नमः श्रीरामभक्ताय अक्षविध्वंसनाय च ।
नमो रक्षः पुरीदाहकारिणे वज्रधारिणे ॥
नमो ब्राह्मणदेवाय वायुपुत्राय ते नमः ।
नमोऽस्तु रामभक्ताय गोब्राह्मणहिताय च ॥
नमोऽस्तु रुद्ररूपाय कृष्णवक्त्राय ते नमः।
अञ्जनीसूनवे नित्यं सर्वव्याधिहराय च ॥
नागयज्ञोपवीताय प्रबलाय नमोऽस्तु ते।
स्वयं समुद्रतीर्णाय सेतुबन्धनकारिणे ॥
आप श्रीरामके भक्त और अक्षकुमारके प्राणोंको हरनेवाले हैं। आपको नमस्कार है। राक्षसराज रावणकी लंकापुरीको जलानेवाले तथा वज्रधारी आपको प्रणाम है। ब्राह्मणोंके लिये देवरूप आपको नमस्कार है। वायुनन्दनको प्रणाम है। श्रीरामजीके भक्त तथा गौओं और ब्राह्मणोंके हितकारी आपको नमस्कार है। आपने रुद्ररूपसे अवतार लिया है, आपका मुख कृष्णवर्णका है, आप सम्पूर्ण व्याधियोंका नित्य विनाश करते रहते हैं, अञ्जनानन्दन ! आपको अभिवादन है। जिन्होंने नागको यज्ञोपवीतके रूपमें धारण कर रखा है, जो स्वयं ही समुद्रको लाँघ जानेवाले और सेतुबन्धके कार्यके सहयोगी हैं, उन महाबली हनुमानजीको नमस्कार है।
सुप्रभात 🌼
सर्वेभ्यो नमो नमः।
सुप्रभातम्
अद्यतन दिवसः सर्वेंषाम् कृते शुभम् भूयात्
अद्यैव नरसिंहाविर्भावदिवसः।
काढ़ि कृपान, कृपा न कहूँ, पितु काल कराल बिलोकि न भागे।
'राम कहाँ ?' 'सब ठाऊँ हैं', 'खंभमें ?' 'हाँ' सुनि हाँक नृकेहरि जागे ॥
बैरि बिदारि भए बिकराल, कहें प्रहलादहिकें अनुरागे।
प्रीति-प्रतीति बड़ी तुलसी, तबतें सब पाहन पूजन लागे ॥
हिरण्यकशिपुने प्रह्लादजीको मारनेके लिये खडग निकाल ली, किंतु कालके समान भयंकर पिताको देखकर भी प्रह्लादजी भयभीत नहीं हुए, भागे नहीं!
हिरण्यकशिपुने कहा- 'बता तेरा राम कहाँ है ?'
प्रह्लादजी ने कहा - 'सर्वत्र हैं।'
हिरण्यकशिपुने पूछा- 'क्या इस खंभमें भी है ?'
प्रह्लादजीने कहा- 'हाँ।'
उनकी इस हाँकको सुनते ही नृसिंहजी प्रकट हो गये और शत्रुका नाश कर क्रोधवश बड़े भयंकर बन गये।
प्रह्लादजीके प्रार्थना करनेपर ही शान्त हुए। तुलसीदासजी कहते हैं- इससे भगवान् के प्रति लोगोंका प्रेम और विश्वास बढ़ गया और तभीसे लोग पाषाण (पाषाणमयी प्रतिमाओं) का पूजन करने लगे।
नरसिंहाविर्भावदिवसः समेषां सुजनानां सौभाग्यं संवर्धयतु।
सभी पेड़ एक समान नहीं होते हैं
सभी पशु एक समान नहीं होते हैं
सभी पक्षी एक समान नहीं होते हैं
सभी जज एक समान नहीं होते हैं
सभी डॉक्टर एक समान नहीं होते हैं
सभी शिक्षक एक समान नहीं होते हैं
सभी मनुष्य एक समान नहीं होते हैं इसलिए मनुष्य द्वारा बनाए गए सभी मजहब एक समान नहीं होते हैं
#मनोगतम्
चरित्र नहीं बदलना चाहिए...
चरित्र की स्थिरता ही विश्वास का अमूल्य आधार
है... मनुष्य का चरित्र उसकी सबसे बड़ी संपत्ति है... जैसे कोई वृक्ष अपनी जड़ों पर खड़ा रहता है, वैसे ही व्यक्ति का व्यक्तित्व उसके चरित्र पर टिका होता है... यदि चरित्र बदलता रहे, तो उस पर विश्वास नहीं रहता... आज के इस अस्थिर युग में, जहाँ संबंध, सिद्धांत और वचन क्षणभंगुर हो गए हैं, चरित्र की स्थिरता और भी प्रासंगिक हो गई है। जो चरित्र बदलते हैं, उन पर विश्वास कम हो जाता है... यह केवल कहने मात्र की बात नहीं है... हमारे भारतीय नीति-शास्त्र का मूल मंत्र है। हमारे शास्त्रो और विद्वान श्लोक, सूक्तियाँ और सुभाषित में इसी सत्य को बार-बार दोहराते हैं।
वृत्तं यत्नेन संरक्षेद् वित्तमेति च याति च।
अक्षीणो वित्ततः क्षीणो वृत्ततस्तु हतो हतः॥
अर्थात् :
सदाचारकी रक्षा यत्नपूर्वक करनी चाहिये; धन तो आता और जाता रहता है। धन क्षीण हो जानेपर भी सदाचारी मनुष्य क्षीण नहीं माना जाता; किंतु जो सदाचारसे भ्रष्ट हो गया, तो चरित्रहीन व्यक्ति सर्वथा गिर जाता है।
आज के जीवन में, जहाँ सोशल मीडिया पर छवि बदलना आसान है, चरित्र की स्थिरता ही सच्ची पहचान है।
रामायण में भगवान राम ने वनवास में भी अपना चरित्र नहीं बदला... महाभारत में युधिष्ठिर ने सत्य का साथ नहीं छोड़ा...
ये हमें स्मरण कराते हैं कि चरित्र बदलने वाले क्षणिक लाभ तो पा सकते हैं, लेकिन दीर्घकालिक विश्वास और सम्मान कभी नहीं।
अतः अपना चरित्र स्थिर रखें... चाहे परिस्थितियाँ कितनी भी प्रतिकूल हों, अपनी मर्यादा न छोड़ें... क्योंकि चरित्र ही वह दीपक है, जो अंधकार में भी राह दिखाता है और दूसरों का विश्वास जीतता है।
यथा कहा गया है... शीलं सर्वत्र वै धनम्—चरित्र ही सच्चा धन है, जो कभी नहीं घटता।
चरित्र न बदलें, तो विश्वास स्वयं बढ़ेगा। यही सनातन सत्य है।
इति सत्यं 🌼
पश्चिम बंगाल में मतदाता पुनरीक्षण की जरूरत क्यों है?
एक वोटर के 400 बच्चे हैं।
दूसरे वोटर के 390 बच्चे हैं।
तीसरे वाटर के 310 बच्चे हैं।
एक वोटर की उम्र 64 साल है।
उसके दो बच्चे हैं एक की उम्र 59 साल, और दूसरे की 60 साल है।
10 ऐसे वाटर मिले हैं जिनके बच्चे तो हैं लेकिन वह खुद कुंवारे हैं।
ये देश चल रहा है या मज़ाक हो रही है l
BY ✒️V K NEWS NETWORK
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मनुष्य की अपनी उन्नति के छः प्रकार...
अपनी वृद्धि...
अपने मित्र की वृद्धि...
अपने मित्र के मित्र की वृद्धि...
अपने शत्रु की हानि...
शत्रु के मित्र की हानि...
शत्रु के मित्र के मित्र की हानि...
ये है सनातन धर्म की नीति... क्या ऐसा सूक्ष्म नीति ज्ञान अन्य कही मिल सकता है?
पर आज नीति का ज्ञान ही कहां रहा है... आज तो चाटुकारो से घिरकर प्रलाप करने वाले ही महान हो गए हैं / माने जा रहे हैं ... यही कारण है हम दुर्बल होते जा रहे हैं...
आचार्यो के चरणो में शास्त्रो का अध्ययन करो... नीति पर चलो ... फिर देखो ... तुम्हारी विजय निश्चित है...
तुम्हारा विषय सही हो पर मार्ग गलत हो, सलाहकार - सहायक गलत हो तो तुम्हारी पराजय निश्चित है... और ऐसा ही होता दिख भी रहा है...
अभी भी समय है स्वजनो...सावधान हो जाइए... आपका विषय सही है... पर मार्ग-सहायक-सलाहकार का चयन गलत है...
अपने स्वार्थ को साधना सीखो...
इति सत्यं...शुभं भूयात् 🌼
मां चंद्रघंटा को प्रणाम! माता से प्रार्थना है कि वे हर किसी को सशक्त, समृद्ध और सौभाग्यपूर्ण जीवन का आशीष दें।
पिण्डजप्रवरारूढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता।
प्रसादं तनुते मह्यं चन्द्रघण्टेति विश्रुता॥
*"वास्तव" फिल्म में पुलिस अधिकारी बने दीपक तिजोरी संजय दत्त को समझाते हैं कि अपराध की दुनियां को छोड़ दो अन्यथा किसी दिन पकड़े जाओगे या एनकाउंटर हो जायेगा---पलटकर गैंगस्टर संजय दत्त दीपक तिजोरी से पूछता है- "मुझे पकड़ेगा कौन?..यह तुम्हारी निकम्मी पुलिस,जो मेरे सामने कुत्तों की तरह दुम हिलाती है!"*
*पुलिस अधिकारी बने दीपक तिजोरी ने बहुत सुन्दर जवाब दिया था---"पुलिस निकम्मी नहीं है,तेरे ऊपर भ्रष्ट और गद्दार और सत्तालोलुप नेताओं का हाथ है---जिस दिन कोई ईमानदार नेता सत्ता संभालेगा,उस दिन यही पुलिस तुझे कुत्तों की तरह घसीटते हुए ले जायेगी---आज इन भ्रष्ट और निकम्मे नेताओं ने पुलिस के हाथ बांध रखे हैं!"*
*ये उदाहरण मैंने इस लिए दिया ताकि आप याद कर सकें वह वक्त---जब आज़म खान ने तीन घंटे एक S.S.P. को अपने घर के बाहर खड़ा रहने का आदेश दे दिया था---जब आज़म खान ने जिला कलेक्टर से जूते साफ करवाने की बात कही थी---जब मुख्तार अंसारी ने कोतवाली में ताला डलवा दिया था---जब अतीक अहमद ने बीस पुलिस वालों को अपने घर में कैद कर लिया था---जब इनके मुकदमो को सुनने से जज और मजिस्ट्रेट भी मना कर दिया करते थे!*
*वक्त बदला--एक ईमानदार संन्यासी नेता बनकर प्रदेश की गद्दी पर बैठा---देखते-देखते सब कुछ बदल गया, असहाय सी लगने वाली पुलिस इनको घसीट-घसीट कर थानों में लाने लगी,इनके घर में घुसकर ढिंढोरा पीटने लगी, नीलामियां होने लगी, धड़ाधड़ बुलडोजर चलने लगे, बड़े से बड़े माफिया और डाॅन एनकाउंटर में मारे जाने के डर से सरेंडर करने लगे!*
*मैं केवल इतना कहना चाह रहा हूं कि--जब सत्ता पर बैठा व्यक्ति निष्ठावान और चरित्रवान होता है तो सबकी खुशहाली होती है, समाज का उत्थान होता है!*
*धर्मनिरपेक्ष नहीं धर्मप्रेमी बनिए! याद रखें धर्म सुरक्षित रहेगा तभी आप सुरक्षित रहेंगे !*
🚩।।धर्मो रक्षति रक्षितः।।🚩
बड़े शातिराना ढंग से पूर्वात्तर को भारत से अलग करने की योजना थी।
साज़िश: 01
नेहरू ने inner line परमिट का सिस्टम बनाया। हिंदुस्तान के लोगों को मिजोरम और मणिपुर जाने के लिए inner line परमिट की जरूरत थी, लेकिन म्यांमार के लोग 10 किलोमीटर आ सकते थे।
साज़िश: 02
पूरे नॉर्थ ईस्ट को मिशनरियों के हाथों में झोंक दिया गया। Tribals देखते ही देखते ईसाई बन गए। बौद्धों का जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया। बड़े गर्व के साथ कहा जाता था कि नॉर्थ ईस्ट हमारा गढ़ है, क्योंकि वहां क्रिश्चियन हैं।
साज़िश: 03
हमारे पूर्वात्तर के भाई बहनों के साथ जानबूझकर ख़राब व्यवहार किया जाता। कोई चिंकी कहता तो कोई चाइनीज। उन्हें ये एहसास कराया जाता कि तुम हमसे अलग हो, हमारे देश के नहीं हो।
इन सारे व्यवहार के बदले उन्होंने हमें क्या दिया। देश के लिए बेहतरीन खिलाड़ी? भारत पर मर मिटने वाले बहादुर सैनिक? बेहतरीन कलाकार?
आज अरुणाचल प्रदेश में लोग मिलते ही "जय हिंद" और वंदे मातरम् से अभिवादन करते हैं। मणिपुर के मैतेई समाज को गर्व है कि अर्जुन की पत्नी चित्रांगदा हमारी बेटी थी।
नागा इस बात पर गर्व करते हैं कि हम बहादुर और वीर लोग हैं जो भारत की रक्षा के लिए प्राण न्योछावर करने को तैयार हैं।
अगर वो seven Sisters हैं तो हम उनके 21 भाई हैं। और अपनी बहनों के बारे में कोई ग़लत बोले, ये कोई भाई कैसे बर्दाश्त कर सकता है?
नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमि
I humbly appeal to all of you. You gave the Congress a chance for many years, the Communist Party for 34 years, and the TMC for 15 years.
Their track record is of pushing the state backwards, while the BJP’s track record is of taking people forward.
I urge the people of Bengal to, under the leadership of Modi ji, form a BJP government with a full majority in the state.
-Shri @AmitShah
सर्वेभ्यो नमो नमः।
जपहिं नाम जन आरत भारी।
मिटहिं कुसंकट होहिं सुखारी॥
जो प्राणी विशेष दुःखी हैं, नामस्मरणसे उनके भी कुसंकट मिट जाते हैं तथा उन्हें सुखकी प्राप्ति होती है। हमारे कलिपावनावतार श्रीगोस्वामीजीने कुसंकटसे यह लक्ष्य कराया है कि छोटे-मोटे दुःखोंका तो कहना ही क्या, नामस्मरणसे बड़े-बड़े संकट सहजहीमें मिट जाते हैं। श्रीनाम महाराज कुसंकट मिटाकर विश्राम नहीं लेते, वे जापकको सुखी भी कर देते हैं। इतिहासमें इसके अनेकों उदाहरण मिलते हैं। गजेन्द्र और द्रौपदीकी आर्त्त पुकारपर उन्होंने उनके संकटोंको बात-की-बातमें मिटाकर उन्हें भगवद्दर्शनरूप अनुपम सुख प्रदान किया। शर्त यह है कि नाम महाराजको जो पुकारता है, उसे अपने अथवा अपने सम्बन्धियोंके बलका भरोसा नहीं होना चाहिये। गोस्वामीजी महाराजने क्या ही सुन्दर कहा है -
सभा सभासद निरखि पट पकरि उठायो हाथ।
तुलसी कियो इगारहों बसन बेस जदुनाथ॥
द्रौपदीने पहले सभाकी ओर तथा फिर सभासदोंकी ओर देखा और जब उनसे भी रक्षा होती न देखी, तब निराश होकर अपने हाथसे वस्त्रको थामे रही । परन्तु जब इससे भी काम बनता न देखा तब उसने नाम महाराजकी शरण ली और हाथ ऊँचे उठाकर आर्त्तभावसे प्रार्थना की भगवान्ने जब देखा कि अब तो यह अपना बल भी हारकर बलिहार हो चुकी, तब उन्होंने दस प्रसिद्ध अवतारोंके अतिरिक्त ग्यारहवाँ वस्त्रावतार धारण किया। श्रीभगवान्का स्मरण-चिन्तन ही लौकिक-पारलौीकिक सुखप्राप्तिका एकमात्र सुगम साधन है। इसके लिये विरक्त वेष धारण करनेकी आवश्यकता नहीं है। हृदयमें प्रभुका प्रेम होना चाहिये, फिर चाहे हम प्रवृत्तिमार्गमें रहें या निवृत्तिमार्गमें । प्रभुका अनुराग बड़े भाग्यसे प्राप्त होता है--
जा पर तृन लौं वारिये राग बिराग सुहाग।
बड़े भाग सों पाइये सो अगाध अनुराग॥
जय श्रीराम 🙏
Я рад приветствовать в Дели своего друга - Президента Путина. С нетерпением жду наших встреч сегодня вечером и завтра. Дружба между Индией и Россией проверена временем; она принесла огромную пользу нашим народам.
@KremlinRussia_E
Delighted to welcome my friend, President Putin to India. Looking forward to our interactions later this evening and tomorrow. India-Russia friendship is a time tested one that has greatly benefitted our people.
@KremlinRussia_E