ये जमाने गए प्रिसिपल साहब जब आप कुछ भी काम करवा लेते थें.!
ये आदेश नियम विरोधी और विरोधाभासी प्रतित हो रहें है.!
निदेशालय को स्पष्ट और संशोधित जॉब चार्ट निकालना चाहिए ताकि नवनियुक्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का शोषण नही हों.!
राजस्थान चतुर्थ श्रेणी से स्कूल के क्लास रूम की सफाई करवाई जा रही है...4th Grade का काम सफाई करना थोडा ही है 4th Grade वाले कोई सफाई कर्मचारी थोड़े ही है।
स्कूल मे प्रिसिंपल 4th Grade वालो पर मनमानी कर रहे है।
4th Grade से 12 घंटे काम करवाया जा रहा है।
रात को ड्यूटी करवाई जा रही यह कोई चौकीदार थोड़े ही है।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की निम्न मांगे
1. शिक्षा विभाग को तुरंत प्रभाव से समान जनक जॉब चार्ट जारी किया जाना चाहिए अन्य विभागों की तर्ज पर....!
2. ड्यूटी का समय कार्यालय समय ही रखा जाना चाहिए...!
3. कार्यालय सहायक के रूप में देखा जाना चाहिए....!
4. रविवार और राजकीय अवकाश मिलने चाहिए....!
5. अवैध वसूले बंद हो......!
6. प्रिंसिपल और आदि अधिकारियों पर लगाम लगाई जाए.......!?
कोई अन्य मांगे है तो कमेंट बॉक्स में बताये ताकि समय रहते उसकी भी आवाज उठाई जाएं.....??
@GOGARAMSAHARAN साफ सफाई के रूप में जो फंड आता है उस का इस्तेमाल करे।
जब शिक्षा विभाग ने सहायक कर्मचारि कहा है तो
सफाई कर्मचारी क्यों बना दिया गया है।
स्कूल वाले सफाई के 1500 देते है महीने के
ओर अब 4th ग्रेड वालो के आटे ही
अध्यापक के द्वारा ही बाई जी को समझ दिया गया और अब वो 5000 माग रही है।
यह मांग इनकी बिल्कुल सही है
राजस्थान चतुर्थ श्रेणी अधिकारी भर्ती का विस्तृत जाॅब चार्ट जारी करना चाहिए ताकि स्कूल मे प्रिसिंपल या अधिकारी अपनी मनमर्जी से 4th Grade से कार्य न करा सके।
कुछ स्टूडेंट बोल रहे हमसे रसोई मे चाय,टीचर के लिए खाना बनाने का बोल रहे है।
स्कूल मे 4th Grade का काम है केवल घंटी बजाना,कमरे खोलने और छुट्टी के बाद पंखे लाईट बंद करके रूम लाॅक करना,स्कूल का मेन गेट बंद करके घर जाना।
बाकि प्रिसिंपल कहे तो पढ़ा भी सकते हो...क्योंकि यह सब टैलेंट स्टूडेंट है।।।
@4thgraderaj@RajCMO@BhajanlalBjp ये आरोप नही इन सब को हम फील्ड हर दिन स्कूल में face करते है ।
टॉयलेट की सफाई
पूरे स्कूल का झाड़ू
कचरा
कचरापात्र साफ करना
ओर तो ओर
15 के लिए स्कूल ग्राउंड की सफाई करने बड़ी हुई घास को काटना
इतने काम है
LDC अलग हेडमास्टर है।
उस की पोथियों गिनो रखो गाड़ी में रखो
बाहर निकालो😢
ये आखिर शिक्षा विभाग में हो क्या रहा है?
यदि नवचयनित कर्मचारियों से 12-12 घंटे चौकीदारी,छुट्टियों से वंचित करना और पद से बाहर के कार्य करवाए जा रहे हैं तो यह गंभीर मामला है
शिक्षा विभाग को तुरंत संज्ञान लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए
नियुक्ति मिली है,बंधुआ मजदूरी नही
@Piyagupta123 स्कूल वालो ने सफाई के लिए 1000 रुपये में लगा रखी है और हमारे जाते है उस को समझ दिया और अब 10000 में से 6000 सफाई के माग रही है ।
3500 पेट्रोल ऐसे। तो कुछ नही बचा हरे पास
माध्यमिक शिक्षा विभाग बीकानेर
शिक्षा विभाग में नवचयनित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के साथ कुछ विद्यालयों में प्रिंसिपल द्वारा परेशान करने, अवैध वसूली करने, अपशब्द बोलने एवं अनावश्यक दबाव बनाने जैसी शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
कई विद्यालयों में पुराने/AI से बनाए गए जॉब चार्ट दिखाकर 12 घंटे की नाइट ड्यूटी लगाने, रविवार की छुट्टी नहीं देने तथा अन्य मनमाने कार्य करवाने जैसी शिकायतें भी प्राप्त हो रही हैं।
प्रिंसिपल के द्वारा सहायक कर्मचारी को All Time खड़े रहने जैसे आदेश दिये जा रहे है।
राज्य के सबसे सम्मानित विभागों में से एक शिक्षा विभाग में इस प्रकार की बातें सुनकर अत्यंत दुख हो रहा है।
मेरे सभी भाई-बहनों से कहना चाहता हूँ—चिंता मत करो। आपकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जा रहा है।
👉 कल शिक्षा सचिव महोदय को संबोधित पत्र तैयार किया जाएगा, जिसे सोमवार को सौंपा जाएगा।
👉 मंगलवार को मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास जी को भी पत्र देकर इन समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग की जाएगी।
हमारा उद्देश्य किसी व्यक्ति का विरोध करना नहीं, बल्कि नवचयनित कर्मचारियों को सम्मानजनक कार्य वातावरण और नियमों के अनुसार कार्य करने का अधिकार दिलाना है।
@saten_08@kamal_kanawaria@educationnagari@Tejal_Shiksha
15 दिन के अंदर आपकी समस्याओं के समाधान की दिशा में कुछ न कुछ ठोस प्रयास जरूर किया जाएगा।
राजस्थान शिक्षा विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से निर्धारित नियमों के विरुद्ध 12-12 घंटे काम करवाना और संडे को भी छुट्टी न देना पूरी तरह से नियमों का उल्लंघन है।
1. सरकारी नियमों का उल्लंघन: शिक्षा विभाग में नवनियुक्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से निर्धारित 6 घंटे की जगह 12 घंटे ड्यूटी करवाना श्रम कानून और सरकारी नियमों का खुला उल्लंघन है।
2. सप्ताह में एक भी छुट्टी नहीं: कर्मचारियों से बिना किसी साप्ताहिक अवकाश (संडे ऑफ) के लगातार सातों दिन काम लेना उनके मौलिक अधिकारों के खिलाफ है।
3. शारीरिक और मानसिक शोषण: शिफ्ट के नाम पर 12-12 घंटे की चौकीदारी और भारी साफ-सफाई का दबाव डालना कर्मचारियों का मानसिक और शारीरिक शोषण है।
4. बिना भत्ते के अतिरिक्त कार्य: जब कर्मचारियों की नियुक्ति एक निश्चित समय के लिए हुई है, तो उनसे बिना किसी अतिरिक्त मानदेय (Overtime Pay) के डबल ड्यूटी क्यों ली जा रही है?
5. प्रधानाचार्यों की मनमानी: कुछ विद्यालयों के प्रिंसिपलों द्वारा अपने स्तर पर तानाशाही रवैया अपनाकर इन नए कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है जो कि निंदनीय है।
6. श्रम का सम्मान हो: चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी विभाग की रीढ़ हैं, उनके साथ बंधुआ मजदूरों जैसा व्यवहार तुरंत बंद होना चाहिए।
7. कर्मचारियों में भारी आक्रोश: इस अनुचित व्यवहार और शोषण के कारण नए अलॉटमेंट पाए कर्मचारियों में भारी निराशा और मानसिक तनाव व्याप्त है।
8. उच्च अधिकारियों से गुहार: हम शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों और जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) से मांग करते हैं कि वे इस मामले में तुरंत संज्ञान लें।
9. ड्यूटी के घंटे तय हों: सभी विद्यालयों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए निर्धारित वर्किंग आवर्स (Working Hours) और सरकारी छुट्टियों के नियम कड़ाई से लागू किए जाएं।
10. न्याय और निष्पक्ष जांच की मांग: नियमों के विरुद्ध काम करवाने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तुरंत जांच हो और इन बेकसूर कर्मचारियों को उनका हक और न्याय मिले।
@saten_08@kamal_kanawaria@JaatMohit001@Radhemahwa@alokrajRSSB@educationnagari@ashokgehlot51@BhajanlalBjp