@ulbharyana@cmohry@csharyana महोदय पिछले 1 महीने से रेवाड़ी में सफाई कर्मियों की हड़ताल की वजह से सफाई नहीं हुई थी लेकिन अभी 3 दिन से गली की सफाई करवाने के लिए प्रयास कर रहा हूं। अब लग रहा है कि सिस्टम की कोई जवाबदेही नहीं है। यहीं है मोदी जी का स्वच्छ भारत
ईरान में जंग चल रही है, वह पाँचवे नम्बर पर है।
हांगकांग सातवें स्थान पर है, नार्थ कोरिया नौवें नम्बर पर है। कुवैत, क़तर, ताजिकिस्तान सब हमसे ऊपर हैं।
हमारी टीम 13 वें स्थान पर है।
और दावा विश्वगुरु होने का है!
कमाल है
ये तानाशाही की हद है। सीधा चेहरे और आँखों पर वाटर कैनन से प्रहार किया गया। पानी की बौछारों से मेरी ये लाल आँखें इनकी बर्बरता की गवाह हैं। हम भी इसी देश के नागरिक हैं, कोई अपराधी नहीं। क्या शांतिपूर्ण आवाज उठाने वालों पर इस तरह सीधा मुंह पर प्रहार करना चाहिए?
पानी की बौछारें हों या पुलिस के बैरिकेड, जनता के वोट पर डाका डालने वालों से जवाब और ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा लेकर रहेंगे।
आज📍चंडीगढ़ में विरोध प्रदर्शन
@kharge@RahulGandhi@priyankagandhi@kcvenugopalmp@SanjaySDutt@raonarenderinc@INCIndia@INCHaryana
सुप्रीम सिंडीकेट कैसे काम करता है:
जज साहब का बेटा चुनाव आयोग का वकील, केस मुख्य चुनाव आयुक्त की बेटी का और जज साहब का फैसला बेटी के पक्ष में.
जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा जिनकी कोर्ट में जस्टिस सूर्यकांत शर्मा ने ज्ञानेश कुमार की बेटी मेधा रूपम का केस बेंच बदल कर लगाया और जैसी उम्मीद थी मेधा रूपम पर हाई कोर्ट का लगाया 5 लाख रु का जुर्माना भी स्टे हो गया.
जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा का बेटा चुनाव आयोग का स्टैंडिंग काउंसिल है.
उसी दिन जस्टिस शर्मा चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति मामले पर सरकार के पक्ष में फैसला देते हैं.
लोकतंत्र, इंसाफ, नैतिकता और Conflict of Interest सबको एक ही स्ट्रोक में बाउंड्री के बाहर कर दिया जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सूर्यकांत ने.
अब तो खुलकर सामने आ गया है कि 'ज्ञानेश कुमार' सरकार के कहने पर सबकुछ कर रहा था !
लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण ये है कि, सुप्रीम कोर्ट ऐसा होने दे रहा है : प्रशांत भूषण, वरिष्ठ वकील
यह गैरकानूनी है!
फॉर्म-6 में बदलाव का अधिकार चुनाव आयोग के पास नहीं, संसद के पास है। फिर चुनाव आयोग ने इसे बदला कैसे? खुद चुनाव आयुक्तों ने इस पर सवाल उठाए हैं।
#SIR#Form6#VoterList
अमेरिकी और यूक्रेनी आतंकवादी को तुरंत बेल और घर जाने की छूट।
और जिस डॉ उमर खालिद पर पाँच साल के केस शुरू नहीं हो पाया, उसकी बेल लगातार ख़ारिज।
ग़ज़ब है
कमाल है
बड़ा आरोप।
ममता बनर्जी का सीट:
51 हज़ार वोट काटे गए। वह 15 हज़ार वोटों से हार गईं।
एम. के. स्टालिन का सीट:
1 लाख वोट काटे गए। वह 9 हज़ार वोटों से हार गए।
अरविंद केजरीवाल का सीट:
40 हज़ार वोट काटे गए। वह 4 हज़ार वोटों से हार गए।
क्या गंगाधर ही शक्तिमान है?
सोचने वाली बात है - सवाल चुनाव आयोग से पूछा गया, लेकिन आयोग से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस BJP ने कर दी! अब तो पत्रकार भी ज्ञानेश कुमार को बीजेपी से जोड़कर सवाल पूछ रहे हैं।
सवाल आयोग से, सफ़ाई बीजेपी की - ये रिश्ता क्या कहलाता है?
मोदी जी, ‘लोकचंद्र’ बर्बाद हो रहा है!
ज्ञानेश कुमार गुप्ता में जरा भी गैरत बची होगी
तो इस्तीफा देकर चले जाएंगे
वरना महाभियोग तो आएगा ही
भाजपा बचा भी लगी
तो भी दोनों के रिश्ते पर मोहर लग जाएगी 🇮🇳
हाँ ये वही कॉमरेड लड़की है जिसकी एक टक्कर से जंतर मंतर पर पुलिस वाली गिर गई थी।
दिल्ली में 17 साल की लड़की से गैंगरेप के बाद DU की छात्राएं खासकर LSR कॉलेज की, सड़कों पर हैं।
महिला सुरक्षा की मांग कर रही हैं और ऑनलाइन क्लासेज जैसे मूर्खवत डिसीजन का विरोध।
सारे विपक्ष को सड़क पर आना होगा। यह केवल एक पार्टी की समस्या नहीं है।
उत्तर दक्षिण पूरब पश्चिम की हर पार्टी को सड़क पर आना चाहिए। कोलकाता में ममता, लखनऊ में अखिलेश, पटना में तेजस्वी, श्रीनगर में उमर, मुंबई में ठाकरे बंधु, तमिलनाडु में स्टालिन…सबको
ब्रेकिंग न्यूज।
भारतीय जीवन बीमा निगम के डूबने की शुरुआत हो चुकी है।
भारत के करोड़ों लोगों का जीवन नरेंद्र मोदी सत्ता ने दांव पर लगा दिया है।
आज LIC के MD दिनेश पंत ने स्वैच्छिक रिटायरमेंट ले लिया।
इसलिए, क्योंकि मोदी सत्ता ने LIC को मुकेश अंबानी और चोर सुभाष चंद्रा के शेयर्स में पैसा लगाने पर मजबूर किया।
अब दोनों मामले की जांच सीबीआई कर रही है।
दिनेश पंत पर नरेंद्र मोदी के छोटे मालिक अडानी के शेयर्स में पैसा झोंकने का भी आरोप है। यह वॉलेंटरी रिटायरमेंट जवाबदेही से बचने के लिए है।
LIC अब डूबता जहाज है। पिछले 5 साल से LIC के रिटर्न नेगेटिव हैं। लोगों का पैसा डूबने जा रहा है।
नरेंद्र मोदी ने 140 करोड़ लोगों की जिंदगी उजाड़ दी है। देश बेच दिया है।
अब जाकर लोग जगे हैं। दिल्ली की सड़कों पर लोगों का सैलाब उमड़ा है। आधी दिल्ली जाम है।
एक ही नारा–नरेंद्र मोदी कुर्सी छोड़ो। सौजन्य- सौमित्र राय
गद्दार ज्ञानेश के लिए
▪️असम वाला भारत रत्न माँग रहा है
▪️बंगाल वाला पद्म भूषण माँग रहा है
अरे भाई, BJP को चुनाव जितवाने का एहसान चुका रहे हैं सब भाजपाई लंगूर!
दिल्ली पुलिस को आज साफ निर्देश था कि किसी भी सूरत में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले लोग जंतर मंतर तक नहीं पहुंच पाएं .
पुलिस जंतर मंतर के चारों तरफ पहले जबरदस्त किलेबंदी की .
कई लेयर की बेरिकेडिंग की और फिर सबको घसीटकर बस में बैठाकर ले गई .
पूरी रिपोर्ट मेरे यूट्यूब चैनल पर
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट पर सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन दाखिल हुई है.
अब जस्टिस सूर्यकांत फरवरी तक सेमीनार नुमा सुनवाई करेंगे, बीच बीच में सख्त ऑबसर्वेशन देकर हेडलाइन बनाएंगे और अंत में वही करेंगे जो SIR पर किया.
चुनाव आयोग के फैसलों की संवैधानिकता, रहस्यमई सॉफ्टवेयर, फॉर्म 6 में बेतुके बदलाव जैसे महत्वपूर्ण सवाल है सुप्रीम कोर्ट के सामने.