है राजन! क्षात्र धर्म ही सर्वश्रेष्ठ है; शेष धर्म असंख्य है; और वे नाशवंत ही है, सब धर्म ही इस क्षात्र धर्म पर आश्रित है। इस कारण आर्य इसे श्रेष्ठ धर्म कहते आए है। आदिदेव नारायण से क्षात्र धर्म प्रवृत्त हुआ। संपूर्ण रीति से न जानकर भी, उस धर्म पर चलकर परम गति को प्राप्त करोगे।
@nitinmeshram_ आरक्षण भीख ही है और तथाकथित सामाजिक न्याय असल में सामाजिक प्रतिशोध है। और ये सब लोकतंत्र के कारण (असल में भीड़तंत्र के नाम पर) भीमवादियों के पाप कर्म है जो लोट के आएँगे । और फिर मनुस्मृति में लिखा है उससे भी बुरा हाल होगा ।
@sudhirchaudhary पहली बात- जब किसी के घर जाओ तो मेहमान की तरह अपने जूते उतार कर अन्दर जाना चाइए, खासकर जब महाराज ने स्वयं जूते नहीं पहने ।
दूसरी- जूते गंदे और भद्दे न पहनकर जाओ।
तीसरी- जिसके घर में मेहमान बनो उसे इज्जत से “जी” नाम के साथ लगा कर बोलो ।
यह भारतीय संस्कृति और common sense है ।
@SerpentForce ...चंद्रवंशी होने के कारण श्रीकृष्ण का स्वभाव और चरित्र चंद्रमा की तरह चंचल, कलात्मक, कूटनीतिक और परिस्थितियों के अनुसार ढलने वाला है।
सूर्य तत्व (स्थिरता और मर्यादा है, चंद्रतत्व गतिशीलता और कूटनीति है ।
श्री राम आदर्श हैं, श्रीकृष्ण यथार्थ l
@SunilAstay इतना छिपकर क्या बता रहा ?
अब स्वर्ण समाज अपना हक लेगा और संवैधानिक भेदभाव हटाकर समानता होगी ।
यूनिवर्सिटी जब सवर्णों की है, टैक्स का पैसा स्वर्ण का है , और मुफ़्त में तुम पढ़ो, फिर सीनाजोरी स्वर्ण पर?
@RajratnaWrites Gale me matki aur pichwade me jhadu lga kr bhi Bahujano ne vobhi 5000 Saal bina pani piye itna acha kaam kiya hai.. isliye fir abto aarakshn ki jrurat nhi hai tumko.
आज लाठी चार्ज कैसे हुआ ?
गौर से देखें।
क्योंकि बिल्कुल संयमित व अनुशासन के साथ संवैधानिक तरीके से रैली निकाले जा रहे थे।
लेकिन एक RPS अधिकारी की करतूत...!!
@RajratnaWrites Ye Govt Ki galati hai, ya caste ki? jab technology aa gyi, machine aa gyi fir kyu inse nali me kaam karvaya ja rha hai?
Yani tumahra bahujan vaad govt ko machine nhi laane de rha?
Caste system ka raaj hai ya samvidhan ka?
Ab ye drama nhi chelga vicitm card play krne valo ka.
भारतीय जनता पार्टी (BJP) जब से सत्ता में आई है, तब से उसने जनता को आपस में लड़ाने के अलावा कोई ठोस काम नहीं किया है। पहले धर्म के नाम पर लोगों को बाँटकर अपनी सत्ता बनाए रखने की कोशिश की गई। जब देश का युवा जागरूक हुआ, तो सरकार ने अपनी कुर्सी खतरे में देखकर UGC बिल लाकर युवाओं को जाति के नाम पर बाँटने का प्रयास किया। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी में इस UGC बिल पर अंतरिम रोक लगा दी।
अब भाजपा सरकार इसे दोबारा लागू करना चाहती है। इसी के विरोध में हमारे युवा साथी महिपाल जी और हजारों युवाओं ने लगभग 500 किलोमीटर की पदयात्रा की है। आज जयपुर में इसके विरोध में शांतिपूर्ण मार्च का आयोजन किया गया है।
मैं राजस्थान की भाजपा सरकार से कहना चाहता हूँ कि यदि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को पुलिस बल के माध्यम से रोकने का प्रयास किया गया, तो इससे स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो सकती है, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
देश में टकराव का माहौल किसी के हित में नहीं है। लोकतंत्र में जनता की आवाज़ को शांतिपूर्ण ढंग से उठाने का अधिकार सभी को है।
मुझे आशा ही नहीं, बल्कि पूर्ण विश्वास है कि आप सभी UGC बिल का खुलकर विरोध करेंगे।
#UGC_Roll_Back
@mahipalmakrana_
रिजर्वेशन के खिलाफ अपनी लड़ाई में एक बात का बहुत अच्छे से ध्यान रखें की आप नॉन-जनरल वालों से सहानुभूति की उम्मीद न रखें| जो लोग आपके 17-18 साल के बच्चों को शोषक बोलकर उनका हक़ खा रहे हैं और दिन रात जातीय राजनीति कर रहे हैं वो आपसे कभी सहानुभूति नहीं रखेंगे फिर चाहे आप कितना भी खुद को झुका लो उनके आगे| बल्कि उल्टा उनके हौंसले बुलंद हो जायेंगे ये देखके कि आप उनके सामने झुक रहे हैं और सहानुभूति की भीख मांग रहे हैं| लोगों की मानसिकता समझो|
अभी जातीय राजनीति "जिसकी लाठी उसकी भैंस" के सिद्धांत पर चल रही है| पता उनको भी है कि वो आपके साथ गलत कर रहे हैं पर आपके नुकसान से उन्हें इतने ज्यादा फायदे मिल रहे हैं कि वो अगर चाहें भी तो भी ये फायदे नहीं छोड़ेंगे| ये फायदे हर इंसान के जीवन की सबसे बड़ी ज़रूरतें हैं जो उन्हें ऐसे ही मिल रहे हैं| कोई भी इंसान ऐसे फायदे क्यों ही छोड़ेगा?
आपके खिलाफ संगठित तौर पर की जा रही कुंठित राजनीति सिर्फ इस बलबूते पर हो रही है कि उन्हें लगता है की वो कुछ भी कर सकते हैं, सरकार उनके वोट के लिए कुछ भी शर्त मानेगी ही मानेगी|
आप मानसिकता और न्यायिक चरित्र पढ़िए लोगों का और सहानुभूति अपने समाज से प्राप्त करिये|
@KamalSi20391276@Voiceofpavan ये तो हम जानते है कि हमारी उत्पति और रहस्य क्या है।
इसलिए तेरी ये पूरे क्षत्रिय समाज को नीचा दिखाने की कोशिश व्यर्थ है।
क्योंकि ये सेलेक्टिव cutting दिखाने वाले ये जरूर साबित करते है कि इनकी उत्पति किसी गटर से हुई है।
इसलिए अपनी कुंठा मिटाने के लिए अपने जैसा ढूंढ।