#PriyankaOnABP
रामायण मे बड़ा ही अच्छा प्रसंग हैं जो की अभी के समय के राजनीति पर सटीक बैठती हैं
प्रसंग जो कि इस प्रकार हैं:
• जब राक्षस राज रावण के पुत्र मेघनाद द्वारा श्री लक्ष्मण जी पर शक्ति से वार किया गया और लक्ष्मण जी उस घात के कारण मुर्छित हो गए
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@INCIndia
@UdayChatterje@Sitamarhijn@samrat4bjp "मिथिला" हमेशा से अपेक्षित ही रहा है। विकास परियोजनाएं या तो मिथिला आती नहीं है और यदि आई भी तो फिर On Paper ही... हकीकत में नहीं।
माँ सीता के नाम से विश्व विद्यालय निर्माण होगा लेकिन उनकी जन्मस्थली पर नहीं! विडंबना है भाई!
@samrat4bjp माँ सीता का जन्म सीतामढ़ी में हुआ था। और विकास के स्तर से देखे तो सीतामढ़ी पिछड़ा जिला भी है लेकिन कोई भी विकास परियोजना होगा तो वह पटना और दक्षिण बिहार तक ही सीमित रहेगा।
बिहार के दूसरे क्षेत्रों खास कर मिथिला के साथ अन्याय है। यदि ऐसा परियोजना है तो उसे सीतामढ़ी में Shift करे।
@ReporterAnkitG कोई भी फैसला और आम सहमति On Paper लिखित दस्तावेजों से होती है। यह एक Protocol है। यदि ECI में आम सहमति बनी तो फिर कागज कहां है। सूत्रों के हवाले से दावा नहीं चलेगा। बाकायदा सारे Documents प्रस्तुत किए जाए। और ज्ञानेश कुमार को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा तो देना ही चाहिए।
भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए। फिर भारत के नागरिकों के समक्ष जवाब देना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट को स्वत: संज्ञान लेकर भारतीय लोकतंत्र को बचाने के लिए Judicial Investigation करवाना चाहिए।
@akhileshsharma1 यहीं अंतर है स्वतंत्र पत्रकार और सरकारी पत्रकार में। The Indian Express की Journalist @RitikaChopra__ ने कोई भी दावा सूत्रों के हवाले से नहीं किया है। उन्होंने बाकायदा तारीख के साथ Letters को Quote किया है। इसीलिए Credibility रितिका का High है।
@JamuiPolice@bihar_police@IPRDBihar@BiharHomeDept जमुई पुलिस आपकी रात्रि गश्ती सिर्फ और सिर्फ X पर मालूम पड़ती है। यदि ऐसा कुछ व्यवस्था आप बनाए रखते तो सड़कों पर गुंडों का समूह छात्रा के साथ दरिदंगी का प्रयत्न नहीं करता ।
बिहार की विधि व्यवस्था गर्त में है। सड़कों पर Police का भय खत्म हैं।
#Jamui
वीडियो में दिख रहे व्यक्ति जिसने युवती के साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया वह नकाबपोश था। जिसका अर्थ यही है कि वह भीड़ सुनियोजित रूप से वहां मौजूद थी। जिसका लक्ष्य एक ही था अपराध!!
कानून का खौफ बिहार के सड़कों पर खत्म हो चूका है। सरकार का विधि व्यवस्था गर्त में है।
Crime done by the mob in Jamui Bihar, is not a cultural shock for the Prime Minister. Minor couple was harrassed by the group of men on the name of Moral Policing. Man tried to rape that girl but our government only get distress when someone abuses PM.
@JamuiPolice@JamuiPolice ये Police दीदी 19 तारीख को कहां थी? जब उन दोनों नाबालिगों के साथ भीड़ प्रताड़ना कर रही थी! जब उस लड़की के साथ वहां की भीड़ जघन्य अपराध करने के कोशिश में थी!
सिर्फ़ और सिर्फ़ PR करने से नहीं होगा! जमीन पर कार्यशैली देखने को मिलनी चाहिए।
@yadavtejashwi जमुई में जो नाबालिगों के संग जो घटना घटित हुई हैं, उस पर नेता विपक्ष होने के नाते एक ट्वीट न आना हृदयविदारक हैं। व्यक्तिगत रूप से आपको बिहार सरकार पर दबाव डाल कर जल्द से जल्द न्याय सुनिश्चित करवाना चाहिए
@samrat4bjp निर्लज्जता की पराकाष्ठा है। जमुई में नाबालिगों के साथ हुए प्रताड़ना का Videos पूरे Social Media पर उपलब्ध है। उस बच्ची के साथ कुकृत्य करने का प्रयास किया गया। लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री Mixed Martial Art का Post कर रहे है।
मुख्यमंत्री जी कार्यवाही कराइये! ऐस की नाजिर बने।
@bihar_police@BiharHomeDept@IPRDBihar पूरे भारत में यदि कोई सबसे पतित पुलिस होगी तो वह बिहार पुलिस है। आज के समाचार पत्रों में और पूरे Social Media पर दो नाबालिग के साथ प्रताड़ना की खबर भी छप रही है। क्या कार्यवाही हुई? कितने लोग पर FIR हुआ? गिरफ्तारी हुई? जवाब दो Bihar Police
The way group of men in Jamui, Bihar harrassed the Minor couple on the name of Moral Policing is disheartening and disgusting. Especially the man with covered face is rapist and molester... @samrat4bjp take immediate action and put them behind bars. No if and but.
@AmanKumarKamble यदि साहिल सामान्य जाति का होता तो 614वी रैंक पर उसे IIT Bombay मिलता भी नहीं। साहिल बिल्कुल होनहार छात्र था लेकिन यदि पिछले तीन महीनों से जातिगत आधारित अपमान का शिकार था तो उनके माता पिता ने पूर्व में कोई प्राथमिकी क्यों नहीं दर्ज़ करवाया? IIT Bombay का प्रकरण Act का Misuse है।
देश में जातिगत वैमनस्यता में वृद्धि हो रही है। राजनीति के तुच्छ फायदों के कारण प्रत्येक व्यक्ति दूसरों को संदेह की नज़रो से देख रहा है। सामान्य जातियों के लोग हो या अनुसूचित जातियों/ जनजातियों के।
दोनों तरफ के प्रबुद्धजनों को बैठककर इसका निवारण करना चाहिए।
@TweetAbhishekA "पुलिस को कुछ मिला होगा" भाई क्या स्तर है तुम्हारा?? और SC/ST Case दर्ज करने से पहले Preliminary Enquiry की आवश्यकता भी नहीं है! Abetment of Suicide संज्ञेय (Congnizable) अपराध है तो इस स्थिति में Police FIR के लिए मना नहीं कर सकती है!
IIT Bombay के Case में Act का Misuse है।
@RahulGandhi@RahulGandhi, आप अगला "छात्रों की गूँज" पटना में आयोजित करिए!क्योंकि बिहार के पटना विश्वविद्यालय के जो Hostels उनकी स्थिति पूरे भारत में सबसे खराब हैं!!बिहार के तमाम महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के Hostels में ताला लगे हुए क्योंकि बिहार की Law and Order फेल है! आप बिहार आइये