MADHUR ANANTESHWAR VINAYAK MANDIR, KASARGOD (KER)
Though the presiding deity is Shiva, the Mandir is more famous for Ganapathy. It is believed that, a "low caste" female by name "Madura" found an "Udbhava Murthy" (a murti that is not prepared by a human being) of shiva linga.
श्री गणेश और वास्तु…🏵️
भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करने के लिए शास्त्रों में कई प्रकार के नियम बनाये गए हैं—
1. जिनके काम हमेशा अटके रहते है व बाधाएं आती हैं ��न्हें घर में सिंदूरी रंग के गणेशजी रखने चाहिए और पूजन करना चाहिए
2. सुख समृद्धि और शांति के लिए घर में सफ़ेद रंग के गणेश रखने चाहिए या सफ़ेद रंग के गणेश जी की तस्वीर रखनी चाहिए
3. घर में गणेश जी की कभी भी ऐसी प्रतिमा नहीं लगानी चाहिए जिसमें वे खड़े हुए हों। बैठे गणेशजी घर में सुख समृद्धि और सफलता लेकर आते हैं
4. गणेश प्रतिमा अपने कार्यस्थल में रखना चाहते हैं तो खड़े हुए गणेशजी की प्रतिमा रखना ब���ुत ही शुभ होता है। इससे उस स्थान पर सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है
5. गणेश प्रतिमा स्थापित करते समय इस बात का ध्यान रखें कि उनका प्रिय वाहन मूषक उनके साथ हो और गणेशजी के हाथ में मोदक या लड्डू हो
6. पूजा स्थान में भगवान श्री गणेश की एक ही प्रतिमा होनी चाहिए
7. गणेश जी की मूर्ति घर के मुख्य द्वार पर अंदर की तरफ मुख करके रख सकते हैं
8. य��ि आपके घर का मुख्य द्वार दक्षिण की ओर हो तो ऐसे घर दक्षिण मुखी कहलाते हैं। ऐसे घर की चौखट के ऊपर दोनों ओर अंदर और बाहर गणेशजी प्रतिमा लगाने से यह दोष अपने आप मिट जाता है
9. गणेशजी का बंदनवार भी बहुत ही शुभ माना जाता है
10. घर के अंदर या बाहर गणेशजी की प्रतिमा इस प्रकार से रखें कि नमन करते समय मुख सदा उत्तर या फिर पूर्व की ओर होना चाहिए
11. कभी सीढ़ियों के नीचे वाले स्थान पर गणपति नहीं रखने चाहिए
12. गणेशजी की सूंड उनके बाईं ओर झुकी होनी चाहिए। यह खुशी और सफलता का प्रतीक है। दाईं ओर झुकी हुई सूंड वाली मूर्ति को प्रसन्न करना कठिन होता है क्योंकि यह सूर्य की शक्ति का प्रतिनिधित्व करती है और इसकी पूजा करते समय धार्मिक रूप से अनुष्ठानों का पालन करना पड़ता है
जय श्री गणेश🏵️🙏🏻
श्री प्रसन्न वीरआँजनेय स्वामी (बेंगलुरु) के अलौकिक दर्शन…
आज जानिए विशेषता हनुमान गदा की🏵️
धन के स्वामी कुबेर ने हनुमान जी को गदा भेंट की थी। यह हनुमान जी का सबसे शक्तिशाली हथियार माना जाता है।
गदा श्री हनुमान की अपार शक्ति ��ा प्रतीक है। इसका अर्थ अधर्म को नष्ट करना और धर्म को बनाए रखना भी है।
गदा धारण करने का मतलब है कि व्यक्ति को क्रोध, लोभ, अहंकार और मोह पर पूर्ण नियंत्रण होना चाहिए।
एक मत के अनुसार, जब गदा हाथ में ऊपर की ओर उठी होती है तो इसका अर्थ है कि स्थिति को सामान्य करने के लिए निर्णय और नियंत्रण शक्ति की आवश्यकता है।
नीचे की ओर गदा क��� मुख होना और पैर के ठीक सामने रखते हुए आराम से पकड़ा जाना दर्शाता है कि समाज में सुव्यवस्था और संतुष्टि है।
ध्यानमग्न कमल की स्थिति में बैठे हनुमान जी और गदा जमीन पर टिकी होना दर्शाता है कि वहां पूर्ण शांति और समृद्धि है।
हनुमान जी की गदा पर खड़ी और आड़ी रेखाएं होती हैं। खड़ी रेखाएं रज घटक का प्रतिनिधित्व करती हैं, जबकि बैठी रेखाएं तम घटक का प्रतिनिधित्व करती हैं। इस प्रकार गदा सत्व द्वारा समर्थित रज-तम का प्रतीक है।
जय श्री राम☘️🙏🏻
🛕💐🙏 Shree Kalka Maa Ji’s auspicious evening Aarti and adorned darshan on 29/08/2026! May Maa Kalka Rani Ji’s blessings always be with you! Jai Kalka Maa! 🙏💐🛕
🛕💐🙏श्री कालका माँ जी के आज 29/08/2026! सायं काल के मंगल आरती श्रृंगार दर्शन ! माँ जय कालका माँ ! 🙏💐🛕
TOMORROW IS PAVITRA/ SHRAVAN PUTRADA EKADASHI 🔆
Putrada means giver of a son.
This vrat also washes away sins and helps to give name, fame and wisdom.
In Dvapara-yuga there lived a king Mahijita who ruled over Mahismati-puri. He was unhappy because he had no son.
His advisors went to seek advice of Lomasa Rishi who knew part, present, and future
He told them that in his previous birth, Mahijata was a merchant. Once, when he was thirsty, he went to a pond to drink water.
A cow and calf also came for water but Mahijata shooed them away
That sin committed by him in previous birth made him suffer in this birth.
Rishi advised Mahijata to observe the Putrada Ekadashi vrat.
The king did as advised and became the father of a virtuous son.
Similarly, observing this vrat with devotion frees bhaktas from past sins.
सिद्धपीठ श्री हनुमानगढ़ी अयोध्या धाम श्री हनुमान जी महाराज के 22-08-26 शनिवार के अद्भुत एवं अलौकिक दर्शन…
श्री हनुमान जी की कृपा आप सभी पर बनी रहे…
ऐसी मंगल कामना…!!
जय श्री राम - जय हनुमान जी!!
VARA LAKSHMI VRAT: TOMORROW🌺
Varalakshmi is a manifestation of Ma Lakshmi who grants boons to bhaktas.
Observing Varalakshmi vrat is equivalent to worshipping Ashtalakshmis (eight different forms of Ma Lakshmi).
The significance of this vrat was told to Ma Parvati by Shiva himself.
There was a pious woman Charumati.
Pleased with her, Mahalakshmi directed her in a dream to observe the Varalakshmi vrat.
All those who participated in the puja with her were blessed with wealth and prosperity.
Likewise, this vrat grants Ma Lakshmi’s blessings to all bhaktas.
श्री गणेश और वास्तु…🏵️
भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करने के लिए शास्त्रों में कई प्रकार के नियम बनाये गए हैं—
1. जिनके काम हमेशा अटके रहते है व बाधाएं आती हैं ��न्हें घर में सिंदूरी रंग के गणेशजी रखने चाहिए और पूजन करना चाहिए
2. सुख समृद्धि और शांति के लिए घर में सफ़ेद रंग के गणेश रखने चाहिए या सफ़ेद रंग के गणेश जी की तस्वीर रखनी चाहिए
3. घर में गणेश जी की कभी भी ऐसी प्रतिमा नहीं लगानी चाहिए जिसमें वे खड़े हुए हों। बैठे गणेशजी घर में सुख समृद्धि और सफलता लेकर आते हैं
4. गणेश प्रतिमा अपने कार्यस्थल में रखना चाहते हैं तो खड़े हुए गणेशजी की प्रतिमा रखना ब���ुत ही शुभ होता है। इससे उस स्थान पर सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है
5. गणेश प्रतिमा स्थापित करते समय इस बात का ध्यान रखें कि उनका प्रिय वाहन मूषक उनके साथ हो और गणेशजी के हाथ में मोदक या लड्डू हो
6. पूजा स्थान में भगवान श्री गणेश की एक ही प्रतिमा होनी चाहिए
7. गणेश जी की मूर्ति घर के मुख्य द्वार पर अंदर की तरफ मुख करके रख सकते हैं
8. य��ि आपके घर का मुख्य द्वार दक्षिण की ओर हो तो ऐसे घर दक्षिण मुखी कहलाते हैं। ऐसे घर की चौखट के ऊपर दोनों ओर अंदर और बाहर गणेशजी प्रतिमा लगाने से यह दोष अपने आप मिट जाता है
9. गणेशजी का बंदनवार भी बहुत ही शुभ माना जाता है
10. घर के अंदर या बाहर गणेशजी की प्रतिमा इस प्रकार से रखें कि नमन करते समय मुख सदा उत्तर या फिर पूर्व की ओर होना चाहिए
11. कभी सीढ़ियों के नीचे वाले स्थान पर गणपति नहीं रखने चाहिए
12. गणेशजी की सूंड उनके बाईं ओर झुकी होनी चाहिए। यह खुशी और सफलता का प्रतीक है। दाईं ओर झुकी हुई सूंड वाली मूर्ति को प्रसन्न करना कठिन होता है क्योंकि यह सूर्य की शक्ति का प्रतिनिधित्व करती है और इसकी पूजा करते समय धार्मिक रूप से अनुष्ठानों का पालन करना पड़ता है
जय श्री गणेश🏵️🙏🏻
TOMORROW IS NAG PANCHAMI: KNOW IT’s SIGNIFICANCE
Nagas rule and live in Patal Loka. There are total twelve famous Nagas.
Devi Mansa is the mother of all the Nagas. She is the sister of Vasuki.
It is believed that one who worships snakes on this day gets rid of the fear of serpents and also Rahu-Ketu ill-effects.
When Takshak Nag bit Raja Parikshit, his son Janmajeya started Nag Yagya to take revenge from snakes and kill their entire clan.
To protect Nagas, the son of Rishi Jaratkaru, Aastik Muni, stopped this Yajna. The day when he stopped the Yajna is celebrated as Nag Panchmi.
Nag Panchmi is also celebrated as the victory of Krishna on Kaliya Naag.
By worshipping snakes, people also try to please Shiv who is adorned by Nagas.
People do not dig the earth this day and offer cow's milk, fried paddy and durva in front of Nag made with mud and sand.