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शिक्षा केवल अंग्रेज़ी तक सीमित न रहे, बल्कि भारतीय भाषाओं ���ें भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो—इस दिशा में श्री धर्मेंद्र प्रधान जी ने उल्लेखनीय प्रयास किए हैं। यह भारत की सांस्कृतिक विरासत और विद्यार्थियों दोनों के हित में एक ��हत्वपूर्ण कदम है।
नेतृत्व का मूल���यांकन केवल राजनीतिक आरोपों से नहीं, बल्कि किए गए कार्यों से होना चाहिए। नई शिक्षा नीति, कौशल विकास और शिक्षा में तकनीक के विस्तार जैसे अनेक निर्णय श्री धर्मेंद्र प्रधान जी की दूरदर्शी सोच को दर्शाते हैं। उनके योगदान का सम्मान होना चाहिए।
@dpradhanbjp
हमारी सरकार छात्रों के विषयों के प्रति संवेदनशील और शिक्षा क्षेत्र की व्यवस्था को उत्तरोत्तर सुदृढ़ बनाने के लिये प्रयत्नशील है और छात्रों के हित व उनकी भावनाओं का सम्मान सर्वोपरि है। श्री धर्मेंद्र प्रधान जी ने इसी भाव का अनुसरण करते हुए त्याग पत्र दिया है।
श्री @dpradhanbjp जी का सार्वजनिक जीवन विद्यार्थियों और यु���ाओं के प्रति उनके सतत समर्पण का परिचायक रहा है। शिक्षा मंत्री के रूप में उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण सुधार करते हुए शिक्षा क्षेत्र को नई गति देने का अनवरत प्रयास किया।
उनका व्यापक प्रशासनिक अनुभव, कार्यकुशलता और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता भविष्य में भी शिक्षा एवं जनहित से जुड़े प्रयासों को नई ऊर्जा और दिशा प्रदान करती रहेगी।
नेतृत्व का मूल्यांकन केवल राजनीतिक आरोपों से नहीं, बल्कि किए गए कार्यों से होना चाहिए। नई शिक्षा नीति, कौशल विकास और शिक्षा में तकनीक के विस्तार जैसे अनेक निर्णय श्री धर्मेंद्र प्रधान जी की दूरदर्शी सोच को दर्शाते हैं। उनके योगदान का सम्मान होना चाहिए।
@dpradhanbjp
शिक्षा केवल अंग्रेज़ी तक सीमित न रहे, बल्कि भारतीय भाषाओं में भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो—इस दिशा में श्री धर्मेंद्र प्रधान जी ने उल्लेखनी��� प्रयास किए हैं। यह भारत की सांस्कृतिक विरासत और विद्यार्थियों दोनों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम है।
नई शिक्षा नीति को ज़मीन पर उतारने से लेकर तकनीक आधारित शिक्षा, मातृभाषा में पढ़ाई और कौशल आ��ारित शिक्षण को बढ़ावा देने तक, श्री धर्मेंद्र प्रधान जी का कार्यकाल कई महत्वपूर्ण पहलों के लिए याद किया जाएगा। राष्ट्र निर्माण में उनका योगदान सराहनीय है।
@dpradhanbjp नई शिक्षा नीति को ज़मीन पर उतारने से लेकर तकनीक आधारित शिक्षा, मातृभाषा में पढ़ाई और कौशल आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने तक, श्री धर्मेंद्र प्रधान जी का कार्यकाल कई महत्वपूर्ण पहलों के लिए याद किया जाएगा। राष्ट्र निर्माण में उनका योगदान सराहनीय है।
अभी तुमको मोदी के स्तर की राजनीति या राजनीति न कहकर इसे जनसंवाद कहूँ तो गलत न होगा... सीखने में कई जन्म लगेंगे
बीमारी की जड़ और उसका इलाज़ जानते हैं
मोदी ने जब युवाओं को सम्बोधित करना था
मेंन स्ट्रीम मीडिया को नहीं चुना
न फेसबुक को
और न X को...
सीधा इंस्टा पर आये... दो रील..
और आज आप इंस्टा देख लें...
हर तीसरी इंस्टा सुन्दरी का क्रश बन गए हैं ताऊ..... कुची पुची.. बाबू सोना.. पता नहीं क्या क्या बोल रही हैं
और मोदी के खिलाफ़ बोलने वालों को गरिया रही हैं...
कसम से खूंटा गाड़ दिया ताऊ
😜
PM Shri @narendramodi thanked India’s youth for the response and suggestions following his video and expressed his gratitude for the overwhelming support.
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सोनम वांगचुक को ढाल बनाकर कांग्रेस पहले राजनीति कर रही थी। लेकिन जैसे ही मोदी सरकार ने संवाद और सुधारों का भरोसा दिया, और सोनम वांगचुक ने अनशन समाप्त किया, कांग्रेस का रुख बदल गया। अब वही लोग उन पर भाजपा के साथ होने के आरोप लगा रहे हैं।
सवाल यह है कि कांग्रेस का उद्देश्य समाधान था या राजनीतिक अवसर? अगर प्राथमिकता युवाओं के हित होते, तो संवाद का स्वागत किया जाता।
मोदी सरकार की ‘संवाद से समाधान’ की नीति ने कांग्रेस की राजनीति को बेनकाब कर दिया है!