भारत में धर्म का पर्यायवाची रिलीजन या मजहब नहीं है बल्कि धर्म का व्यापक अर्थ
कर्तव्य,नैतिकता, आचरण जीवन के नैतिक मूल्य, आध्यात्मिकता है ।धर्म कर्तव्य की
अनुभूति कराता है धर्म राष्ट की आत्मा है
#जय_सियाराम 🙏🚩
#शुभ_संध्या_वंदन 🙏
प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने एक सुरसरि गंगा के समान समाज जीवन के भिन्न भिन्न क्षेत्रों को पल्लवित पुष्पित करने का कार्य किया है।
- शिक्षा में विद्या भारती ,
- विद्यार्थियों में ABVP,
- मज़दूरों में भारतीय मज़दूर संघ,
- किसानों में भारतीय किसान संघ,
- उद्योग क्षेत्र में लघु उद्योग भारती,
- दलित बस्तियों में सेवा भारती,
- बनवासी क्षेत्र में वनवासी कल्याण आश्रम,
- समाज में संस्कार हेतु संस्कार भारती,
- ज्ञान हेतु प्रज्ञा प्रवाह,
- विज्ञान हेतु विज्ञान भारती
- धर्म हेतु विश्व हिन्दू परिषद और
- राजनीति में विश्व की सबसे बड़ी पार्टी भारतीय जनता पार्टी के दोनों प्रधानमंत्री ।
- जब संघ के 25 वर्ष पूर्ण हुए 1950 में तब संघ का कोई भी स्वयं सेवक रहा व्यक्ति राजनीति में नहीं था।
- जबसंघ के 50 वर्ष हो गए 1975 में तब लोकतंत्र पर हुए सबसे बड़े आघात आपातकाल के राजनीतिक आंदोलन की सबसे प्रमुख संचालक शक्ति संघ ने निकले नेता व कार्यकर्ता थे।
- जब संघ के 75 वर्ष पूर्ण हुए 2000 ,तब भारत का प्रधानमंत्री एक स्वयं सेवक था। मात्र स्वयं सेवक ही नहीं विधिवत संघ का प्रचारक रहा स्वयं सेवक था स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेयी
- आज जब संघ के 100 वर्ष पूर्ण हए हैं 2025 तब भी भारत का प्रधानमंत्री विधिवत संघ का प्रचारक रहा स्वयं सेवक और लगातार तीसरी बार भारत का प्रधानमंत्री और विश्व का सबसे लोकप्रिय नेता बनकर उभरे हुए हमारे वर्तमान प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी हैं ।
- प्रधानमंत्री जी ने शताब्दी वर्ष का सिक्का जारी किया है संभवता स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार भारत की किसी मुद्रा पर माँ भारती का चित्र अंकित है।
घटनाओं यह सारी श्रंखला महज़ संयोग है या संघ एक दैवीय कार्य है इसका संकेत। इसका निर्णय अपने अपने राजनैतिक विवेक एक अथवा दुराग्रह के आधार पर लेने को सभी लोग स्वतंत्र हैं।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने कहा है कि राष्ट्र देव है हम उसकी आराधना के लिए सतत जलने वाले दीपक हैं।
संघ तो सतत राष्ट्र सेवा में तत्पर है ।
हम केशव के अनुयायी हैं,
हमने तो बढ़ना सीखा है।
लक्ष्य दूर है पथ दुर्गम है,
किन्तु पहुँच कर ही दम लेंगे।
बाधाओं के गिरि शिखिरों पर,
हमने तो चढ़ना सीखा है॥
अंधकार में बन्धु भटकते,
पंथ बिना व्याकुल दुख सहते।
पथ दर्शन दीपक बन,
तिल-तिल हमने तो जलना सीखा है॥
#RSS100Years
सूचना-
देश का कोई पिता नही होता,देश के बस लाल होते हैं ...लाल बहादुर शास्त्री जी 🙏
भारत मां के लाल को शत शत नमन 🙏🙏♥️
आज सिर्फ शास्त्री जी का सम्मान और दशहरा की बात होगी।और एक सीधी बात नो बकवास की "जिसने भी गांधी का महिमामंडन किया उसे ब्लॉक कर दिया जाएगा"
बरसात के बाद जो कीड़े निकलते थे
मच्छर जनित रोग उत्पन्न होते थे
वो सब दिवाली के पटाखों के धुएँ से कम हो जाते थे
लेकिन इनको सिर्फहिंदू त्योहारों का विरोध करना है
दीपावली के पटाखों का विरोध करना :- मोहन भागवत जी
“नरेंद्र मोदी सुन…” जैसी सड़कछाप भाषा देश के प्रधानमंत्री के लिए इस्तेमाल करना क्या राहुल गांधी के संस्कार हैं?
कहां से सीखा है इतना घटियापन? हिंदू धर्म तो हमेशा आदर और शालीनता की शिक्षा देता है।
क्या यही है कांग्रेस की राजनीति, जिसमें सम्मान का स्थान नहीं, केवल गाली और घटियापन है?