आजकल जिसे देखो वही Gym जा रहा है..
कल @SadhotraMeenu चारु मैम कह रही थी कि जिम जा रही हूँ, फिर @1_raktbeej दद्दू कह रहे थे कि जिम जा रहा हूँ.. 😑
बिरजू नोट :
दद्दू इसलिये जिम जाते हैं ताकि सुंदरियों को निहार सकें..
चारु मैम इसलिये जिम जाती हैं ताकि महिला मित्र मंडल से मिल सके.. 😑
खैर.. 🤦
“जब एक वीरांगना की आवाज पर उसी समय कार्रवाई होती है, तो यह बताता है कि सरकार वास्तव में जनता के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp जी का यह निर्णय विश्वास, संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई का बेहतरीन उदाहरण है।”
जब मुख्यमंत्री स्वयं संवेदना से भरकर निर्णय लें, तब प्रशासनिक व्यवस्था और मजबूत होती है।
CM @BhajanlalBjp जी ने रात्रि चौपाल में आई बात को गंभीरता से लिया।
परिवार की कठिनाई को समझते हुए बिना देरी किए आदेश दिलवाया।
यह केवल ट्रांसफर नहीं, मानवीय न्याय का उदाहरण है।
उनकी त्वरित पहल ने भरोसा बढ़ाया है।
ऐसे ही नेता जनता के दिलों में जगह बनाते हैं।
नाथ संप्रदाय में ‘आदेश’ का मतलब और महत्व:
नाथ योगी एक-दूसरे से मिलते वक्त ‘नमस्ते’ या ‘राम-राम’ नहीं, बल्कि “आदेश”बोलते हैं।
इसका अर्थ है:
आ = आत्मा, दे = देव/परमात्मा, श = शरीर
यानी: _“आत्मा, देव और शरीर एक हैं”_ या _“मैं तुम्हारे भीतर स्थित शिव को प्रणाम करता हूं।”
गोरखनाथ जी ने कहा है:
“आदेश आदेशे सब कोई, आदेश कहे सो योगी होई।”
मतलब जो ‘आदेश’ का मर्म समझ ले, वही सच्चा योगी है!
अभिवादन नहीं, उद्घोष है: ये साधारण हैलो-हाय नहीं। ये गुरु-परंपरा को नमन है। आदिनाथ शिव, मत्स्येंद्रनाथ और गोरखनाथ को याद करना है।
जब नाथ योगी ‘आदेश’ बोलता है तो वो सामने वाले के अहंकार को नहीं, उसके भीतर के शिव-तत्व को प्रणाम करता है।
‘आदेश’ सुनते ही पता चल जाता है कि सामने वाला नाथ पंथी है। ये उनकी पहचान है।
योगी आदित्यनाथ जी को ‘आदेश’ करते कई बार देखा गया है!
योगी आदित्यनाथ जी सिर्फ UP के CM नहीं हैं। वो गोरखनाथ मठ के महंत और 'नाथ संप्रदाय के सबसे बड़े "पीठाधीश्वर" हैं।
गोरक्षपीठ की परंपरा:गोरखनाथ मंदिर में सुबह गोरक्षनाथ जी की आरती के बाद, या किसी भी नाथ योगी से मिलते वक्त वो हाथ जोड़कर “आदेश” बोलते हैं। ये 1000 साल पुरानी परंपरा है।
जब भी कोई नाथ योगी, नागा साधु या संत उनसे मिलने आता है, तो योगी जी पहले ‘आदेश’ करते हैं।
कई बार रैली में संत समाज के सामने वो मंच से ‘आदेश’ का उद्घोष करते हैं। ये जनता को बताता है कि उनकी जड़ें कहां हैं।
इसीलिए जब योगी जी ‘आदेश’ करते हैं तो वो CM की कुर्सी नहीं, गोरक्षपीठ की गद्दी का धर्म निभा रहे होते हैं।
आदेश...🙏🔥
गोरखनाथ मठ भारत की राजनीति एवं सामाजिक समरसता का केंद्र बिंदु
कल तुमने मुझसे पूछा था कि हमारे रिश्ते का भविष्य क्या है?
तो सुनो प्रिय..
हम शीघ्र मिलेंगे..
जैसे सावन में बादल-बारिश
जैसे अंत छोर पर सागर-नदी
जैसे रात्रिकाल में चंन्द्रमा-सितारे
जैसे क्षितिज में धरा-सूर्य
वायु में खुशबुओं की तरह हम-तुम भी मिलेंगे..😑
खैर..🤦
शिव शक्ति ♥️
जीवन में कुछ लोग इतवार जैसे होते हैं..
कब आए और कब चले गये..
कुछ पता नहीं चलता..
वे कभी इतना मिले ही नहीं कि उनसे मन भर जाए,
बावजूद इसके हमने सदैव उनके लौटने की प्रतीक्षा की..
जानती हो शोना !
यह जो प्रतीक्षा है असल में यही दुनिया है, यही प्रेम है.. 😑
खैर.. 🤦
जय श्री राधे ♥️
सुचना :-
आवश्यकता है एक महिला मित्र की..
जो मूझे छोले भटूरे खिलाये..
मेरे फ़ोन का रिचार्ज कराये..
मूझे चाय पिलाये
और
मूझे जम्मू घुमाये.. 😑
नोट :-
@SadhotraMeenu जी से बातचीत चल रही है, डीएम में हम आई लव यू के पहले तक पहुंचे हैं..😑
खैर.. 🤦
सुनो शोना..!
हमारे प्रेम के किस्से में ,
इस आत्मिक रिश्तों के हिस्से में..
पारिजात सी प्रतीक्षा है..
पलाश सा विरह है..
अमलताश सा सुकूं है..!
सुनो ,
मैं आपकी प्रतीक्षा करूँगा..
जब भी आओगे ,
मैं #गुलमोहर सा आप पर बिखर जाऊंगा..😑
खैर.. 🤦
#बज्म#बज्म_काव्यमंच
एक बार की बात है..
मौका आंग्ल नववर्ष का था..
मैं उस वक़्त नौकरी में था..
ऑफिस में जब मैंने जरा टिका ली थी..
जब घर पंहुचा, पलंग पर पीठ टिकाई, उसे आगोश में समेटा..
उसने कहा कि पीकर आये हो न.. 🙄
मैंने कहा कि ये तो सच है पर तुमने कैसे पकड़ा?
उसने कहा कि.. क्योंकि बगल वाला फ्लैट आपका है.. 😑
खैर.. 🤦
मूझे प्रपंच करती स्त्रियां पसंद नहीं हैं..!
मूझे तो पसंद हैं कविताएं लिखती युवतियाँ..!
मूझे नहीं पसंद ससुराल की राजनीति में ढलती स्त्रियां, मूझे पसंद हैं ख़ामोशी से खुद में संवरती..
बेशक़ थकी हुई पर हार न मानती हुई युवतियाँ..!
जो अपने पिता की प्रतिष्ठा को सर्वस्व मानकर अपना भविष्य तक दांव पर लगाती युवतियाँ..!
खैर.. 🤦
जय श्री राधे ♥️
तुम हो
मैं भी हूँ
क्या इतना काफ़ी नहीं है इश्क़ होने के लिए?
तुम हो पर मेरे नहीं,
मैं भी हूँ पर तुम्हारी नहीं,
क्या इतना ग़म काफ़ी नहीं है रोने के लिए?
तुम्हें याद हूँ मैं,
और मुझे याद हो तुम,
क्या इतना ताल्लुक़ काफ़ी नहीं है खोने के लिए?
योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में गंगा एक्सप्रेसवे सिर्फ़ सड़क नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के सपनों को जोड़ने का मजबूत पुल है। गाँव-शहर-उद्योग-बाज़ार सब जुड़ रहे हैं, विकास की रफ्तार तेज़ हो रही है। नई इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर कनेक्टिविटी और एक नया उत्तर प्रदेश! #TransformingUP #YogiAdityanath
गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन हो गया
ये सिर्फ एक हाईवे नहीं, उत्तर प्रदेश की नई उड़ान है!
मेरठ से प्रयागराज अब सिर्फ 6 घंटे में
रोजगार बढ़ेगा, व्यापार बढ़ेगा, विकास तेज होगा।
PM मोदी और योगी जी को बहुत-बहुत बधाई!
#GangaExpressway#UttarPradeshRising