रसूलुल्लाह ﷺ ने
फ़रमाया:
مَا بَيْنَ بَيْتِي وَمِنْبَرِي رَوْضَةٌ مِنْ رِيَاضِ الْجَنَّةِ
“मेरे घर और मेरे मिम्बर के बीच की जगह जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ है।”
सहीह बुख़ारी: 1195 , सहीह मुस्लिम 1390
पूछा गया क���नसा इस्लाम बेहतर है ?
आप ﷺ ने फरमाया:-
“तुम खाना खिलाओ, और जिसको पहचानो उसको भी और जिसको ना पहचानो उसको भी, अलगर्ज़ सभी को सलाम करो”
(बुखारी 12)
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حقیقی غم یہ نہیں کہ تم بیماری یا غربت میں مبتلا ہو، یا مصائب کا سامنا کر رہے ہو۔ اصل غم وہ ہے جب تمہارا دل کانپ رہا ہو اور اللہ کی عنایت تم سے دور ہو، جب اس کی محبت اور نصرت کسی اور کے حصے میں آ جائے۔
बुखार को गाली देना
एक शख्स ने बुखार को गाली दी, बुरा भला कहा
रसूल अल्लाह ﷺ ने फ़रमाया:-
"इसे गाली ना दो, बुरा भला न कहो, इसलिए कि इससे गुनाह इस तरह खत्म हो जाते है जैसे आग स�� लोहे का कचरा साफ़ हो जाता है।
📗(इब्ने माजा 3469)
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