@BeingMR_ कन्हैया, आप चिंतित ना हों,, आपको निमंत्रण ना आया है और ना ही राम लला आपकी उपस्थिति पसंद करेंगे।। ऐसे में, 50% निर्माण या 200% का भव्य समारोह, संस्कृति और राष्ट्र विरोधी लोगों को इसकी परवाह नहीं होनी चाहिए।
@UzmaParveenLKO Uzmaji, आपके पास तो विकल्प है, आप शरिया क़ानून की शरण मे चली जाएं। 3 तलाक़, हलाला, बुरखा, पाबंदियां और कानून की नाफरमानी पर तमाम तरह के इंतजाम आपको भरपूर मिलेंगे। अगर सच में हिन्दुस्तानी हो तो आपको UCC को तहे दिल से स्वीकार करना चाहिए। वंदे मातरम्
@ObaidZubair2@_Slantii आपकी टिप्पणी और knowledge को प्रणाम करता हूं, पर शायद आपके मदरसों या स्कूल में तालीम का यही स्तर है। वैसे भी, तुम्हारी कौम में, एक जाहिल ढूंढो तो हज़ार मिलते हैं।
@safiyanaaj आपके लिए कोई रोक नहीं है, कृपया तुरंत हिंदुस्तान को छोड़ फिलिस्तीन की citizenship के लिए apply करिए और जल्द ही इस मुकद्दस जिहाद का हिस्सा बनकर वहां की बहन भाइयों के साथ इस जुनून में शामिल हो जाइए।
@ShristiChaterj1 Shristi Baano ji आपसे निवेदन है की बैनर्जी title को अपने नाम के आगे लगाकर कलंकित ना करें। सिकुलर या anti Hindu नाम का जो कीड़ा आपके नीचे काट रहा है, उसको सम्मान्नित करते हुए अपने माता पिता का दिया हुआ नाम बदल लो और बुरखा पहनो
@kareena_kpn सही कहा आपने, तभी तो भारतवर्ष Rahul G जैसे नमूने हर सदी में, हर युग में ज़रूरी है। आम आदमी को सत्य और ढोंग में फ़र्क पहचानना आसान हो जाता है
@kareena_kpn देख लो करीना आंटी, आख़िर आपको स्वयं पता चल गया कि मोदी जी या कमल का फूल, किसी से भेद भाव नहीं करते। ज़ोर से बोलो, "सबका साथ, सबका विकास "। 2024 में तुम भी कमल का बटन दबाना।
@ArvindB45584547 @bolwd233 @Kareena_Kpn1 काश आपके बुजुर्गों ने आपको ये भी बताया होता कि सिख समुदाय की और पंच प्यारों की स्थापना या जन्म कैसे हुआ था, यकीनन सिख आसमां से तो नहीं आए थे और ना ही कोई आसमानी किताब आई थी,, हिन्दुओं ने ही आगे बढ़कर सिख पंथ की स्थापना की थी इसीलिए हम आज भी सिख भाइयों को अपने से अलग नहीं मानते है