#Jaipur: होम्योपैथिक चिकित्सकों ने किया न्याय के लिए प्रदर्शन
होम्योपैथी डेवलपमेंट एसोसिएशन, शक्तिशील फाउंडेशन एवं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संयुक्त तत्वावधान में किया प्रदर्शन....
#RajasthanWithFirstIndia@RajGovOfficial@ml_vikas
@Dr_pannu444@LaxmanGodaraINC डॉ कुलदीप पहले तो आपको इंग्लिश में लिखा हुआ भी पढ़ना सीखना चाहिए दूसरा मेरिट और कॉमन मेरिट का अन्तर सीखना चाहिए
बाकि आपके खुद की क्या मांगे थी वो हिन्दी में लिखी है शायद यह हिन्दी में लिखा हुआ पढ़ना आता हो
शिक्षा विभाग द्वारा इन अभ्यर्थियों के जायज हक को ध्यान में रखते हुए, इस भर्ती में आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी तीनों अलग पद्धतियां हैं लेकिन अभ्यर्थियों की प्रतिस्पर्धा तो केवल अपनी पद्धति के साथियों से होनी चाहिए, दूसरों से नहीं।
मेरा सरकार से निवेदन है कि इस विषय पर ध्यान दे व न्याय देने का काम करने
#अलग_सिलेबस_अलग_मेरिट #SeparateMerit #AYUSH
@BhajanlalBjp@GajendraKhimsar@RajCMO@RajGovOfficial
लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बोल रहा है कन्ट्रोवर्सी है, अधिकारी बोल रहे हैं चयन प्रक्रिया में गलती है, अब सामाजिक कार्यकर्ता भी बोल रहे है कि अपारदर्शिता रखी गई है तो फिर सरकार कब तक सुनवाई पूरी कर न्याय करेगी? @BhajanlalBjp@DrPremBairwa@GajendraKhimsar@JPNadda@Rajendra4BJP
AYUSH MO भर्ती में सबसे बड़ा सवाल अब भी अनुत्तरित है…
Common Post होना पूरी तरह स्वीकार्य है, किसी को इससे आपत्ति नहीं।
लेकिन Official Notification में साफ़ लिखा था
Separate Exam Paper Part as per Essential Qualification (BAMS/BHMS/BUMS)
मतलब स्पष्ट था - 450 नंबर में से 270 नंबर हर स्ट्रीम के लिए अलग थे।
अलग-अलग Syllabus, अलग-अलग Exam Paper, अलग-अलग Answer Key
हर अभ्यर्थी ने अपनी-अपनी Stream के अनुसार तैयारी की और परीक्षा दी।
तो फिर एक ही Common Merit List किस आधार पर बनाई गई है, निवेदन है इस पर थोड़ा ध्यान दिया जाए
BAMS vs BHMS vs BUMS के नंबरों की तुलना कैसे हुई?
क्या Normalization लागू किया गया?
अगर किया गया तो उसकी Methodology क्या थी?
यदि नहीं किया गया, तो अलग-अलग पेपर के बीच समानता कैसे मानी गई?
अभ्यर्थी सिर्फ़ पारदर्शिता और स्पष्ट जवाब चाहते हैं।
हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़ा विषय है, इसलिए Official Clarification बेहद जरूरी है।
#अलग_सिलेबस_अलग_मेरिट