आपने हमारे लोकतंत्र के इतिहास में कभी देखा है कि सरकार के सांसद खुद संसद के बाहर प्रदर्शन करें? ये संसद नहीं चला पा रहे हैं, बेहद कमजोर और कायर हैं।
इस लोकतंत्र में युवाओं के साथ कैसा व्यवहार हो रहा है? जायज मांगों के लिए उनपर अत्याचार कर रहे हैं, लाठी और आंसू गैस चलवा रहे हैं। प्रधानमंत्री जो हर भारतीय की उपलब्धि का श्रेय लेते हैं, जो भारत के मंगल ग्रह पर जाने का भी श्रेय लेते हैं, वे पेपर लीक की जिम्मेदारी क्यों नहीं ले रहे? 152 पेपर लीक हुए और किसी को सजा नहीं हुई। मोदी जी को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
जब कोई “भीमटी” कहता है तो “भीम” का नाम गूंजता है , जब कोई “नीलचट्टी” कहता है तो नीला रंग याद आता है जो समता और सामाजिक न्याय का प्रतीक है।
ये शब्द हमें मज़बूत करते हैं। हम महिलाओं से ना कोई हमारी आवाज़ छीन सकता है, ना समाज और ना ही समाज का समर्थन।
चाहे मैं हूँ, “कंचना यादव” हों या “सारिका पासवान” तीनों बहुजन महिलाएं हैं, जिन्होंने बेड़ियों में बंधने से इनकार किया है।
बाबा साहब ने हमारी बेड़ियों से हमें मुक्त किया, उन बेड़ियों में हम दुबारा क़ैद नहीं हो सकते।
नफ़रत, हिंसा, पितृसत्ता और जातिवाद के ख़िलाफ़ “उलगुलान” था, है और जारी रहेगा।
We can be defeated but cannot be destroyed. We’ll rise from own ashes and wipe out the casteist and communal forces.
Together we stand , together we rise.
जंतर मंतर का आंदोलन पर अगले फेज़ में इंटर कर चुका है. जंतर मंतर पर फिलहाल जो बच्चों के बीच एनर्जी देखने को मिल रही है, उसका कोई मैच नहीं है. दिल्ली पुलिस की कार्रवाई ने चिंगारी को आग में बदल दिया है.
पुलिस हिरासत से छूटने के बाद की ये तस्वीर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की है।तस्वीर ये गवाही दे रही है कि उन्हें घसीटा गया है,एक पैर में जूता भी नहीं है।ये हाल नेता प्रतिपक्ष का है तो सोचिए युवा छात्रों के साथ क्या सलूक हुआ होगा…