गुजरात मॉडल का सच 👇
दाहोद के खरवाणी में 4,000 लोग गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। गांव वाले जिस गड्ढे से पानी भरते हैं, उसी में जानवर भी पानी पीते हैं।
मोदीजी 'हर घर नल से जल' का नारा देते हैं, लेकिन जिस गुजरात में 31 साल से BJP की सरकार है, वहां लोग पानी को तरस रहे हैं।
शर्मनाक!
महान क्रांतिकारी पंडित राम प्रसाद बिस्मिल जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन। 🇮🇳
"सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है..." केवल एक कविता नहीं, बल्कि भारत की आज़ादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले अमर क्रांतिकारियों का संकल्प था।
पंडित राम प्रसाद बिस्मिल जी ने अपने साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति से स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी।
उनका जीवन हमें अन्याय के विरुद्ध संघर्ष, देशप्रेम और बलिदान की प्रेरणा देता है।
आज उनकी जयंती पर हम उनके आदर्शों को नमन करते हुए यह संकल्प लें कि संविधान, लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और देश की एकता-अखंडता की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहेंगे।
शत्-शत् नमन, कोटि-कोटि वंदन। 🙏🇮🇳
Narendra Modi holds a unique record that is unlikely to be broken. He has held zero press conferences during his entire tenure as Prime Minister of India. #CowardPM
नेहरू को बदनाम करना आसान है, लेकिन नेहरू जैसा भारत बनाना आसान नहीं।
आज संघ और भाजपा की पूरी आईटी मशीनरी पंडित जवाहरलाल नेहरू को इतिहास का खलनायक साबित करने में लगी है। कारण साफ है - जिस व्यक्ति ने आधुनिक भारत की नींव रखी, उसकी विरासत को मिटाए बिना अपने झूठे नैरेटिव को स्थापित करना संभव नहीं।
तथ्य यह है कि जब भारत 1947 में आज़ाद हुआ तब देश की हालत बेहद खराब थी। अंग्रेज़ भारत को गरीबी, अशिक्षा, भुखमरी और टूटी हुई अर्थव्यवस्था के साथ छोड़कर गए थे। देश में औद्योगिक आधार लगभग नहीं था, साक्षरता दर बेहद कम थी और औसत आयु लगभग 32 वर्ष के आसपास थी।
ऐसे समय में पंडित जवाहरलाल नेहरू जी ने एक आधुनिक, वैज्ञानिक और लोकतांत्रिक भारत की नींव रखी।
- IIT की स्थापना की
- AIIMS की स्थापना की
- IIM जैसे संस्थानों की नींव रखी
- DRDO और परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम शुरू किया
- ISRO की आधारशिला रखने वाले अंतरिक्ष कार्यक्रम की शुरुआत की
- भाखड़ा नांगल, हीराकुंड और बड़े बांधों का निर्माण कराया
- सार्वजनिक क्षेत्र के बड़े उद्योग खड़े किए
- लोकतंत्र को मजबूत किया और सेना को राजनीति से दूर रखा
- संविधान और संस्थाओं का सम्मान किया
आज जिन संस्थानों पर भारत गर्व करता है, उनमें से अधिकांश की नींव नेहरू युग में रखी गई थी।
विडंबना देखिए कि जो लोग आज नेहरू को कोसते हैं, वे अपने बच्चों को IIT, IIM और AIIMS में पढ़ाने का सपना देखते हैं लेकिन यह नहीं बताते कि ये संस्थान किसने बनाए थे।
भाजपा और RSS बार-बार यह झूठ फैलाते हैं कि नेहरू ने देश के लिए कुछ नहीं किया।
अगर ऐसा होता तो 1947 का टूटा हुआ भारत दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक और औद्योगिक शक्तियों में कैसे बदलता?
- सवाल यह भी है कि RSS ने स्वतंत्रता आंदोलन में कौन सा बलिदान दिया था?
- जब कांग्रेस के नेता जेलों में थे, तब RSS अंग्रेजों के खिलाफ किस आंदोलन का हिस्सा थी? इतिहास इसका जवाब मांगता है।
आज प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी के समर्थक यह प्रचार कर रहे हैं कि उन्होंने नेहरू के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है।
तथ्य देखिए...
- जवाहरलाल नेहरू: 15 अगस्त 1947 से 27 मई 1964
कुल कार्यकाल: 16 वर्ष 9 माह 12 दिन
- नरेंद्र मोदी: 26 मई 2014 से 10 जून 2026
कुल कार्यकाल: 12 वर्ष 15 दिन
अभी भी नेहरू के कार्यकाल से कई वर्ष पीछे हैं।
लेकिन बात केवल वर्षों की नहीं है।
इतिहास यह नहीं पूछता कि कोई कितने साल सत्ता में रहा। इतिहास यह पूछता है कि उसने देश को क्या दिया?
- नेहरू ने संस्थान दिए।
- नेहरू ने लोकतंत्र दिया।
- नेहरू ने वैज्ञानिक सोच दी।
-नेहरू ने आधुनिक भारत का विज़न दिया।
आज अगर कोई नेता नेहरू से तुलना चाहता है तो उसे पहले उतने संस्थान बनाने होंगे, उतनी लोकतांत्रिक परंपराएँ स्थापित करनी होंगी, उतनी वैश्विक प्रतिष्ठा दिलानी होगी और उतनी मजबूत राष्ट्रीय नींव रखनी होगी।
नेहरू का कद प्रचार से नहीं घटता और झूठ से इतिहास नहीं बदलता।
याद रखिए सत्ता के रिकॉर्ड टूट सकते हैं, लेकिन राष्ट्र निर्माण की विरासत नहीं।
नेहरू को गाली देने से कोई नेहरू नहीं बन जाता नेहरू बनने के लिए भारत बनाना पड़ता है।
#JawaharlalNehru #NehruLegacy #Congress #India #Democracy #HistoryMatters #RSS #BJP #IndianPolitics #NationBuilding #RahulGandhi #INCIndia
झारखंड में भाजपा के समर्थन से राज्यसभा का चुनाव लड़ रहे परिमल नथवानी के नॉमिनेशन फॉर्म में समस्या दिखी तो उन्हें सुबह 11:00 तक का समय दिया गया।
दूसरी और मध्य प्रदेश में एक कानूनी नोटिस को आगे करके मीनाक्षी नटराजन @MNatarajanINC जी का फॉर्म रिजेक्ट कर दिया जाता है। @ECISVEEP की निष्पक्षता पर क्यों ना उठे?? अब ये भाजपा की कठपुतली बनकर काम कर रहा है।
लोकतांत्रिक प्रणाली में चुनाव निष्पक्ष होना चाहिए पर जब कोई उम्मीदवार ही नहीं होगा होगा तो चुनाव कैसे होगा? EVM और वोट चोरी के बाद अब विपक्ष के नेताओं के नॉमिनेशन फॉर्म रिजेक्ट करवाना ये संघियों की नई रणनीति है। भाजपा राज्यसभा में बहुमत के लिए अब नॉमिनेशन फॉर्म रिजेक्ट करने की नीचता पर आ चुकी है।
हमें देश के संविधान पर पूरा भरोसा है। सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं।
मीनाक्षी नटराजन जी के नॉमनोनेशन के बारे में भ्रम फैलाया जा रहा है । कोई क्रिमिनल केस रजिस्टर्ड नहीं है। मात्र एक नोटिस आया है की उनके और अन्य लोगो के खिलाफ १० करोड़ कंपनसेशन की कार्यवाही क्यो ना की जाए। जिस नोटिस का मीनाक्षी जी के वकील ने जवाब दिया है। FIR दर्ज नहीं है।@INCIndia
मोदी सरकार का नया गणित:
✔️ अरबपतियों के लाखों करोड़ माफ ❌ गरीबों की गैस सब्सिडी साफ
जो योजना महिलाओं को धुएं से मुक्ति देने के लिए बनी थी, आज वही महिलाएं फिर चूल्हे के धुएं में जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं।
यह विकास नहीं, गरीबों के साथ अन्याय है।
#GasCylinder #ModiGovernment #Congress
12 वर्षों की गरीब-विरोधी आर्थिक नीतियों और compromised विदेश नीति ने आज देश को ऐसे हालात में ला खड़ा कर दिया है जहाँ लाखों गरीब परिवारों और महिलाओं को लकड़ी के ज़हरीले धुएं की तरफ धकेल दिया गया है।
उज्ज्वला योजना में सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या 9 से घटाकर 4 कर दिया गया। उसपर पिछले 3 महीनों में घरेलू LPG सिलेंडर के दाम ₹89 बढ़ा दिया गया - मतलब, पहले दाम बढ़ाओ, फिर सब्सिडी घटाओ, गरीबों का चूल्हा बुझाओ।
प्रवासी मजदूरों की जीवनरेखा, 5 किलो का सिलेंडर भी ₹323 महंगा कर दिया - वो कमाएगा क्या, खाएगा क्या, और बचाएगा क्या?
अरबपति मित्रों को लाखों करोड़ों की कर्ज़माफ़ी दिलाना और गरीबों को अपनी नाकामियों का बिल थमाना - ये लूट का मोदी मॉडल है।
मोदी जी, क्या आपकी नाकामियों का बोझ सिर्फ गरीब उठाएंगे? क्या आपकी बनाई इस चरमराती अर्थव्यवस्था की कीमत मजदूर, किसान, महिलाएं और मध्यम वर्ग ही चुकाएंगे?
वीर क्रांतिदूत बिरसा मुंडा जी की पुण्यतिथि पर कोटि-कोटि नमन।
आदिवासी समाज के अधिकारों और सम्मान के लिए उन्होंने जो संघर्ष किया, वह हमें सदैव प्रेरणा देता रहेगा। उनकी क्रांति की चिंगारी आज भी अन्याय के अंधकार में रोशनी है।
#BirsaMunda
Have directed city police officials to issue notices to all pubs, breweries, bars, clubs, lounges, restaurants and liquor-serving establishments to strictly prevent underage entry and underage drinking.
A recent study covering 4,093 students in Bengaluru, has raised serious concerns:
1 in 3 adolescents are at risk of health issues due to alcohol or tobacco use.
33% reported alcohol use.
Nearly 18% reported tobacco addiction.
The median age of starting alcohol consumption was 17 years, with some cases reported as early as 8 years.
This is not just a licensing issue. It is a youth safety and public-health issue.
All liquor-serving establishments must implement strict age-verification protocols at entry and before service.
Key directions:
- No valid ID, no entry
- Mandatory government-issued age proof
- Strict action against establishments serving minors
- Owners, managers and licence holders will be held accountable
- Entry-point CCTV must be functional and footage preserved
- Police coordination with institutions, RWAs and citizen groups
Commercial profit cannot come at the cost of the safety and future of our children.
Karnataka will follow a zero-tolerance approach against establishments that enable it.
No ID. No Entry. No underage drinking.
अभी थोड़े समय पहले गुजरात के दो लोगों का मैसूर में एक्सीडेंट हुआ था तो मैने पीड़ित परिवार की मदद के लिए सूरज भाई से बात की तो बिना किसी संकोच से उन्होंने वो काम करने के लिए अपना पूरा सिस्टम काम पर लगाया था। तकरीबन 17 साल से परिचय था। युवा कांग्रेस में उनका मार्गदर्शन रेगुलर मिलता था। भाई बहुत मिस करेंगे आपको.. आपकी दिव्य चेतना को वंदन 🙏 भावपूर्ण श्रद्धांजलि
निशिकांत दुबे जी, इतिहास को झूठ से नहीं बदला जा सकता!
जब-जब भाजपा वर्तमान की विफलताओं पर घिरती है, तब-तब नेहरू और इंदिरा गांधी को दोष देने का पुराना रिकॉर्ड बजा दिया जाता है।
अगर ब्रेटन वुड्स समझौता "गुलामी का दस्तावेज़" था, तो 12 साल से पूर्ण बहुमत वाली मोदी सरकार ने इस तथाकथित गुलामी को खत्म क्यों नहीं किया?
- डॉलर आज भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार की प्रमुख मुद्रा है।
- भाजपा सरकार आज भी डॉलर में व्यापार कर रही है।
- विदेशी निवेश भी डॉलर में आ रहा है।
- RBI के विदेशी मुद्रा भंडार का बड़ा हिस्सा भी डॉलर में है।
फिर दोष सिर्फ नेहरू और इंदिरा गांधी का कैसे?
सच्चाई यह है कि भाजपा इतिहास पर धूल उड़ाकर वर्तमान की नाकामियों को छिपाना चाहती है।
रुपया लगातार कमजोर हुआ... महंगाई बढ़ी... बेरोजगारी बढ़ी... लेकिन जवाब देने के बजाय भाजपा के नेता 50-60 साल पुराने किस्से सुनाने में व्यस्त हैं।
देश को इतिहास का झूठ नहीं, वर्तमान का हिसाब चाहिए।
निशिकांत दुबे जी, अगर हिम्मत है तो बताइए... - 2014 में 1 डॉलर ≈ ₹60 था, आज 1 डॉलर ≈ ₹94+ क्यों है?
जनता को नेहरू जी की सरकार का नहीं, मोदी सरकार का रिपोर्ट कार्ड चाहिए।
महंगाई की मार से आम जनता बेहाल है, लेकिन सरकार को जनता की जेब की चिंता नहीं दिखाई देती।
घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में ₹29 की बढ़ोतरी ने एक बार फिर रसोई का बजट बिगाड़ दिया है।
पहले से बढ़ती महंगाई, बेरोज़गारी और घटती आमदनी के बीच यह फैसला करोड़ों परिवारों पर अतिरिक्त बोझ डालने वाला है।
सवाल यह है कि आखिर हर बार महंगाई का भार आम लोगों पर ही क्यों डाला जाता है?
क्या अच्छे दिनों का मतलब सिर्फ बड़े उद्योगपतियों के मुनाफे बढ़ाना और जनता की जेब खाली करना है?
रसोई गैस महंगी, पेट्रोल-डीजल महंगा, खाद्य पदार्थ महंगे लेकिन सरकार के दावे अब भी "सब अच्छा है"!
#LPGPriceHike #Mehngai #GasCylinder #Inflation #ModiGovernment #AamAadmi #IndiaPolitics
I fail to understand why even sensible people can’t see that CJP is an AAP proxy trying to prop up “Sheesh Mahal” Kejriwal in the pretext of Gen Z angst.
All of CJP’s main people are existing AAP fellows who have camouflaged into CJP overnight. And that somehow isn’t an issue?!
NSUI, IYC have done 100x more protests than this 100 people protest at Jantar Mantar today.
Our leader LOP Rahul Gandhi has relentlessly demanded Pradhan’s resignation and his has been the loudest voice. He even exposed and amplified the CBSE scam.
We are not fools to support and collaborate with AAP’s proxy platform which has no ideology.
आज इंदिरा भवन, नई दिल्ली में आयोजित DALIT–MINORITY UNITY MEETING अनुसूचित जाति एवं अल्पसंख्यक समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों, उनके अधिकारों, राजनीतिक भागीदारी, सामाजिक सशक्तिकरण तथा देश में बढ़ती चुनौतियों पर गंभीर चर्चा की गई। सभी साथियों ने एकजुट होकर संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक सद्भाव की रक्षा के लिए मिलकर संघर्ष करने का संकल्प लिया।