@neeleshmisra@Rekhta@hindwiOfficial परिप्रेक्ष्य के बिना, इन दो पंक्तियों से कुशाग्र की प्रतिभा की परख नहीं होनी चाहिए। मैने इस युवक की कविताएं पढ़ी हैं और यक़ीन के साथ कह सकता हूं कि कुशाग्र हिंदी कविता के आकाश में उग रहा एक तारा है। आशा है सोशल मीडिया का हिंदवी के इस पोस्ट से जन्मा उद्वेग क्षणिक साबित होगा।
इस पोस्ट में प्रज्ञा मिश्रा ने माना है कि उसकी बहन अपने पति माना वाजपेयी के साथ इसलिए नहीं रहना चाहती थी, क्योंकि मानस की बहन मानसिक तौर पर बीमार थी।
सोचिये, जिस पुरुष के माता पिता नहीं है। एक बहन ही और भी मानसिक बीमार है। ऐसे पत्नी सहारा बनने के बजाय पति को छोड़कर अलग रहे और तलाक़ के लिए अर्जी डाल दे तो उस पति पर क्या गुजरेगी?
नौकरी करके अपना घर चलाने वाला वो पति अपनी जवान मानसिक बीमार को अकेले कैसे संभाल पाएगा?
ऊपर से, तलाक के बाद क्षतिपूर्ति आदि देने का अलग से प्रेशर होगा।
इसलिए, रिश्ते बुरे समय में ही परख में आते हैं और इस मामले में मानस वाजपेयी दुर्भाग्यशाली साबित हुए और दुर्भाग्यशाली साबित हो गया उनका परिवार।
प्रिय भतीजे, मजबूत युवा आवाज़, मीडिया पैनलिस्ट भाजपा श्री @Rmishra_Ram जी को जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
प्रभु श्री सीताराम जी महाराज की कृपा आप पर बनी
नितिन नबीन @NitinNabin ने सबसे बढ़िया काम किया है कि @amitmalviya को ज़िम्मेदारी से मुक्त किया है .. बस पार्टी कोई और ईनाम न दे दे। इस व्यक्ति ने न सिर्फ एक राष्ट्रीय पार्टी की भद पिटवाई है बल्कि युवाओं में समाज के प्रति नकारात्मक भाव पैदा करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है ..
सावन के तीसरे सोमवार पर बिहार के लखीसराय जिले के अशोक धाम (इंद्र दमनेश्वर महादेव मंदिर) में जलाभिषेक के दौरान बिजली का तार गिरने से फैले करंट, मची अफरा तफरी और भगदड़ से हुए दुखद हादसे में अनेक श्रद्धालुओं के घायल होने व 7 की असामयिक मृत्यु के समाचार से मर्माहत हूँ।
मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की उचित सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन नहीं होना एनडीए सरकार की प्रशासनिक कुव्यवस्था का परिचायक है।
शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं तथा मृतकों को श्रद्धांजलि!
सरकार मृतकों के परिजनों को मुआवजा राशि एवं घायलों के त्वरित इलाज की व्यवस्था करें। ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं।
10 Must Read Diverse Books on India:
1. From Plassey to Partition: A History of Modern India - by Sekhar Bandyopadhyay
1. India's Struggle for Independence - by Bipan Chandra
1. Social Background of Indian Nationalism - by A.R. Desai
1. India: Development and Participation - by Jean Drèze and Amartya Sen
1. Mohandas: A True Story of a Man, His People, and an Empire - by Rajmohan Gandhi
1. India: From Midnight to the Millennium and Beyond - by Shashi Tharoor
1. Society in India - by Ram Ahuja
1. Modernization of Indian Tradition - by Yogendra Singh
2. India After Gandhi: The History of the World's Largest Democracy - by Ramachandra Guha
3. A Brief History of Modern India by Rajiv Ahir (Spectrum's)
Which one is your favourite
आपको जानकारी के लिए यह बता दूँ कि मैं जाटव नहीं हूँ, मैं चमार हूँ, "गौतम" हूँ, ठीक है?
"जाटव समुदाय हमें अपने से बहुत नीचे समझता है, यहाँ तक कि हमारे साथ अपनी लड़कियों की शादी तक नहीं करना चाहता।"
इसीलिए तो सब-कैटेगरी नहीं करनी है ना?कहाँ हैं चंद्रशेखर और ये जातिवादी अंबेडकरवादी?
@BhimArmyChief
#EndReservation #ReservationReform
तेलंगाना के कांग्रेसी मुख्यमंत्री रेवंथ रेड्डी अपने राज्य में बारिश करवाने के लिए वरुण यज्ञ करवा रहे हैं
और खुद यज्ञ में यजमान बनकर बैठे ठीक है
अच्छी बात है अपनी अपनी श्रद्धा होती है
अब आप यह कल्पना करिए कि अगर यही यज्ञ मोदी करवाते और मोदी जी यजमान के रूप में बैठते या किसी बीजेपी शासित राज्य क्या मुख्यमंत्री अपने राज्य में बारिश करवाने के लिए वरुण यज्ञ करवाता और खुद यजमान के तौर पर बैठता
तो यही कांग्रेसी यही वामपंथी दोगले क्या क्या कहते कितना अपमान करते कि थोड़ा पढ़ लिख लिया करो या गोमूत्र गोमूत्र कहकर अपमानित करते
यही कांग्रेसी हैं कि उनके प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पास एक साधु गया और बोला कि मैं सपना देखा है मेरे आश्रम के नीचे बहुत सोना दबा है
तो मनमोहन सिंह ने उसे साधु के सपने के आधार पर खुदाई करने के आदेश दिए और सरकारी खजाने से 22 करोड रुपए खर्च करके कई दिनों तक खुदाई की गई और एक चवन्नी तक नहीं मिली
बहुत बड़ी ख़बर-
तेलंगाना के गर्वनर शिव प्रताप शुक्ला ने पंडित हरिशंकर तिवारी को उनकी 91 वीं जयंती पर याद किया।
उन्हें एक समर्पित जनप्रतिनिधि बताया और उनकी विरासत को भावी पीढ़ियों को प्रेरणा देने वाला बताया।
तेलंगाना गर्वनर के ऑफिसियल हैंडल से किया गया ये ट्वीट योगी आदित्यनाथ की विरासत के लिए भूचाल लाने सरीखा है।
पंडित हरिशंकर तिवारी और योगी आदित्यनाथ के बीच की शत्रुता जगज़ाहिर है।
ये विद्वेष इस हद तक है कि पंडित जी के न रहने के बाद उनकी मूर्ति का चबूतरा तक योगी के राज में बुलडोज़र से ढहा दिया गया।
अखिलेश यादव जितनी बार भी ‘हाता नहीं भाता’ कहते हैं,
वो योगी आदित्यनाथ की पंडित हरिशंकर तिवारी और उनके परिवार से इसी शाश्वत दुश्मनी का ही लेखाजोखा होता है।
ऐसे में तेलंगाना के गर्वनर शिव प्रताप शुक्ला, जो खुद गोरखपुर से आते हैं, का ये बयान अपने आप में एटम बम है।
गोरखपुर यूनिवर्सिटी की चाय में पहले से ही चीनी कम है!!
Reservation for SC ST OBCs in CA and CS exams is the next big policy change we should demand.
A large number of finance jobs are being created in India. Urgent policy change needed