की अनुमति नहीं दी गई — सचिन वाजे के आदेश पर।
क्या ये आत्महत्या थी या कुछ और?
क्या इस रहस्य से कभी पर्दा उठ पाएगा??
#SSRSting #DishaSalianCase
"कवन सो काज कठिन जग माहीं, जो नहीं होइ तात तुम पाहीं..."
उज्जैन में विकास कार्य के तहत जब 170 साल पुरानी हनुमान जी की मूर्ति क्रेन से भी टस से मस नहीं हुई, तो पुलिस के जवानों और अधिकारियों ने बैंड-बाजे की धुन पर श्रद्धापूर्वक प्रार्थना कर अनुमति मांगी।
भक्ति की शक्ति सबसे बड़ी है!
कमेंट में सभी 'जय श्री राम' और 'जय बजरंगबली' जरूर लिखें। 🚩
मोदी सरकार ने दलितों के एक वर्ग को रोजगार का नया अवसर दे दिया है। कुछ करने की जरूरत नहीं है, सुबह उठो, थाने जाओ और जिस पर मन हो, उस पर FIR करा दो।
कुल 16 लाख रुपये आपको मिलने हैं। तुरंत 8 लाख रुपये मिल जाएंगे, फिर केस की सुनवाई पर 25 प्रतिशत और बाकी 25 प्रतिशत फैसला आने पर।
और सबसे बड़ी बात, अगर आपका आरोप झूठा साबित हुआ तो मिले हुए पैसे लौटाने भी नहीं हैं।
@23pradeepsingh
🔥 ‘फूफा मीडिया’ की कहानी देखिए… कहानी पुरानी है, किरदार वही हैं, बस मंच बदल गया है!
जिन्हें 2014 से पहले का मीडिया याद नहीं, उनके लिए ये एक छोटा-सा डिकोड है।
और जो आज हर खबर पर मीडिया को ‘गोदी मीडिया’ कहते हैं, उनके लिए भी ये आईना है। 🪞
देखिए, भारत के मीडिया ने मोदी बनाम राहुल गांधी की राजनीति को किस नजर से पेश किया और उससे देश-दुनिया के सामने कैसी तस्वीर बनाई।
📌 इस डिकोड में सिर्फ India Today की कवर स्टोरीज़ को आधार बनाया गया है—लेकिन सवाल सिर्फ एक संस्थान का नहीं, उस दौर के व्यापक मीडिया-नैरेटिव का है।
एक तरफ नरेंद्र मोदी के लिए शब्द थे—
📰 “Hero of Hatred”
📰 “Master Divider”
⚠️ “Untouchable”
और दूसरी तरफ राहुल गांधी के लिए—
👑 “Young Prince”
⚔️ “Fighting Prince”
🚀 “Catalyst”
🔄 “Reformer”
🎯 “Prime Candidate”
अब सवाल सीधा है—
अगर आज का मीडिया ‘गोदी’ है, तो 2014 से पहले का ये मीडिया किसकी गोद में बैठा था? 🤔
जिन्हें आज मीडिया की निष्पक्षता की सबसे ज्यादा चिंता है, उनमें से कुछ उसी दौर के दरबारी नैरेटिव का हिस्सा रहे हैं और आज YouTube पर ‘फूफा मीडिया’ बनकर ज्ञान बाँट रहे हैं। 😏
🔎 नैरेटिव कैसे बनाए जाते थे, शब्दों से छवि कैसे गढ़ी जाती थी और मीडिया का नजरिया किस तरफ झुका था—इस पूरे डिकोड को देखिए।
फिर तय कीजिए—गोद बदली है या सिर्फ कुर्सी? 🔥
अपनी राय जरूर बताइए। 👇
मन करता है जिस उंगली से भाजपा के नरेंद्र मोदी को वोट दिया था उसे काट कर फेंक दूं...
EWS का मतलब है आर्थिक रूप से कमजोर...
मोदी सरकार EWS श्रेणी से 1000 रुपए फीस तथा SCST से जीरो रुपए ले रही है...सरकार ने EWS श्रेणी का मजाक बना दिया है। #SCSTActMisuse
स्वतंत्र भारद्वाज ने गलत किया तो 70 दिन बाद भी SC/ST लगा दिया जाएगा और वो जेल जाएगा लेकिन उसको पीटनेवाले वीडियो में दिख रहे हैं पर उनपर कोई कार्रवाई नहीं होगी।
अजीत भारती को गाली देनेवाले का बाल भी बांका नहीं होगा लेकिन अजीत के जवाब पर SC/ST एक्ट भी लगेगा और उसको एंटीसिपेटरी बेल भी नहीं मिलेगी।
ये सिर्फ दो उदाहरण नहीं हैं.. यही आज की डेट में हमारे समाज की सच्चाई है।
सवाल बस इतना है कि जब किसी के गलत पर होनेवाला कानूनी एक्शन उसकी जाति देखकर होता है तो वो प्रक्रिया बटेंगे तो कटेंगे की कैटेगरी में आती है या नहीं?
जब देश की व्यवस्था ही हमें एक नहीं मान रही तो काहे का एक हैं तो सेफ हैं फिर? आज कोई और है.. कल को हममें से कोई होगा। बस अपनी बारी का इंतजार कीजिए।