मेरा सबस्टेशन हंसपुरम है शाम 7 बजे से गल्लामंडी बख्तौरी पुरवा आशा नगर की लाइट नदारद है। अभी तक कोई अतापता नहीं लाइट का ना ही संतुष्ट जवाब मिल रहे है @KESCoHQ@myogiadityanath@EMofficeUP
मेजर इक़बाल के पिता को यह समझाते हुए सुनिए कि आदित्य धर ने सभी अपमानजनक संवादों को इस तरह से कैसे लिखा कि सेंसर बोर्ड उन्हें काट ही नहीं पाया।
आदित्य धर की ओर से एक और बेहतरीन बारीकी 🔥
600 ट्रक, 400 बसें और 7 घंटे.
पिता ने ढूंढ निकाला स्कूल बस में बंद अपना बच्चा..!
Noida के एक निजी स्कूल में हैरान कर देने वाली लापरवाही सामने आई है, जिसने हर अभिभावक को सोचने पर मजबूर कर दिया.
यूकेजी में पढ़ने वाला एक मासूम बच्चा करीब 7 घंटे तक स्कूल बस के अंदर बंद रहा और किसी को इसकी खबर तक नहीं हुई
सुबह बच्चा बस में बैठते ही सो गया था
रास्ते में बस खराब हुई तो बाकी बच्चों को दूसरी बस में शिफ्ट कर दिया गया, लेकिन सो रहे बच्चे पर किसी का ध्यान नहीं गया.
स्कूल पहुंचकर बाकी बच्चों को उतार दिया गया उसे नहीं
बस को करीब 25 किलोमीटर दूर सेक्टर-81 के एक बड़े यार्ड में खड़ा कर दिया गया, जहां सैकड़ों ट्रक और बसें खड़ी थीं
जब बच्चे की नींद खुली, तो चारों तरफ सन्नाटा न दोस्त… न टीचर… न कोई आवाज
उसने रोते हुए दरवाज़ा पीटा, मदद के लिए चीखा लेकिन बंद एसी बस के लॉक गेट्स के पीछे उसकी आवाज घुटकर रह गई
उधर स्कूल प्रशासन की लापरवाही जारी रही
लेकिन एक पिता ने हार नहीं मानी
600 ट्रक, 400 बसों के बीच, 7 घंटे की बेचैनी के बाद आखिरकार पिता ने अपने कलेजे के टुकड़े को ढूंढ निकाला..!!!
What 19 year old Vedamurti Devavrat Mahesh Rekhe has done will be remembered by the coming generations!
Every person passionate about Indian culture is proud of him for completing the Dandakrama Parayanam, consisting of 2000 mantras of the Shukla Yajurveda’s Madhyandini branch, in 50 days without any interruption. This includes several Vedic verses and sacred words recited flawlessly. He embodies the finest of our Guru Parampara.
As the MP from Kashi, I am elated that this extraordinary feat took place in this sacred city. My Pranams to his family, the several saints, seers, scholars and organisations from all over India that have supported him.
मुम्बई कांदीवली स्टेशन के बाहर, सुबह नाश्ता बेचने वाला यह दम्पति आपको दिख जाएँगे
अंकुश शाह और अश्विनी शाह गुजराती युगल और यह काम खुद के लिए नहीं करते और इनको पैसे की कोई कमी भी नहीं है
आप विश्वास नहीं करेंगे, सुबह 4 बजे से 9:30 तक नाश्ता बेचने वाले ये दम्पति MBA पढ़े हैं और इनके पास अच्छी नौकरी भी है
हर दिन सुबह यह लोग अपनी 55 वर्षीय मराठी मेड/कुक/बाई द्वारा बने सामानों को बेचते हैं और सारी कमाई उन्हें सौंपते हैं ताकि वो अपने बीमार पति का इलाज करा सके और मेड के बच्चों की पढ़ाई, बिना किसी से मदद माँगे ढंग से हो सके
कांदीवली स्टेशन के बाहर, सरोवर resturant के पास इनके ठेले पर इडली, पाव, बन मशका, पोहा इत्यादि सुबह का नाश्ता सस्ते दामों पर मिलता है और, इस दुकान पर सुकून और सेवा की मुस्कान भी मुफ़्त मिलेगी
ऐसे हीं लोग एहसास दिलाते हैं कि इंसानियत आज भी ज़िंदा है 🙏🙏
गुजराती या हिंदी में लिखे बोर्ड तोड़ने वाले लोग इंसानियत की कद्र नहीं कर सकते
अगर सच्चे मन से मराठी मानुष हो तो किसी मुसीबत में फंसे मराठी मानुष की मदद करो
कांग्रेस पोषित मीडिया और कांग्रेस पोषित पत्रकारों के कारनामे!!
भारत के राष्ट्रीय चैनल पर कुख्यात आतंकी यासीन मालिक को यासीन साहब कहा जाता था
वह प्रधानमंत्री कार्यालय में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलता था
सोचिए कांग्रेस ने कितने कुकर्म किए हैं
आज मोदी राज में विंग कमांडर रवि खन्ना सहित 12 वायु सेना के अधिकारियों और दो जजों के हत्यारे यासीन मलिक तिहाड़ जेल में सड़ रहा है
#TheKashmirFiles
भारत के मुसलमान कभी पूर्व राष्ट्रपति कलाम साहब का जन्मदिन नहीं मानते, उनके कब्र पर नहीं जाते
भारत के मुसलमान कभी अशफाक उल्ला खान के कब्र पर नहीं जाते उनके जन्मदिन नहीं मनाते
भारत के मुसलमान कभी ब्रिगेडियर उस्मान के जन्मदिन को भव्य तरीके से नहीं मानते ना उनके कब्र पर जाते हैं
भारत के मुसलमान वीर अब्दुल हमीद के कब्र पर भी नहीं जाते और ना उनका जन्मदिन मनाते हैं
भारत के मुसलमानो को प्रिय कौन है ?
दरिंदा औरंगजेब
वह उसकी कबर पर जाते हैं उसको सेलिब्रेट करते हैं या फिर सालार गाजी मसूद जो महमूद गजनवी का भांजा था जिसने भारत में कत्लेआम किया था
@yadavakhilesh डेढ़ महीने लगातार महाकुंभ को कोसने के बाद महाकुंभ पर बकवास करने के बाद मुल्लाजी अपने असली धर्म में लौट गए हैं
देखा कैसे एक लाइन में मुबारकबाद दे दिया ना कोई तंज ना कोई बयान न कोई सलाह ना कोई कुछ
वही हिंदुओं का त्योहार रहता है तब इनकी शुभकामनाएं देखा करिए
प्रतिवर्ष की भांति इस बार भी बाबा बागेश्वर ने 300 कन्याओं का विवाह अपने खर्चे पर अपने आश्रम में अपने धाम में संपन्न करवाया
जो भी दामाद जी ठुमका नहीं लगाएंगे उनके साथ बिटियाओं को रवाना नहीं करेंगे विदाई में 😂😂😂
बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री जी ने सभी को नचवा ही दिया
सभी गरीब कन्याओं का विवाह धूम धाम से कराया गया ♥️
जय बालाजी सरकार🙌