शिक्षा विभाग का पतन- शिक्षा मंत्री जी में ये निश्चय कर लिया है की शिक्षा विभाग में कुछ ���हीं छोड़ा जाएगा पूरी तरीके से बर्बाद करके जाएँगे
न अच्छी बिल्डिंग है न एक भी योजना
विशेष- एक ढंग की भर्ती नहीं हुई अब शुरू कर रहे है विद्या सम्बल योजना के नाम से गेस्ट फैकल्टी लगाना (पूर्व सरकार में 15 द���न मेहनत करके कैंसल करवाने का कार्य किया था क्योकि सरकार सुनने वाली वार्ता करने वाली थी ) ।
गेस्ट फैकल्टी में भी कोई पारदर्शिता नहीं सब फ़र्ज़ीवाडे से मनमर्जी से बिना मॉनिटरिंग के केवल तीन दिन में प्रक्रिया पूरी की जा रही है
ऑफलाइन मोड पर किसी को हवा तक नहीं लगेगी हुआ क्या
लेकिन शिक्षा विभाग और चिकित्सा विभाग से उम्मीद करना ही बेकार है ।
इन सब पीड़ाओं का एक ही समाधान है आने वाले लोकल चुनाव ��ें नोटा दबा देना लेकिन कमल मत दबा देना वरना रोने के अलावा कोई ऑप्शन नहीं है
तानाशाही और घमंड चरम पर इसलिए पतन जरूरी है
मोबाइल नेटवर्क कंपनियां के खराब नेटवर्क के खिलाफ जिला कलेक्टर को ज्ञापन देने की योजना बना रहे हैं।
क्या आप इसके लिए तैयार हैं ? यदि हां तो कौन से जिले में आप ज्ञापन देने के लिए तैयार हैं 🙏🙏
वन स्टेट, वन इलेक्शन की बात करने वाली भाजपा सरकार को लॉटरी तक स्थगित करनी पड़ रही है, क्योंकि ये बेईमान लोग हैं।
इन्हें बताना चाहिए कि OBC को आरक्षण कम क्यों मिला? SC-ST की लॉटरी गलत कैसे निकाली? भरतपुर में लॉटरी रद्द करके दोबारा क्यों निकालनी पड़ी?
संभवतः प्रदेश में पहली बार ऐसा हुआ है कि नगर निगम, नगरपालिका और नगर परिषद सबको मिला��र एक साथ आक्षरण निर्धारित कर दिया गया। ये सीधे तौर पर SC, ST, और OBC के हक के साथ खिलवाड़ है।
तिरंगा तो लहरा रहा है… मगर बच्चों का भविष्य मलबे में दबा है!
जब पूरा देश आज़ादी के 80वें स्वतंत्रता दिवस के जश्न में डूबा है, तब हमारे प्रदेश के बच्चे टूटे स्कूल के मलबे और पत्थरों के बीच खुले आसमान के नीचे त���रंगा फहरा रहे हैं।
ये केवल हरिया खेड़ा गांव (उदयपुर) के स्कूल की बदहाली नहीं, ये उन सपनों की भी तस्वीर है जिन्हें भाजपा सरकार की अनदेखी ने मलबे में छोड़ दिया है।
देश की शिक्षा व्यवस्था को गर्त में धकेलने वाली BJP-RSS की सोच में बच्चों की पढ़ाई और उनका भविष्य कभी प्राथमिकता रहा ही नहीं।
एक आंदोलन मोबाइल नेटवर्क कंपनियों के खिलाफ किया जायेगा।
गांव देहात से लेकर शहर के सामान्य यूजर हर महीने 5G के लिए 400-500 रुपए का रिचार्ज करवाते हैं और नेटवर्क 2G का आता है।
इससे बड़ा स्कैम और क्या होगा 🙏🙏🙏🙏
क्या हाल बना दिया है राजस्थान की भाजपा सरकार ने सरकारी स्कूलों का!
प्रदेश की एक बच्ची भाजपा सरकार से पूछ रही है कि "अगर आपके बच्चे होते, तो क्या आप उन्हें ऐसी ही सुविधाओं में पढ़ाते?"
थानागाजी (अलवर) के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्य��लय में टूटी पट्टियां, जर्जर भवन और हर पल हादसे का खतरे के बीच आखिर बच्चे कैसे पढ़ेंगे। शिक्षा व्यवस्था की बदहाली का ये आईना सिर्फ एक स्कूल का नहीं, प्रदेश की हजारों ��्कूलों में जर्जर भवनों की यही स्थिति है।
दु:ख की बात है कि बच्चे बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं, अपने हक के लिए लड़ रहे हैं, धरने दे रहे हैं, और भाजपा सरकार बेपरवाह बनी हुई है।
क्या सरकार फिर झालावाड़ जैसी घटना के बाद जागेगी? @RajCMO
राजस्थान में छात्राओं के साथ छेड़छाड़ और अत्याचार की खबरें बेहद चिंताजनक हैं।
“बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” की बात करने वाली सरका�� के राज में ही राजस्थान की बेटियां अगर स्कूल में ही सुरक्षित नहीं हैं, तो इससे बड़ी विडंबना क्या होगी?
सवाल सीधा है बेटियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
आरक्षण खतरे में है =
राजस्थान में 41 जिला प्रमुख पद के लिए आरक्षण लॉटरी का गणित समझे :-
16 % आरक्षण वाले SC वर्ग को - 8
12 % आरक्षण वाले वर्ग ST को - 7
21 % आरक्षण वाले वर्ग OBC को - 5
15 % जनसंख्या के लिए अनारक्षित - 21
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14 दिनों की भूख हड़ताल के बाद छात्र नेता शुभम रेवाड़ ने अनशन के ‘आइकॉन’ सोनम वांगचुक से मुलाकात की।
चेहरे पर दिख रही अलग चमक बता रही है कि यह मुलाकात उनके लिए कितनी खास रही।
मारवाड़ की बेटी इस दुनिया को अलविदा कह कर चली गई है। आज भी इनका परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है। सरकार से निवेदन है कि भंवरी को न्याय दें।
#भंवरी_को_न्याय_दो
व��श्व आदिवासी दिवस के पावन अवसर पर मीणा हाईकोर्ट, नांगल प्यारीवास (दौसा) में आयोजित भव्य समारोह में सम्मिलित होकर हमारी गौरवशाली आदिवासी संस्कृति, परंपरा और इतिहास को नमन किया।1/2
आज विश्व आदिवासी दिवस है परंतु ना देश के प्रधानमंत्री ना प्रदेश के मुख्यमंत्री ने अब तक शुभकामनाएं दी।
जबकि देशभर में करोड़ों आदिवासी हैं।
अब बताओं हर साल आदिवासी दिवस पर आदिवासियों को शुभकामनाएं तक नहीं देते, अक्सर यह दिवस ही क्यों भूलते हैं ??
@narendramodi@BhajanlalBjp
एक सामाजिक व्यक्ति होने के नाते अपने समाज की बात करूं तो संख्या के अनुपात में बहुत कम सरकारी नौकरी में प्रतिनिधित्व है🙏🙏
जिनका जनसंख्या के अनुपात में बाकी की तुलना में अच्छा प्रतिनिधित्व है उनको बधाई 🎉 जिनका बिल्कुल प्रतिनिधित्व नहीं है उनको भी मौका मिलना चाहिए
#जितनी_जनसंख्या_उतनी_भागीदारी