एलन मस्क के स्टारलिंक में अच्छा क्या है और बुरा क्या है ??
एलन मस्क के स्टारलिंक में अच्छा यह है कि इसमें कहीं भी रिमोट एरिया में किसी भी समुद्र में पहाड़ पर तलहटी में घाटी में गांव में आपको फुल स्पीड में बढ़िया स्पीड में इंटरनेट मिल सकता है
और यही एलन मस्क के स्टारलिंक का एकमात्र अच्छा पहलू है
लेकिन स्टारलिंक के बुरे पहलू बहुत ज्यादा है
पहला बुरा पहलू यह किसी भी देश के कंट्रोल में नहीं है यह पूरा सिस्टम एलन मस्क के अपने कंट्रोल में है और एलन मस्क और अमेरिका इसका इस्तेमाल दुनिया की तमाम सरकारों को गिराने में बनाने में दंगा करने में इस्तेमाल करते हैं
जैसा की क्रीमीया युद्ध जब रूस और यूक्रेन की लड़ाई चल रही थी तब शुरू में एलन मस्क ने अपने स्टारलिंक के द्वारा यूक्रेन को क्रीमिया में इंटरनेट की सुविधा दी जिसके द्वारा यूक्रेन को काफी बढ़त मिलने लगा फिर जब रूस ने एलन मस्क के सैटेलाइट को मार गिराने की धमकी दिया (जी हां आज रूस भारत चीन और अमेरिका ही ऐसे देश हैं जिनके पास स्पेस में सैटेलाइट को मार गिराने की क्षमता है)
तब एलॉन मस्क ने क्रीमीया से अपने स्टारलिंक हटा दिए और नतीजा यह हुआ कि यूक्रेन न सिर्फ हार गया बल्कि क्रीमिया उसके हाथ से चला गया
यानी कि यह सरकारों को ब्लैकमेल किया जाता है
बांग्लादेश और नेपाल में जब वहां की सरकारों ने इंटरनेट बंद कर दिया क्योंकि वहां दंगे भड़क रहे थे तब एलन मस्क ने अमेरिका के आदेश पर अपना स्टार लिंक नेपाल और बांग्लादेश में के द्वारा इंटरनेट दिया जिसके द्वारा बड़ी संख्या में न सिर्फ दंगे भड़के के बल्कि अमेरिका जो सरकार गिराना चाहता था वह सरकार गिराने में कामयाब हो गया और अपनी कठपुतली सरकार बनाने में भी कामयाब हो गया
ईरान में हिजाब विरोधी दंगे में ईरान में भी सरकार ने इंटरनेट बंद किया था तब एलॉन मस्क ने स्टारलिंक के द्वारा पूरे ईरान में इंटरनेट दिया लोगों ने ग्रुप बनाकर बड़ी संख्या में दंगे भड़काए और लगभग 8 महीने तक ईरान दंगों की आग में जलता रहा
ग़ज़ा में इजरायल की मदद करना एलॉन मस्क दक्षिणपंथी हैं गाजा युद्ध में उन्होंने अपने स्टरलिंक के द्वारा इजरायली सेना को पूरा डाटा दिया इंटरनेट की सुविधा दिया जिसके द्वारा इजरायली सी ने गज में छुपे तमाम बड़े-बड़े आतंकी जिसमें इस्माइल हानिया भी था उसे कुत्ते की तरह
मारा
तो कहने का मतलब यह है कि क्योंकि एलन मस्क का स्तर लिंक डायरेक्ट सेटेलाइट से इंटरनेट देता है और इस डाटा का इस्तेमाल अमेरिका या एलन मस्क भविष्य में अपने फायदे के लिए कर सकते हैं या अपने मकसद के लिए कर सकते हैं
क्योंकि इसका सरकार के पास कोई कंट्रोल नहीं रहेगा
और आप लोगों को यह उत्सुकता होगी कि एलन मस्क भारत में दंगों के समय अपने स्तर लिंक भारत में क्यों नहीं लगा देते तो भाई भारत के पास भी सैटेलाइट को मार गिराने की क्षमता है और एलन मस्क अच्छी तरह से समझते हैं कि अगर उन्होंने ऐसा भारत के साथ किया या चीन के साथ किया या रूस के साथ किया तब उनका स्टार लिंक एक खिलौना बन जाएगा वह भी मात्र 2 मिनट में
सरकार यह चाहती है कि स्टारलिंक इसका पूरा सर्वर भारत में रखें डाटा का कंट्रोल भारत सरकार के पास हो लेकिन एलन मस्क और अमेरिका दोनों यह चाहते हैं की डाटा का प्रोसेस डाटा का सर्वर अमेरिका में नहीं होगा भारत में नहीं होगा अमेरिका में होगा
तो जो लोग और इसके लिए भारत की सेना और भारत के जो तमाम सुरक्षा संस्थाएं हैं उन्होंने भी भारत सरकार को चेताया है कि जब तक एलॉन मस्क हमारी सुरक्षा शर्तों को स्वीकार नहीं करते तब तक भारत में स्टरलिंक को काम करने की इजाजत देना भारत के लिए आत्मघाती होगा
भारत सरकार दूसरे तमाम क्षेत्रों में विदेशी कंपनियों को मौका देती है लेकिन जो भी चीज हैं भारत की सुरक्षा से जुड़ी है उनके साथ तब तक समझौता नहीं किया जा सकता जब तक भारत सरकार के कंट्रोल में चीज ना हो
और आज एलॉन जो भारत पर गुस्सा दिखा रहे हैं मोदी को कोस रहे हैं मुकेश अंबानी को कोस रहे हैं वह अपने देश पर चुप हैं क्योंकि अमेरिका ने चीन की और भारत की तमाम कंपनियों को हंड्रेड परसेंट टैरिफ पर रखा है खासकर BYD को अमेरिका ने 100% टैरिफ पर रखा है ताकि एलन मस्क की टेस्ला की बिक्री ना घटे लेकिन एलन मस्क इस पर ट्विटर पर कोई जवाब नहीं दे रहे हजारों लोगों ने उनसे इस पर सवाल पूछा है
अमेरिका की एक्स यूट्यूब जीमेल चीन में प्रतिबंधित है क्योंकि चीन की अपनी सुरक्षा चिंताएं हैं लेकिन एलन मस्क उसे पर भी नहीं बोलते और हां राहुल गांधी जरूर चाहते हैं कि भारत में दंगे भड़के भारत में हजारों लोग मरे ताकि उनकी लाशों पर उनके नर कंकाल पर को नोच करवा प्रधानमंत्री बन जाए
🚨 BREAKING
Ukraine has been given just 24 hours
After that, the world could witness
one of the most devastating airstrikes ever.
No more warnings. No more delays.
The countdown has begun.
We have now completely destroyed Ukraine military bases.
Ukraine has only 2 hours left. 500 missiles have been locked and loaded.
This will be Ukraine final day.
Epic Beizzati😂
"CONgress hasn't been in power in Tamil Nadu since 1967 on its own. CONgress is out of power In Bengal since 1977, Bihar since 1990, UP since 1989, Odisha since 1999. Ever since transparent elections started happening, CCTV cameras installed, & independent media arrived, CONgress has started finding it difficult to come to power"
सुप्रीम कोर्ट का यह क्लिप धारा 370 पर सुनवाई के दौरान का है
आर्टिकल 370 पर सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ वकील राकेश द्विवेदी ने इतिहास का वो पन्ना पलट दिया कि सभी जज चुपचाप सुनते रह गए,
उन्होंने नेहरू का नाम तो नहीं लिया लेकिन नेहरू के नीचता और नेहरू की गद्दारी की पूरी कहानी सुप्रीम कोर्ट के खंडपीठ के सामने बयां कर दी वह भी तथ्यों के साथ
फिर भी कांग्रेसी चमचे कहेंगे नेहरू तो आधुनिक भारत के निर्माता थे
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील राकेश द्विवेदी अपनी दलील में कहते हैं, 'हम सच्चाई के बारे में बात नहीं करना चाहते हैं। सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर कौन था, औचिनलेक। भारत के तीनों जनरल ब्रिटिश थे। पाकिस्तान के तीनों जनरल ब्रिटिश थे। यह युद्ध (कश्मीर पर पाकिस्तान की तरफ से हमला) क्या था? चर्चिल ने ही तय किया था कि भारत का विभाजन होगा। यह जियो-पॉलिटिक्स का खेल था सब। यह युद्ध एक ब्रिटिश युद्ध था। उन्होंने दोनों तरफ से इसकी तैयारी की थी। हमलावर कहां से आए थे? उत्तर पश्चिम सीमांत प्रांत (NWFP) से। दो कार्यकालों के बाद मिस्टर कनिंघम, जो उत्तर पश्चिम सीमांत प्रांत के गवर्नर रह चुके थे, उन्हें जुलाई में वापस बुलाया गया। चुनाव से ठीक पहले।'
द्विवेदी ने उस वक्त की परिस्थियों को बताते हुए आगे कहा, 'हमलावरों को प्रशिक्षित किया गया, सेना के हथियारों के साथ ट्रकों पर भेजा गया। पाकिस्तान की सेना भारत से अभी-अभी अलग हुई थी। और सबसे बड़ा, सबसे स्पष्ट उदाहरण है, कौन लड़ रहा था? आज पीओके क्या है? पीओके का दो-तिहाई हिस्सा गिलगित-बााल्टिस्तान है। और वहां किसने युद्ध लड़ा? हमलावरों ने नहीं। यह मेजर ब्राउन था। वहां का एजेंट कौन था? उन्हें कनिंघम ने ठीक उसी जुलाई में दोबारा पोस्ट किया था। उन्होंने महाराजा (हरि सिंह) के सभी फोर्सेज को मार डाला। अंसार अहमद वहां तैनात थे और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। और उन्होंने चार दिनों में पाकिस्तान का झंडा लहराया और उन्होंने इसे कनिंघम को सौंप दिया। उन्होंने पाकिस्तान की सेना आलम के पास भेजी और उन्होंने गिलगित-बल्तिस्तान पर कब्जा कर लिया। पाकिस्तान के साथ युद्ध कहाँ है? यह ब्रिटिश है। लेकिन अगर हम इन सब से आंखें मूंद लेते हैं।'
वो कहते हैं, 'भला ये हमलावरों का युद्ध है? हमलावर अपने आप श्रीनगर तक नहीं आ सकते थे। युद्ध लगभग कारादु और कारगिल से लेकर लेह के करीब तक पहुंच गया था। तो यह एक अलग तरह का युद्ध था, लेकिन कोई नहीं कह सकता था क्योंकि माउंटबेटन वहां गवर्नर जनरल के रूप में थे। पता नहीं हमारे नेताओं ने ऐसा क्यों किया? जिन्ना ने तो साफ कहा, मैं किसी भी ब्रिटिश गवर्नर-जनरल को स्वीकार नहीं करूंगा। लेकिन हमारे यहां कहा गया, नहीं, हमें गवर्नर जनरल स्वीकार हैं। तो यह युद्ध क्या है? यही नहीं, जब युद्ध शुरू हुआ, तो उन्होंने (नेहरू सरकार ने) एक डिफेंस कमिटी का गठन किया और माउंटबेटन को इसका अध्यक्ष बनाया दिया। तो यह एक गजब की स्थिति है, लेकिन माउंटबेटन डिफेंस कमिटी के अध्यक्ष हैं।'
वरिष्ठ वकील आगे कहते हैं, 'ऑचिनलेक सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर हैं। सभी जनरल ब्रिटिश हैं और एक ब्रिटिशर विद्रोह कर रहा है और जब वह इंग्लैंड लौटता है तो उसे ब्रिटिश साम्राज्य का पदक दिया जाता है। तो यह युद्ध की स्थिति नहीं है। इसलिए जब आप संविधान और 370 को पढ़ते हैं, तो कृपया इन बातों को ध्यान में रखें कि हमारे नेता किन परिस्थितियों में आगे बढ़ रहे थे। हमारी हमलावरों को पीछे धकेलने और अपनी जमीन वापस पाने की चाहत ही नहीं थी। उन्होंने एक समय पर जानबूझकर युद्ध को रोक दिया और संयुक्त राष्ट्र चले गए क्योंकि अगर हम मीरपुर तक और पीछे चले गए होते तो वह गिलगित-बल्तिस्तान से कनेक्शन टूट जाता।'
राकेश द्विवेदी ने अपनी बहस जारी रखते हुए कहा, 'ये सभी सच्चे तथ्य हैं। कोई भी इसे नकार नहीं सकता। और संयुक्त राष्ट्र क्या था? वही शक्ति जो जियो पॉलिटिक्स की वजह से भारत का विभाजन करना चाहती थी, अमेरिका और ब्रिटेन, उन्हें मध्यस्थ बनाया गया था। सौभाग्य से, पाकिस्तान ने पीओके खाली करने से इनकार कर दिया। इसलिए वह प्रस्ताव खत्म हो गया है। संयुक्त राष्ट्र के बारे में बात करने की कोई जरूरत नहीं है, लेकिन उस समय 370 के निर्माण में स्थिति की गंभीरता को देखें।'
दिल्ली यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर दीप्ति तनेजा को सुनिए।
उन्होंने मनुस्मृति के खिलाफ चलाए जा रहे प्रोपेगेंडा की पोल खोलते हुए कुरान और बाइबिल में लिखी समान बातों का भी ज़िक्र किया।
बस फिर क्या था कांग्रेस और समाजवादी प्रवक्ताओं के मुँह पर ऐसा ताला लगा कि कोई जवाब ही नहीं सूझा!
🤐😂
कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता तो चीखने लगे।
वह कुरान और बाइबिल में महिलाओं पर क्या लिखा है सुनना तक नहीं चाहते।
महिला के समर्थन में हिंदू जैसा कोई धर्म नहीं है।
इस्लामिक और ईसाई रिलीज़न तो महिलाओं का दुश्मन है।
*PIN code is gone, now comes DigiPIN*📍
The Indian Postal Department @IndiaPostOffice
has launched a new system for addresses. Now, the 6-digit PIN code will be replaced by a 10-digit DigiPIN.
What is DigiPIN?
- It's a 10-digit digital code that gives the *exact location* of your home/shop.
- It provides precise address up to a 4-meter radius, while the old PIN code covered the entire area
- It was created jointly by India Post + IIT Hyderabad + NRSC + ISRO.
- It works offline too.
What will be the benefits?
1. Mail/parcels will reach the right house, no more wandering around streets and neighborhoods.
2. Emergency services - ambulance, fire brigade will get the exact location.
3. E-commerce delivery will be faster and more precise.
4. Address issues in villages and remote areas will be eliminated.
How to find your DigiPIN?
It's very easy 👇
1. Go to the website: https://t.co/qe5Vnk0uvw
2. Select or search for your location on the map.
3. The 10-digit DigiPIN will appear on the screen.
Just note it down and you can use it in your online orders, Aadhaar, bank, etc.
PIN vs DigiPIN
PIN code DigiPIN
6 digits 10 digits
Covers large areaPrecise up to 4 meters
Who made it Postal departmentIndia Post + IIT + ISRO
That means now there's less need to write "House number 12, Street number 3." Just enter DigiPIN and the delivery person will head straight to your doorstep.
How to find your DigiPIN?
It's very easy 👇
1. Go to the website: https://t.co/qe5Vnk0uvw
2. Select or search for your location on the map.
3. The 10-digit DigiPIN will appear on the screen.
@bhaangarbhuin@goadisability@alokikgoa@mallaikamat
उस, बेगूसराय के जहाँ — दिल्ली सल्तनत के तुगलक काल में जब क्रूर सेनापति मलिक बया (सैयद इब्राहिम अली) ने बेगूसराय के चमथा पर हमला किया, तो यहाँ के भूमिहार ब्राह्मण वीरों ने उसे युद्ध में मार गिराया। उसका मकबरा आज भी बिहार शरीफ की पीर पहाड़ी पर है।
ये वही चमथा-बलिया है जो कभी मुगलों के कंट्रोल में नहीं आया। यहाँ के जमींदार इतने संगठित थे कि मुगल फौज यहाँ से एक रुपया लगान नहीं वसूल पाई।
फिर अंग्रेज आए। नील की खेती और भारी टैक्स थोपा।
बेगूसराय ने बगावत कर दी। गांधी जी के नो-टैक्स आंदोलन में चमथा के लोगों ने अंग्रेजों को एक पाई देने से मना कर दिया।इसी बागी तेवर के कारण बिहट को बिहार का लिटिल मॉस्को और बेगूसराय को बिहार का लेनिनग्राद कहा गया। ये जमीन झुकी नहीं, आज भी नहीं झुकती।
वही से आते है अजीत भारती, पेशवा के अल्मामाटा सैनिक स्कूल के साथी,
OBA SAINIK SCHOOL Alma Mata
#AjeetBharti 🚩🚩🚩🚩🚩
#PESHWA
#sainikschool
#OBASAINIKSCHOOL
राहुल गांधी जी, कृपया मार्गदर्शन करें, यह पितृसत्तात्मक मानसिकता में गिना जाएगा या नहीं ?
एक युवा महिला विधायक ने कांग्रेस छोड़ दी। महिला के पति भी कांग्रेस के विधायक थे। जब महिला ने कांग्रेस छोड़ दी तो उनके पति के सामने शर्त रखी गई कि अपनी पत्नी के चरित्र को कलंकित करने के लिए कुछ बयान दें या कुछ सोशल मीडिया पर लिखें। पत्नी का चरित्र हनन नहीं करेंगे तो टिकट नहीं मिलेगी। पति और पत्नी अलग हो चुके थे, लेकिन फिर भी पति ने पत्नी के चरित्र को कलंकित करने के इंकार कर दिया। और फिर उनकी टिकट काट दी गई।
अब पति, जो पत्नी से अलग हो चुका था फिर भी उसने पत्नी के चरित्र को कलंकित करने से मना कर दिया तो वो पितृसत्तात्मक मानसिकता से ग्रसित है, या वो जिसने टिकट देने के बदले महिला का चरित्र हनन करने की शर्त रखी ?
वैसे यह शर्त किसने रखी, खुद सुन लीजिए। #DoTook
मैं राजनीतिक और मनुस्मृति, दोनों की बात बताता हूं। राहुल गांधी सरासर झूठ बोलते हैं। हकीकत ये है। ये ‘Dismantling Global Hindutva’ के प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं।
मैं पूछना चाहता हूं राहुल गांधी से ये पितृसत्तात्मक संस्कृति जैसा संस्कृतनिष्ठ शब्द कहाँ से आया ?
पर कभी मर्दुम अजीम रवायत सुनी है?
चार बीवी क्या है ?
तलाक का अधिकार सिर्फ पुरुष को। चुप।
हलाला से महिला पवित्र हो जाती है। चुप।
मेहरम पता है क्या होता है? हमारी सरकार आने से पहले मेहरम वो होता था कि इस्लामी मान्यता के अनुसार घर से बाहर अगर महिला निकले तो किसी पुरुष की छत्रछाया में होना चाहिए। मेहरम हमने खत्म किया। मेहरम चुप।
इस व्यक्ति की हकीकत देखो। जो कहता है हिजाब होना बहुत अच्छा है, मगर हिंदू धर्म में महिलाओं को समानता नहीं है। मैं चैलेंज करके कहता हूं, दुनिया में जितने भी धर्म और मजहब हैं, उनमें भगवान सबको कुछ न कुछ इंट्यूशन देते हैं, भगवान की कृपा होती है। ये पुरुष पर ही क्यों होती है, महिला पर क्यों नहीं?
सिर्फ भारतीय संस्कृति ऐसी है, जहां वेदों में 22 ऋषिकाएं हैं अपाला, लोपामुद्रा, मैत्रेयी, संध्या।
फैक्ट:
मनु स्मृति पर महात्मा गांधी, नेहरू, डा। अंबेडकर ने क्या कहा और इंदिरा गांधी जी के जमाने में क्या छपा।
ये आदमी अपने पिता को, दादी को, नेहरू को, गांधी जी को गलत साबित करने में लगा है।
ये लोग समाज के अंदर भारत के विरुध्द वैश्विक षड्यंत्र ‘Dismantling Global Hindutva’, जो 2021 में अमेरिकन यूनिवर्सिटी में बना था, इसके बाद जब इन्होंने कास्ट पर लड़ाने का विषय शुरू किया, हेनरी लूसी फाउंडेशन, मार्च 2021, फिर उसके बाद 2022!से तमिलनाडु में कॉन्फ्रेंस शुरू हुई ‘Eradication of Sanatan Dharma’।
अब महिलाओं की बात आई है। अगर 4 करोड़ आवास मिले हैं प्रधानमंत्री जी के कार्यकाल में तो 3 करोड़ गरीब महिलाएं उसमें खुद मालिक बनकर बैठी हैं। 55 करोड़ जनधन अकाउंट में 60% महिलाएं हैं। ड्रोन दीदी, लखपति दीदी, कैबिनेट मंत्रिमंडल में महिलाएं और एयरफोर्स व डिफेंस सर्विसेज में परमानेंट कमीशन मिला है तो हमारे जमाने में मिला है।
आज तक जवाब दे दें। मैं चैलेंज करके कहता हूं राहुल गांधी कहो गांधी गलत थे, नेहरू गलत थे, डा अंबेडकर गलत थे, मेरी दादी गलत थी, सब गलत बोल रहे थे। मेरा आविर्भाव हुआ है अपने पूर्वजों व परिवार की बेइज़्ज़ती करे व भारत में अराजकता उत्पन्न करने के लिए।
लाखों दर्शकों से कहता हूँ, जाकर कोई फैक्ट-चेक करे। 1896 के कोलकाता कांग्रेस अधिवेशन में पहली बार वंदे मातरम् गाया गया, जिसकी अध्यक्षता मुस्लिम नेता रहमतुल्लाह अहमद सयानी ने की।
वहाँ से लेकर 1923 तक कभी कोई आपत्ति नहीं हुई। 1923 के अधिवेशन में तो उस समय मोहम्मद अली जौहर ने उसकी अध्यक्षता की थी उन्होंने आपत्ति की फिर भी पूरा गाया। झूठ बोलते हैं ये लोग।
मैं पूछना चाहता हूँ, 1896 से 1937 तक हर बार कांग्रेस पूरा गा रही थी, तो 1937 में क्या हुआ जो काट दिया?
मुस्लिम लीग और जिन्ना ने कहा कि आपको यह वंदे मातरम् काटना पड़ेगा, आप एक के बाद एक सरेंडर कर रहे थे। 1905 में बंग-भंग के बाद उस समय सारे हिंदू-मुसलमान एक होकर वंदे मातरम् गाते थे, मगर ये कट्टरपंथियों के आगे झुक गए।
1916 के लखनऊ कांग्रेस अधिवेशन में मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचन क्षेत्र माँग लिया। फिर उनकी हिम्मत और बढ़ी।
फिर 1920 में इन्होंने कहा,
टर्की का खलीफा हट गया है, तो अब हम टर्की के खलीफा के लिए आंदोलन करेंगे और महात्मा गांधी ने अली का समर्थन किया।
उनकी हिम्मत और बढ़ गई। उसके बाद जिन्ना ने कहा, मैं महात्मा गांधी को महात्मा नहीं बोलूँगा। इसलिए हर फिल्म में मिस्टर गांधी बोलता है।
फिर उसने कहा, मैं वंदे मातरम् नहीं गाऊँगा और मैं इनको बताना चाहता हूँ, कोई दर्शक जाकर चेक करे।
6 अप्रैल 1938 को नेहरू को जिन्ना ने एक लेटर लिखा और Selected Works of Jawaharlal Nehru, Series One, Volume 22, Page Number 230 से 239 में लिखा है। क्या शर्मनाक लेटर लिखा है। लिखते हैं, हमने वंदे मातरम् हटा दिया है। पॉइंट नंबर नौ पर। फिर उसके बाद लिखते हैं, पॉइंट नंबर 12 पर, अगर आपको तिरंगे से आपत्ति है, तो हम मुस्लिम लीग के भी झंडे को बराबर सम्मान देने को तैयार हैं। और पॉइंट नंबर सात पर लिखते हैं, मुसलमानों को सरेआम गोहत्या करने का अधिकार होगा। क्या गजब का सरेंडर किया नेहरू ने।
सर जी आपकी ऐसी बेज्जती हम नहीं सुन सकते... आप ऐसी कोई हरकतें ना करे जिससे हम सभी कार्यकर्ताओं को जवाब देने में परेशानी हो या मुंह छुपाना पड़े जनता से।
@ArvindKejriwal
Rajiv Gandhi failed in Cambridge “where it is impossible to fail” as per MS Aiyar (Rajiv’s BFF)
Yesterday Rajiv’s BA pass daughter called one of India’s foremost scientists a “Gaumutra Expert”
Their arrogance is inversely proportional to their education