📢 Why have the last 30 Climate Summits failed? - Acharya Prashant's straight answer at the Cambridge Union 🌍
Big questions on the climate crisis raised from Cambridge's 800-year-old platform - Acharya Prashant's candid and clear-eyed analysis.
An in-depth conversation on the world's most pressing issues with Professor Jaideep Prabhu.
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NEET paper leak reflects a deeper crisis in education and society, says Acharya Prashant ~ The New Indian Express coverage
"(Acharya Prashant) accepted the need for external reform but called it incomplete. ‘By all means fight the wrongdoing in the system; that is your right. But if awareness does not awaken within, then however many changes you bring outside, things will remain just as they were, having only changed their names and forms.’"
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आचार्य प्रशांत ने सोनम वांगचुक से अनशन तोड़ने का किया आग्रह, सरकार से संवाद की अपील की
• दार्शनिक और लेखक आचार्य प्रशांत ने नीट यूजी पेपर लीक और छात्रों की आत्महत्या के बाद खड़े हुए आंदोलन पर बात की। उन्होंने कहा कि यह संकट केवल प्रशासनिक चूक नहीं बल्कि "हमारे शिक्षा तंत्र और समाज के किसी अधिक गहरे संकट का संकेत" है।
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सोनम वांगचुक जी का ट्रैक रिकॉर्ड दिखता है की वे एक गंभीर और सच्चे व्यक्ति हैं। उन्होंने अपने जीवन से दिखाया कि शिक्षा रट्टा मारने का नाम नहीं, सही जीवन जीने का नाम भी है।
भारत की सेवा वे जीवित रहकर अधिक कर सकते हैं। समाज को, लद्दाख को, भारत को, पर्यावरण और शिक्षा को उनकी ज़रूरत है। उनसे अपील है कि वे अपना अनशन तोड़ दें।
NEET पेपर लीक का संकट केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि हमारे शिक्षा तंत्र और समाज के किसी अधिक गहरे संकट का संकेत है।
हमें केवल व्यावसायिक शिक्षा नहीं चाहिए, हमें आत्म की सामूहिक शिक्षा, ‘मास- एजुकेशन-ऑफ़-द-सेल्फ’ चाहिए। अगर हम इससे बचते रहे, तो ऐसे हादसे बार-बार होते रहेंगे और हमारे बच्चों की जानें कभी किसी बहाने, कभी किसी और बहाने जाती रहेंगी।
सोनम वांगचुक के अनशन पर आचार्य प्रशांत की भावुक अपील
उन्होंने कहा— 'भारत, लद्दाख, पर्यावरण और शिक्षा को सोनम वांगचुक की ज़रूरत है. वे जीवित रहकर देश की अधिक सेवा कर सकते हैं। उनसे मेरा आग्रह है कि वे अपना अनशन तोड़ दें'
#SonamWangchuk#AcharyaPrashant#HungerStrike#India #TNNCard @Advait_Prashant
Acharya Prashant urges Sonam Wangchuk to break his fast, says on NEET crisis a system can't be honest if its builders are dishonest within
· Philosopher and author Acharya Prashant, speaking at length on the NEET paper leak, the student suicides and the protests that have followed, has said the crisis is not merely an administrative lapse but "a sign of a far deeper crisis in our education system and our society."
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पेपर लीक गंभीर मसला है, इस पर आवाज़ बिल्कुल उठनी चाहिए, यह हर छात्र का हक़ है। धांधली के खिलाफ लड़ना ज़रूरी है, और छात्रों की यह मांग पूरी तरह जायज़ है।
पर एक बात इससे कहीं गहरी है। पेपर तभी लीक होता है जब कोई बेचने को तैयार हो और कोई भारी दाम देकर खरीदने को भी। बाईस लाख अभ्यर्थी और कुछ हज़ार सीटें, इतनी भगदड़ में दलाल पैदा होंगे ही। पेपर का लीक होना इस बाज़ार की दुर्घटना नहीं, इस बाज़ार का उत्पाद है।
और यह बाज़ार न किसी दलाल ने सजाया, न किसी मंत्रालय ने। यह तो घर में बना है, रिश्तेदारों की बैठकों में बना है, अभिभावकों की निगरानी में बना है। जब तक यह भीतरी सच्चाई नहीं बदलती, बाहर की व्यवस्था कभी ईमानदार नहीं हो पाएगी।
आचार्य प्रशांत ने सोनम वांगचुक से अनशन तोड़ने का किया आग्रह, सरकार से संवाद की अपील की
अनशन तोड़िए, संवाद कीजिए
"बातचीत तो सज्जनता की निशानी है, संवाद शील का प्रमाण है। लोकतंत्र को यह शोभा नहीं देता कि सिर्फ बात करने के लिए एक समझदार और सम्माननीय नागरिक को अपने प्राण दांव पर लगाने पड़ें।"
सोनम वांगचुक पर
"जितना उनका ट्रैक रिकॉर्ड गवाही देता है, वे एक गंभीर और सच्चे व्यक्ति हैं। उन्होंने अपने जीवन से दिखाया कि शिक्षा रट्टा मारने का नाम नहीं, सही जीवन जीने का नाम भी है।"
पर बात अनशन पर नहीं रुकती — नीट संकट पर आचार्य प्रशांत:
"यह संकट केवल प्रशासनिक चूक नहीं बल्कि हमारे शिक्षा तंत्र और समाज के किसी अधिक गहरे संकट का संकेत है।"
22 लाख परिवारों का टूटा भरोसा
"22 लाख आवेदक, यानी 22 लाख परिवार। इन्होंने खेल के मैदान छोड़े, बचपन छोड़ा, त्योहार-उत्सव छोड़े और जब इन्हें पता चलता है कि पेपर लीक हो गया, तो सिर्फ एक परीक्षा नहीं टूटती, इनका भरोसा टूट जाता है।"
सिर्फ आंकड़ों में नहीं दिखता नुकसान
"किसी का भीतर से टूट जाना अपने आप में एक बड़ा आत्मघात है, जिसके आंकड़े कभी दर्ज ही नहीं होते।"
दुर्घटना नहीं, उत्पाद
"पेपर तभी लीक होते हैं जब कोई बेचने वाला हो और कोई भारी पैसे देकर खरीदने वाला भी। लीक होना इस बाजार में घटी कोई दुर्घटना नहीं, इस बाजार का उत्पाद है।"
अभिभावकों से सवाल
"आपके घर एक साधारण, सुंदर बच्चा जन्मा था। आपने उसे एंट्रेंस एग्जाम का प्रोजेक्ट कब बना दिया?"
"अगर आप उससे प्रेम करते, तो उसकी आत्म-गरिमा को किसी एक परीक्षा के परिणाम से न बांधते।"
बदलाव कहाँ चाहिए?
"व्यवस्था में जो धांधली है, उसके खिलाफ जरूर लड़िए, यह आपका अधिकार है। पर भीतर अगर बोध नहीं जागा, तो बाहर कितने ही बदलाव ले आइए, चीजें अपने नाम और रूप बदलकर वैसी की वैसी रह जाएंगी।"
शिक्षा कैसी हो?
"हमें केवल व्यावसायिक शिक्षा नहीं चाहिए, हमें आत्म की सामूहिक शिक्षा, 'मास-एजुकेशन-ऑफ-द-सेल्फ' चाहिए।"
एक शिक्षा जीविका देती है, एक जीवन देती है।
~ @Advait_Prashant ji
Actor Sonakshi Sinha comes out in support of @Wangchuk66 sir and the CJP’s protests saying, “Ab mujhse raha nahi gaya..”
The youth of India appreciates the support!