गरीब सामान्य वर्ग की लड़की है, जिसकी 650 रैंक थी, फिर भी उसका चयन नहीं हुआ। दूसरी तरफ एक अमीर बाप का बेटा है, जिसका 6500 रैंक पर चयन हो गया और उसका बाप एक शानदार पार्टी आयोजित करेगा।
अंतर केवल जाति और आरक्षण का है।।
क्या आरक्षण की समीक्षा नहीं होनी चाहिए?
#educationreform#reservationreform राष्ट्र के लिए.
एजुकेशन रिफॉर्म और रिजर्वेशन रिफॉर्म राष्ट्र के भविष्य से जुड़े विषय हैं। मैं सभी राष्ट्रहित में सोचने वाले नागरिकों से अनुरोध करता हूँ कि वे इस विषय पर खुली और रचनात्मक चर्चा का समर्थन करें। यह आंदोलन किसी जाति या समुदाय के विरोध में नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग के लिए है।
मेरा मानना है कि यदि गरीब, वंचित और शोषित वर्गों को कक्षा 1 से लेकर कक्षा 12 तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर विद्यालय, आवश्यक संसाधन और आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराया जाए, तो उन्हें अपने सपनों को पूरा करने के लिए अधिक अवसर प्राप्त होंगे। हमें ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए, जहाँ प्रत्येक बच्चे को समान प्रारंभिक अवसर मिलें और वह अपनी क्षमता के आधार पर आगे बढ़ सके।
आज भारत को स्वास्थ्य, विज्ञान और अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में विश्व के अग्रणी देशों की श्रेणी में लाने के लिए शिक्षा में व्यापक सुधारों की आवश्यकता है। एक मजबूत और समावेशी शिक्षा प्रणाली ही देश की वास्तविक शक्ति बन सकती है। हमें इस बात पर गंभीरता से विचार करना होगा कि आने वाली पीढ़ियों को कैसे बेहतर अवसर और उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान की जाए।
यदि हम भारत को इन क्षेत्रों में नंबर वन बनाना चाहते हैं, तो शिक्षा सुधारों पर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा और ठोस कदम उठाना आवश्यक है। आप सभी से अनुरोध है कि इस विषय पर अपनी आवाज़ उठाएँ, सकारात्मक संवाद को आगे बढ़ाएँ और इसे सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करें।
माननीय बेसिक शिक्षामंत्री @thisissanjubjp जी आपसे सादर अनुरोध है,कि परिषदीय विद्यालयों की समयावधि सुबह 8:00 बजे से 1:00 बजे तक करने की कृपा करें। आपसे उम्मीद है छात्रहित में सराहनीय निर्णय अवश्य लेंगे।
धन्यवाद!
छात्रों ने आपको अपनी आवाज़ बनाया। हमने आपका समर्थन किया, आपको फॉलो किया, आपकी बातों को आगे बढ़ाया। आज आप हमारे नाम पर प्रदर्शन कर रहे हैं, तो हमारा यह पूछना कि "आपने छात्रों के लिए क्या किया?" कोई बदतमीज़ी नहीं है। #neet#harshdubey
मेरे शर्ट के नीचे फटी बनियान हैं आपके स्टूडियो में मै इज्जत ढक के आया हु - नीट टॉपर हर्ष दुबे
हमने परमिशन मांगी इस सरकार ने नहीं दिया
और आतंकियों को परमिशन एयरपोर्ट पर जाके पहुंचाया जाता है
इस देश में 90% बच्चे आत्म हत्या करते है वो सामान्य वर्ग के होते हैं NEET पेपर लीक में जो मरे हैं वो अधिकतर सामान्य वर्ग के है
कोई नहीं बात करना चाहता इसपर
मेरे साथ पढ़ने वाले जिनके बाप हॉस्पिटल हैं बड़ी बड़ी नौकरी थी उनका सिलेक्शन आधे आधे नंबर पर हुआ
आरक्षण केवल जाति आधारित नहीं राज्य अनुसार भी है इस लेवल तक आरक्षण को सिस्टम में घुसा दिया गया है
560 में यूपी बिहार के बच्चों का सिलेक्शन नहीं होगा
लेकिन 530-540 में अलग राज्य के बच्चों का सिलेक्शन हो जाएगा
अब बताओ सवर्णों तुम्हारे अंदर शर्म की पानी है कि नहीं कब हम बोलेंगे ?
इस NEET के टीचर ने मंच पर आग लगा दी
CJP से लेकर अखिलेश राहुल गांधी तक सबको हिला डाला.. चांदी के चम्मच लेकर पैदा हुए ये लोग क्या घंटा बताएंगे NEET की प्रॉब्लम पर
ऐसी बाते बोली कि विपक्ष सुन्न हर कोई शांत रहा गया
हर्ष दुबे भाई सैल्यूट हे आपको 🫡
ये आग रुकनी नहीं चाहिए! 🔥🔥
आरक्षण का मुद्दा अब दूसरे न्यूज़ चैनल भी उठा रहे हैं।
इतनी ज़ोर से आवाज़ उठानी है कि हर जगह सुनाई दे। 🔥🔥
शाबाश भाई! 👏🔥 @Harshdubey9956#EndReservation
@uppolice@dgpup@hardoipolice FIR दर्ज कर सख़्त कार्रवाई करें।
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल है जिसमें शहीद भरत भूषण तिवारी' जी के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहा है -
दिन ब दिन जातीय पोस्ट कर रहा है हरदोई प्रशासन से निवेदन है जांच व संज्ञान में लेने की कृपा करे -
देखिए इन जवानियां गांव के सामंती करोड़पति ब्राह्मणों को
बाकी जातियों को तो बसने के लिए जमीन मिली थी बिलौटी में बसने के लिए जिनके लिए शहीद भरत तिवारी जी अपनी जान दे दिए
लेकिन उसी गांव के ब्राह्मण भूमिहार और यादव को जमीन तक नहीं दिया गया लिस्ट में नाम तक नहीं रखे गए
जब गांव सही था तो इन्हीं ब्राह्मणों ने अपने जमीन पर बाकियों को बसाया था और आज यही ब्राह्मण खाने और रहने के मोहताज है
सरकार से लेके संविधान तक ये सामंती और शोषक हैं
यशस्वी मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी दूरस्थ जनपदों में कार्यरत हुए 10 वर्ष से अधिक हो तीन बार स्थानांतरण किया गया उसमें कनिष्ठ शिक्षकों का स्थानांतरण हो जाता है वरिष्ठ शिक्षक आज भी इंतजार कर रहा है
बुजुर्ग माता-पिता ऐसे पड़ाव में है उन्हें हमारी बहुत आवश्यकता है🙏
@CMOfficeUP
माननीय बेसिक शिक्षामंत्री @thisissanjubjp जी जनगणना 2027 के कार्य के बदले माध्यमिक शिक्षकों को अर्जित अवकाश मिल रहे, बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों के साथ अन्याय क्यों??
#बेसिक_शिक्षकों_को_EL_दो
परीक्षा के नाम पर यह सब करना बहुत गलत है, चूड़ी उतरवाना, कलावा कटवाना, जनेऊ उतरवाना यह सब संस्कृति के खिलाफ है परीक्षा नियंत्रकों को इसके लिए कार्यमुक्त कर देना चाहिए।
माननीय बेसिक शिक्षामंत्री @thisissanjubjp जी GIC स्कूलों में शिक्षकों के लिए स्थानांतरण नीति का आदेश जारी हो गया, बेसिक के शिक्षक भी आपसे बहुत उम्मीद लगाएं हुए हैं, माननीय मंत्री जी इस बार स्थानांतरण प्रक्रिया को गति प्रदान करेंगे,आखिर कब??
#बेसिक_शिक्षकों_का_स्थानांतरण
@RajGovOfficial@CMODelhi और @CMMadhyaPradesh की सरकारों ने शिक्षकों की मेहनत का सम्मान करते हुए उन्हें जनगणना कार्य के बदले EL की सुविधा दी है । UP का बेसिक शिक्षक भी इस नौतपा की तपती धूप में फील्ड और दफ्तरों के चक्कर काट रहा है। माननीय मुख्यमंत्री जी, आपसे न्याय की उम्मीद है।
@myogiadityanath@thisissanjubjp
#UP_शिक्षकों_को_EL_दो
माननीय मुख्यमंत्री जी, नौतपा की इस भयानक लू में शिक्षक पूरी निष्ठा से अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं और अपना ग्रीष्मावकाश गंवा रहे हैं। इस नि:स्वार्थ सेवा के बदले शिक्षकों को अर्जित अवकाश की सौगात देकर प्रोत्साहित करने की कृपा करें।
@myogiadityanath@CMOfficeUP#UP_शिक्षकों_को_EL_दो