भारत की संस्कृति ने सदैव ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के भाव के साथ विश्व को शांति, सह-अस्तित्व और मानव कल्याण का मार्ग दिखाया है।
अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस पर आइए, संवाद, सद्भाव और करुणा के मूल्यों को सशक्त करते हुए एक शांतिपूर्ण एवं समरस विश्व के निर्माण का संकल्प लें।