धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारे education system को फिर से संवारने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है।
शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है।
सड़कों पर आ कर लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा में डट कर खड़े होने वाले हर एक युवा, हर छात्र को बहुत-बहुत बधाई।
2 मांगें अभी भी बाकी हैं - प्रधानमंत्री छात्रों और भ��रत के भविष्य को सम्मान देते हुए माफ़ी मांगें और छात्रों पर हिंसा के दोषियों पर कार्रवाई हो।
ये समाज के दूसरे वर्गों किसानों, मजदूरों, गरीबों, हर वो व्यक्ति जिसे इस सरकार ने दबाया है, कुचला है - अपने सम्मान के लिए संवैधानिक तरीके से डटकर खड़े होने में ही असली साहस है।
इस सरकार को हटाने का वक्त आ गया है।
डरो मत!
मैं देश के हर युवा साथी को भरोसा दिलाता हूँ कि न यह मुद्दा खत्म हुआ है और न ही यह आंदोलन।
आपका भाई हर कीमत पर आपके साथ खड़ा है। संसद से लेकर सड़क तक, इस लड़ाई को पूरी जिम्मेदारी, पूरी मजबूती और पूरी प्रतिबद्धता के साथ पहले भ��� लड़ी है और आगे भी पूरी ताकत के साथ लड़ूँगा। मैं केवल एक जनप्रतिनिधि नहीं, बल्कि आपका भाई हूँ। आपके अधिकार, सम्मान और भविष्य की इस लड़ाई में आख़िरी दम तक आपके साथ रहूँगा।
साथ ही मैं दिल्ली पुलिस से भी अपील करता हूँ कि इन मासूम, पढ़ने-लिखने वाले युवाओं पर लाठियाँ चलाकर अपनी वर्दी को दागदार न करें। ये बच्चे भी इसी देश के भविष्य हैं और किसी न किसी पुलिसकर्मी, किसान, मजदूर या आम परिवार के घर से ही न���कले हैं। स्थिति को संवेदनशीलता, धैर्य और कानून के दायरे में रहकर संभालिए। लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है।
वार्ता के बजाय दमन का रास्ता अपनाने से बात बनती नहीं, बल्कि बिगड़ती है।
मैं सभी युवा साथियों से भी अपील करता हूँ कि हर परिस्थिति में शांति, संयम और अनुशासन बनाए रखें। किसी भी उकसावे या अफवाह में न आएँ। हमारी सबसे बड़ी ताकत हमारी एकता, हमारा लोकतांत्रिक संघर्ष और संविधान पर हमारा विश्वास है।
हम लड़ेंगे, डटकर लड़ेंगे, लेकिन संविधान और लोकतंत्र के रास्ते पर चलकर अपने अधिकार लेकर रहेंगे।
जय भीम! जय संविधान!
WHEN WILL I END THE FAST….!
Not withstanding my health my fast continues till after the Sansad Chalo March, and will be broken only under the following circumstances…
प्रधानमंत्री मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं - इतने युवा विरोधी कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते।
152 पेपर लीक। 7.5 करोड़ छात्र पीड़ित। और सज़ा एक दोषी को भी नहीं। सजा किसे मिली? मेहनती युवाओं को।
और जब इन बच्चों ने शिक्षा के जायज़ सवाल उठाए - तो जवाब में मिली लाठी और हिरासत। लीक करने वाले अपराधी आज़ाद - और वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्र घसीटे जाते हैं, पीटे जाते हैं।
यह सरकार सिर्फ़ युवाओं को नाकाम नहीं कर रही - उनपर टूट पड़ी है।
आज चतुर्थ श्रेणी भर्ती परीक्षा का परिणाम जारी हुआ है.. जहां मेहनतकश गरीब बेरोजगार छात्रों में खुशी होनी थी उसकी जगह सन्नाटा पसरा हुआ है..माननीय आलोक राज जी केवल डॉक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन हेतु दोगुणा के लिए 1/3 नेगेटिव मार्���िंग होते हुए भी 75% कट ऑफ का होना लाखों अभ्यर्थियों के साथ अन्याय प्रतीत होता है ।
राजधानी जयपुर छात्रों का हब है लेकिन यहां सलेक्शन वाले अभ्यर्थी मिल नहीं रहे हैं...
जहां RPSC में छात्र क्वालिफाई मार्क्स पर सलेक्शन ले रहे हैं वहीं अधीनस्थ बोर्ड में 75/80% वाला सेफ जोन में नहीं है । आखिर इतनी अप्रत्याशित कट ऑफ की वजह क्या है ??
हर बेरोजगार छात्र आपसे जवाब की आशा लगाए बैठा है..
कहीं ऐसा तो नहीं है कि आपक��� आंखों में धूल झोंककर अंदर ह�� अंदर पार्दर्शिता खत्म की जा रही हो ।
कुछ दिनों पूर्व इसी अधीनस्थ बोर्ड से सम्बन्धित गड़बड़झाला की खबरें अखबारों की हेडलाइन बनी थी..।
@alokrajRSSB @BhajanlalBjp
कल दिनांक 08 नवंबर 2025 (शनिवार) को अंता विधानसभा क्षेत्र से उप-चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी श्री नरेश मीणा के समर्थन में हेलिकॉप्टर से मांगरोल जाने का कार्यक्रम रहेगा जहां कृषि उपज मंडी,प्रांगण में दोपहर 12:15 बजे जन -सभा को संबोधित करने का कार्यक्रम रहेगा |
कल राज्यसभा में गृहमंत्री श्री अमित शाह द्वारा बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर को लेकर की गई टिप्पणी निंदनीय है।
कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे एवं श्री राहुल गांधी श्री अमित शाह की इसी सोच का बार-बार जिक्र करते हैं जिसकी मंशा भारत के संविधान को बदलने की है।
��्री अमित शाह की टिप्पणी भाजपा की संविधान और बाबासाहेब अम्बेडकर विरोधी सोच को उजागर करती है इसलिए ही उन्हें बाबासाहेब अम्बेडकर का नाम सुनने में भी आपत्ति हो रही है।
राजस्थान के टोंक जिले के देवली उनियारा विधानसभा उपचुनाव में हालात तनावपूर्ण हैं। प्रशासन द्वारा निर्दोष लोगों पर आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं, जो निंदनीय और शर्मनाक है। लोकतंत्र में इस तरह के तानाशाही रवैये की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। #RajasthanByeElections