देश में ग़ज़ब तमाशा चल रहा है।
NEET के Re-Exam रिजल्ट में भी भारी गड़बड़ी।
कानपुर, यूपी की आर्या सिंह ने NEET परीक्षा दी। Answer Key के हिसाब से 609 नंबर आने चाहिए थे, लेकिन ऑनलाइन पोर्टल पर 540 नंबर दिखे।
2 घंटे बाद यही रिजल्ट बदलकर सिर्फ़ 167 रह गया।
आर्या सिंह अब अपनी फैमिली के साथ जंतर–मंतर पर प्रोटेस्ट में शामिल होने गई हैं और कोर्ट जाने की बात कह रही हैं।
कानपुर, यूपी की आर्या सिंह ने NEET परीक्षा दी। आंसर–की के हिसाब से 609 नंबर आने चाहिए थे, लेकिन ऑनलाइन पोर्टल पर 540 नंबर दिखे। 2 घंटे बाद यही रिजल्ट बदलकर सिर्फ़ 167 रह गया। आर्या सिंह अब अपनी फैमिली के साथ जंतर–मंतर पर प्रोटेस्ट में शामिल होने गई हैं और कोर्ट जाने की बात कह रही हैं। #neet
“NEET की निष्पक्षता पर फिर सवाल!”
कानपुर की एक छात्रा का आरोप है कि OMR शीट के मिलान के अनुसार उसके 609 अंक बन रहे थे, लेकिन NTA की वेबसाइट पर कुछ ही घंटों के भीतर उसका परिणाम 167 अंक दिखाया गया।
यह आरोप NEET परीक्षा की पारदर्शिता, निष्पक्षता और लाखों छात्रों के भरोसे पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
प्रधानमंत्री जी और शिक्षा मंत्री जी, छात्रों के भविष्य से जुड़े ऐसे मामलों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कब होगी?
आखिर लाखों मेहनती छात्रों का विश्वास परीक्षा प्रणाली में कब लौटेगा?
#NirmalChoudhary
प्रधानमंत्री जी,
श्री राम मंदिर में करोड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ अपनी कमाई अर्पित की - वहां हुई चंदा चोरी अब किसी से छुपी नहीं है।
ट्रस्ट के हर सदस्य को आपकी सरकार ने चुना था। इस चंदा चोरी पर आपकी चुप्पी अस्वीकार्य है।
तत्काल स्वतंत्र जांच कराइए, पूरा हिसाब सार्वजनिक कीजिए और दोषियों को कानून के कटघरे में लाइए।
आपकी सरकार की विश्वसनीयता अब आपकी कार्रवाई पर निर्भर है।
सर्वे की ओट में अधिकारों पर चोट.. आखिर भाजपा सरकार की भर्तियों में ये कैसी आरक्षण व्यवस्था है?
नागौर जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका भर्ती के 146 पदों में सामान्य वर्ग के लिए 126, अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के लिए 12, अल्पसंख्यक वर्ग के लिए 8, जबकि SC और OBC वर्ग के लिए 0 पद। आखिर आरक्षण का ये कैसा वर्गीकरण है? ये कैसी व्यवस्था है जहां दो वर्गों के हिस्से में एक भी पद न आए?
क्या सामाजिक न्याय का अर्थ यही रह गया है कि किसी वर्ग का प्रतिनिधित्व शून्य कर दिया जाए? अगर सर्वे के आधार पर ऐसी स्थिति बन रही है, तो सरकार बताए कि फिर आरक्षण व्यवस्था का वास्तविक उद्देश्य क्या रह जाता है?
ये पहला मौका नहीं है, भाजपा सरकार की भर्तियों में लगातार आरक्षण के प्रावधानों की अनदेखी की जा रही है। LDC, चतुर्थ श्रेणी, वनपाल एवं द्वितीय श्रेणी की जैसी कई भर्तियों में आरक्षण से छेड़छाड़ करके अधिकारों को छीना गया है। ये बेहद गंभीर है कि सरकार विसंगतियां दूर करने की जगह संवैधानिक हक छीनने में लगी है। सरकार को इस मामले में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
@BhajanlalBjp@RajCMO
आपातकाल का ढोल पीटने वाले आज देश में अघोषित आपातकाल चला रहे हैं। धरना-प्रदर्शन का अधिकार छीन रहे हैं, बोलने की आज़ादी पर पहरा बिठा रहे हैं। और जो सरकार से सवाल पूछे, उसे एजेंसियों व पुलिस के दम पर चुप करा रहे हैं.. यही BJP का नया लोकतंत्र है।
युवाओं के भविष्य और पेपर लीक जैसे गंभीर विषय पर 21 दिन से शांतिपूर्ण अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक जी को जबरन उठाकर बता दिया कि मोदी सरकार संविधान में नहीं, सत्ता के अहंकार और तानाशाही में विश्वास करती है।
ये सिर्फ़ @Wangchuk66 जी का अपमान नहीं, संविधान के अनुच्छेद 19 और हर भारतीय के लोकतांत्रिक अधिकार पर हमला है। BJP की सरकारें संवाद से नहीं, पुलिस, दमन, डर और षड्यंत्र से देश चलाना चाहती हैं। उन्हें हर वो नागरिक दुश्मन दिखाई देता है जो सिस्टम से सवाल पूछता है।
लेकिन इतिहास गवाह है.. सत्ता का अहंकार कभी नहीं चला। सत्याग्रहियों पर लाठी, गिरफ़्तारी और दमन से आवाज़ें नहीं दबतीं, बल्कि और बुलंद होती है। जिस तरह किसानों, खिलाड़ियों और युवाओं ने झुकने से इनकार किया, उसी तरह पेपर लीक, परीक्षा व्यवस्था में सुधार और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की लड़ाई भी रुकने वाली नहीं है।
#NEETPaperLeak #Protest
#SonamWangchuk
जिन भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों ने भगवान के ख़जाने में हाथ डालकर ‘धर्म-धन’ चुराने तक का दुस्साहस कर लिया, वो किसी पुजारी और इंसान का मान क्या करेंगे। बेहद निंदनीय!
वैधानिक कार्रवाई हो।
जो भाजपा का साथी, वो रामघाती!
#CC_to_CC
राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था की सच्चाई यह है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को अपनी पढ़ाई छोड़कर शिक्षक मांगने के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है।
राजस्थान के जालौर में PM-Shri राजकीय विद्यालय की छात्राओं का यह आंदोलन देखने के बाद भी क्या डबल इंजन की सरकार को शर्म नहीं आ रही?
BJP ने एजुकेशन सिस्टम को तबाह करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। मगर सरकार याद रखे- करोड़ों बच्चों के भविष्य को तबाह करने वालों को जनता माफ नहीं करेगी। इन छात्राओं के हौसले को भी सलाम, जिसने सरकारों में बैठे प्राइवेट शिक्षा माफिया के गुलामों को आईना दिखाया है।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर 20 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक जी के स्वास्थ्य को लेकर चिंता है। उनकी माँग सही है व उनके संघर्ष का अभिवादन है लेकिन साथ ही उनसे निवेदन हैं कि स्वास्थ्य को देखते हुए अपनी भूख हड़ताल के समापन पर विचार करें।
हम सब कांग्रेस पार्टी में लोकसभा नेता विपक्ष श्री @rahulgandhi जी के नेतृत्व में देश भर में नीट पेपर-लीक जैसे छात्र हितों से जुड़े विषयों पर ‘छात्रों की गूँज' कार्यक्रम के नाम से आंदोलनरत है। कांग्रेस पार्टी निरंतर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग कर रही हैं और मुख्य विपक्षी पार्टी के नाते हम इस लड़ाई को निर्णायक मोड़ तक लड़ेंगे।
जालौर के सरकारी विद्यालय में छात्राओं का विरोध प्रदर्शन प्रदेश की बदहाल शिक्षा व्यवस्था की तस्वीर है।
जब स्कूल 2-4 शिक्षकों के भरोसे चलेंगे, तो बच्चों का भविष्य कैसे संवर पाएगा?
आखिर शिक्षा मंत्री और सरकार कब तक छात्रों की आवाज़ से मुंह मोड़ते रहेंगे?
#NirmalChoudhary
परीक्षाओं के प्रश्नपत्र बिकने लगे या लीक होने लगे, सवाल पूरी व्यवस्था पर उठते हैं। लेकिन इसकी सबसे बड़ी कीमत अभ्यर्थी चुकाता है, जिसने वर्षों तक ईमानदारी से मेहनत की, संघर्ष किया और अपने बेहतर भविष्य के लिए उम्मीद बनाए रखी।
पेपर लीक युवाओं के अधिकारों, उनके आत्मविश्वास और उनके भविष्य पर हमला है। न्याय की यह लड़ाई तभी पूरी होगी, जब व्यवस्था में सुधार होगा और परीक्षाएं पारदर्शिता, निष्पक्षता और समान अवसर के साथ आयोजित की जाएगी।
किसी भी युवा का भविष्य पेपर लीक और भ्रष्टाचार के कारण खराब नहीं होना चाहिए।
#ChhatronKiGoonj
"ये किसी राजनीति का विषय नहीं है, बल्कि देश के बच्चों के भविष्य से जुड़ा मामला है"
◆ एक्टर इमरान खान ने सोशल मीडिया पर किया पोस्ट
#ImranKhan | Imran Khan | #NEET | Sonam Wangchuk
बॉलीवुड अभिनेत्री आकांशा सिंह उतरी सोनम वांगचूक के समर्थन मे..🔥
लेकिन अभी तक सोनम वांगचूक के नाम पर करोड़ों पैसे छापने बनाने वाली "थ्री इडियट" स्टारकास्ट अभी तक चुप क्यों है सिवाय चतुर के
देहरादून के छात्र नेता प्रतिपक्ष श्री @RahulGandhi जी का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं।
मोदी सरकार और धामी सरकार की नाकामी ने पेपर लीक, भर्ती घोटालों और बदहाल शिक्षा व्यवस्था से लाखों युवाओं का भविष्य संकट में डाल दिया है। अब छात्र जवाब मांग रहे हैं और अपने अधिकारों की लड़ाई के लिए एकजुट हो रहे हैं।
“छात्रों की गूंज”
17 जुलाई । देहरादून
#ChhatronKiGoonj