T-12 कल से इतिहास के ज्ञान की नई सीरीज शुरू कर रहे है, भारतीय इतिहास के बारे में जानने के लिए @HistoryA_Museum ट्विटर अकाउंट को फॉलो करे।
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वर्तमान में इतिहास को स्कूली शिक्षा से मिटाया जा रहा हैं उसे लोगो तक पहुचाना इस अभियान का प्रमुख कार्य होगा, इस लिये आप सभी से आग्रह है की आप @HistoryCell और @HistoryA_Museum को फॉलो करके इस अभियान को आगे बढ़ाये, जिससे लोगो तक इतिहास की सच्चाई पहुच सके।
🙏🙏🙏🙏धन्यवाद🙏🙏🙏🙏3/3
T-27 @HistoryCell इस अभियान का हिस्सा बनने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद, और मुझे सच्चाई सामने लाने का अवसर देने के लिए आपका तहे दि�� से धन्यवाद, अब हम सामूहिक रूप से इतिहास की सच्चाई को जनता तक पहुंचाएंगे। दोस्तों, @HistoryCell के यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब कर लीजिए,..........1/3
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यह हिस्ट्री सेल का शॉर्ट्स चैनल, इसे सब्सक्राइब कर लीजिए। अब हर व्हाट्सएप फॉरवर्ड का जवाब यहां शॉर्टस वीडियो के रूप में दिया जाएगा।
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इस अभियान को और आगे बड़ा ने लिये इन ट्विटर अकाउंट को फॉलो करे। 2/3
@VivekKumar_IND श्रीमान जी आप ऐसी तस्वीर पोस्ट मत किया करो देखने के बाद मन घबरा जाता है, क�� इंसान इन बेजुबान जानवरों के साथ कर रहा है, तो भगवान उसके बदले में इंसान को कितना तड़पाएगा, मेने भी वो हिरण वाली तस्वीर की पोस्ट देखी थी, सच कहु तो देख के मोन हो गया था, की एक बेजुबान को भगवान इतनी.....1/2
सिलेबस से असली इतिहास को हटाया जा रहा है और व्हाट्सएप फॉरवर्ड के जरिए हम तक नकली इतिहास पहुंचाया जा रहा है। ऐसे में तथ्यों और सबूतों के साथ इतिहास जानने के लिए @HistoryCell को फॉलो कर लीजिए। इतिहास बचेगा तभी वर्तमान बचेगा।
9 साल, 10 महीना, सेल्यूलर जेल में जानवरों की तरह पीटे जाने जैसा व्यवहार होने की वजह से माफीनामा पत्र लिखने वाले चतुर स��वरकर के जेल से रिहा होने के बाद का अंग्रेज विरोधी बयान दिखा दीजिए। बता दीजिए कि किस आंदोलन में हिस्सा लिया था? बता दीजिए कि आजादी के लिए कौन सा संघर्ष किया था?
महात्मा गांधी और भगत सिंह दोनों का योगदान सामाजिक परिवर्तन के लिए किसी भी आंदोलन में विचार और रणनीति की विविधता के महत्व का एक वसीयतनामा है। पढ़िए @geetanshvivek का लेख हिस्ट्री सेल पर। https://t.co/zCF1gpLvMb
भगवान राम पर तमाम तरह के विचार हवा में तैरते रहते हैं�� आजकल तो आतंक भी मचाया जाता है। उनके नाम पर हर किसी के अपने अपने राम हैं। मुंह पर राम का नाम ले कर रावण का काम करने वालों क��� संख्या आज बढ़ रही है। हिस्ट्री सेल पर पढिए @ancesivar_03 का लेख।
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"धार्मिक अंधविश्वास और कट्टरपन हमारी प्रगति में बहुत बड़े बाधक हैं। ये हमारे रास्ते के रोड़े साबित हुए हैं और हमें उनसे हर हालत में छुटकारा पा लेना चाहिए।"
-शहीद भगत सिंह