मैं राहुल का फैन कभी नहीं रहा।
वह लीडर, फादर-फिगर, पेट्रिआर्च नहीं लगता। वह इनविंसिबल हीरो, वीर, शेर, चीता वीता नहीं लगता। उसके प्रति चमत्कृत होने का भाव मुझमें कभी नहीं रहा।
●●
उल्टे वह छोटे भाई सा लगता है।
जो बस वैसा ही है, जैसा वो है। सुनता नही, मानता नही। गलतियां करता है, गिरता है, उठता है, सम्भलता है।
कभी अच्छे मार्क्स लाता है, खुश कर देता है। कभी फेल हो जाता है। लेकिन तमाम उठने गिरने, पास-फेल के बीच मुझे मालूम है,
कि वह एक बेहतरीन इन्सान है।
●●
कभी एक पुत्र जैसा लगा।
ऐसा पुत्र जिसके बारे में मुझे मालूम है, कि वह इस दुनिया की गलाकाट स्पर्धा के बीच, एक अलग सूनी राह चुन चुका है।
वह खुद की बनाई नैतिक दीवारों के बीच जीना चाहता है। जो अपने मानदण्ड कुछ अलग ही बनाता है, जो आम नहीं, आसान नहीं।
वह वार अपने सीने पर झेलता है, लेकिन पलटकर वार नहीं करता। जिसे ऐसा बनता देख मै खीझता हूँ,
लेकिन जब ऐसा बन ही जाता है, तो गर्व भी करता हूँ।
●●
ऐसे लापरवाह पुत्र, या छोटे भाई के लिए एक संरक्षण भाव रहता है।
इससे पहले कि कोई वार उस तक पहुंचे, मुझे उस अस्त्र को बीच में लपककर, भोथरा कर देने की उत्कंठा रहती है।
लेकिन अब ये रिश्ता बदल रहा है।
●●
भारत जोड़ो ने यह बदल दिया है।
राहुल की ये तस्वीरें, बेतरतीब बढ़ी दाढी, आँखों के गिर्द झुर्रियाँ, बेफ़िक्र मुस्कान। लड़कपन के डिंपल छुप गए हैं,
अब उसकी जगह एक ठहराव है।
वैराग्य है, जो संतों में दिखता है, योगी के भाव हैं। एक गांभीर्य देख रहा हूँ।
एक ठंढ़ी ज्वालामुखी, जिसके गिर्द जाते-जाते, कोई अस्त्र खुद ही गल जाएगा। तो यह तस्वीर मुझे संरक्षण भाव, इस आत्मार्पित जिम्मेदारी वैसे ही मुक्त करती है, जो शुद्धोधन को सिद्धार्थ के बुद्ध हो जाने पर मिला होगा।
क्योकि पुत्र जब बुद्ध हो जाए, तो उसे किसी संरक्षण की जरूरत नहीं होती।
●●
राहुल को अपनी डेस्टिनी मिल गई है। वह उसकी तरफ चल रहा है, बढ़ रहा है।
देश उसके पीछे चल रहा है। शुद्धोधन की तरह मैं भी पीछे चल रहा हूँ।
भारत से, उसका यह एक नया रिश्ता है। मुझसे भी नया रिश्ता है...
ये रिश्ता क्या कहलाता है??
❤️❤️
@RebornManish
कम पदों पर दी गई वित्तीय स्वीकृतियां से सरकार की इमेज को खराब करने का अधिकारियों द्वारा एक बड़ा प्रयास है मुख्यमंत्री @ashokgehlot51 जी आप संज्ञान लेते हुए युवा हित में पद बढ़ाकर वित्तीय स्वीकृति जारी करवाये ।
चुनावी साल में इस प्रकार के फैसले से बेरोजगारों में काफी निराशा है।
राजस्थान में कछुआ चाल से चल रही भर्ती प्रक्रिया में कम पदों पर दी गई वित्तीय स्वीकृतियां से सरकार की इमेज को खराब करने का अधिकारियों द्वारा एक बड़ा प्रयास है मुख्यमंत्री @ashokgehlot51 जी आप संज्ञान लेते हुए युवा हित में पद बढ़ाकर वित्तीय स्वीकृति जारी करवाये ।
चुनावी साल में इस प्रकार के फैसले से बेरोजगारों में काफी निराशा है।
#जादूगर_साहब_एक_लाख_नौकरी_दो
@Radhemahwa राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित कॉलेज लेक्चरर भर्ती 2023 की परीक्षा अक्टूबर माह में ना होकर वर्ष 2024 में होगी।
सरकार और RPSC का यह अच्छा फैसला है जिससे अभ्यर्थियों को तैयारी के लिए पाठ्यक्रम अनुसार उचित समय मिल सकेगा।
आभार RM भाई ☺️ exam time par ho rha hai
@Radhemahwa राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित कॉलेज लेक्चरर भर्ती 2023 की परीक्षा अक्टूबर माह में ना होकर वर्ष 2024 में होगी।
सरकार और RPSC का यह अच्छा फैसला है जिससे अभ्यर्थियों को तैयारी के लिए पाठ्यक्रम अनुसार उचित समय मिल सकेगा।
आभार RM भाई ☺️
आज विभिन्न मांगों को लेकर गांधीनगर में विधायकों को एक मंच पर लाया गया और इन 5 विधायकों ने हमारी मांगों का समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री गहलोत जी से मांग पूरी करने का आग्रह किया।
स्टेनोग्राफर भर्ती 2018, संगणक भर्ती 2021, कॉलेज व्याख्याता भर्ती 2014-15 की विभिन्न मांग।