शायद यह वीडियो वायरल नहीं होता, तो राष्ट्रीय मानव का दर्जा प्राप्त बैगा आदिवासी के साथ एक माह पूर्व हुई बर्बरता मोदी जी के विकसित भारत की यात्रा में कहीं गुम हो जाती।
यह वीडियो मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के निगाही परियोजना क्षेत्र का है। एक माह पहले बैगा आदिवासी अपनी पत्नी के साथ जंगल में जड़ी-बूटी व लकड़ी लेने के लिए गया हुआ था। उक्त परियोजना क्षेत्र में सरकार द्वारा नियुक्त प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी के सुरक्षाकर्मियों ने नजदीकी जंगल में अपनी आजीविका के लिए घूम रहे बैगा आदिवासी को बुरी तरह से पीटकर अधमरा कर दिया।
बैगा आदिवासी के साथ हुई बर्बरता की न तो किसी ने पीड़ा सुनी और न ही कोई कार्यवाही हुई। जब यह एक माह बाद वीडियो वायरल हुआ, तो पुलिस हरकत में आई और प्रकरण दर्ज कर कार्यवाही की खानापूर्ति की।
अब सवाल यह है कि क्या अगर वीडियो वायरल नहीं होता, तो इस राष्ट्रीय मानव बैगा आदिवासी के साथ बर्बरता करने वाले कायर सुरक्षाकर्मियों पर मुकदमा दर्ज होता ?
सवाल यह भी है कि इस तरह देश में कितने आदिवासियों और दलितों के साथ प्रतिदिन बर्बरता होती होगी ? लेकिन शायद उनके वीडियो वायरल नहीं होते होंग
मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51 भाषणों व होर्डिंग्स में ही आदिवासी और दलितों के विकास व न्याय की बात करने से काम नहीं चलेगा। जिन जंगलों को उद्योगपतियों के हवाले कर आदिवासियों को विस्थापित करने का काम किया जा रहा है, उन जंगलों को आदिवासियों ने अपना घर समझकर संभाला है।
गृह मंत्री @AmitShah जी, शायद आपने नक्सलवाद मुक्त होने का दावा नहीं किया होता, तो ये प्राइवेट गुंडे इस आदिवासी को भी मारकर नक्सलवादी घोषित कर देते ?
प्रधानमंत्री @narendramodi जी, उक्त घटना के साथ-साथ पूरे देश में आदिवासियों को जंगलों में इस तरह प्रताड़ित किया जाता है, उन सभी पर अंकुश लगाया जाए।
महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी, बैगा आदिवासी को राष्ट्रीय मानव का दर्जा प्राप्त है। आप एक सर्वोच्च पद पर होने के साथ ही आदिवासी समुदाय से आती हैं। आदिवासी क्षेत्रों में असंवैधानिक रूप से आने वाली समस्त परियोजनाओं पर रोक लगाकर आदिवासियों को संरक्षण प्रदान करें।
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#कटनी :- लमतरा ब्रिज के पास बारातियों से भरी बस पलटने की सूचना रात्रि 03.45 प्राप्त होने पर तुरन्त कुठला पुलिस द्वारा मौके पर पहुंचकर बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला, बस में लगभग 60 यात्री सवार थे जिसमें से 06 को गंभीर चोटे एवं 30 यात्रियों को मामूली चोटे आई है!
#MPPCares
मध्यप्रदेश के कटनी में दलित परिवार के 15 साल के एक नाबालिग युवक और उसकी मां के साथ थाना प्रभारी व पुलिस की ये क्रूरता मानवता को शर्मसार कर देने वाली है। क्या ये एक लोकतांत्रिक देश का दृश्य है?