में बीजेपी की जीत की खुशी भी मनाई
में राममंदिर में बीजेपी के साथ था
कश्मीर मुद्दे, CAA-NRC पर बीजेपी के साथ था
पर प्रधानमंत्री जी आपके शिक्षामंत्री को action तो लेना चाहिए
CJP जैसी फर्जी चीजे NEET के लिए जिम्मेदार लोगों को बचा कैसे सकती है
भारत के लिए क्रिकेट खेलने वाले क्या भारत देश के लिए क्रिकेट खेलते या भारत सरकार के लिए …
ये एक private firm के लिए क्रिकेट खेलते जिसका नाम BCCI है
Private body में कोई सूचना का अधिकार नही होता, चयन ओर मनोनीत होने के अपने नियम होते ,
रियान पराग का INDIA-A में होना इसका आधार है
कॉकरोच जनता पार्टी को लोग क्यों फ़ॉलो कर रहे इसीलिए की वो जनता के मुद्दे उठाएगी…नही
क्योंकि उन्हें एक उम्मीद लगी इस सिस्टम से सवाल पूछने के लिए कोई खड़ा हुआ
Right wing ideology की सबसे बड़ी दिक्कत ये है कि उन्हें सवाल पसन्द नही है
ये में, आप, ओर सभी के लिए लागू है
@narendramodi आपकी अपील देशहित में है
किन्तु आपके काफ़िले को देख कर लगता आप इस देश से प्यार नही करते
क्या आपका मन्त्रिमण्डल आपकी बात मानता है
#bjp@AmitShah
At the beginning of this year, I set goals to learn horse riding, complete the Everest Base Camp trek, renew my license and start shooting practice, and join a swimming group.
Now I’m just trying to walk safely 💔😏
Life me thodi bahut stability aati hai
Thodi account me shaving achhi hoti hai aur ek गंडक mitra aake bolta
" Bhai ye krte maje aaynge"
Aur life ki lg jati hai....... Fir se
पहाड़ देखे मुझे बरस हो गया
फूल, जंगल बिखरे ओर बर्बाद हो गए
महबूब को कोई ख़ास पसंद नही है पढ़ना
बताओ किसके लिए लिखू, ये
किस्से, कविताएं और कहानियां
@hukam___
जब इंदिरा गांधी ने अमेरिका के साथ
सबसे टफ डील की
—
1960 का दशक था।
भारत सूखे से जूझ रहा था।
खेत सूने थे।
अनाज के भंडार खाली हो रहे थे।
देश PL-480 के तहत
अमेरिकी गेहूं पर निर्भर था।
—
काग़ज़ों में इसे
“Food for Peace” कहा गया।
हक़ीक़त में
यह भूख पर नियंत्रण था।
—
अमेरिका ने
“शिप टू माउथ” नीति अपनाई।
हर महीने तय होता था
अनाज आएगा या नहीं।
कभी देरी।
कभी खामोशी।
भारत के पास
कई बार
सिर्फ कुछ हफ्तों का खाना बचता था।
भोजन
राजनीति का हथियार बन चुका था।
—
1966 की क्रिसमस की एक घटना
इस दौर की पूरी तस्वीर दिखा देती है।
व्हाइट हाउस में
राष्ट्रपति लिंडन बी. जॉनसन की बेटी
लूसी जॉनसन ने
अपने पिता से कहा —
भारत गरीब है।
लोग भूखे हैं।
आज क्रिसमस है।
अनाज भेज दीजिए।
सोचिए —
एक देश के लिए
दया की अपील करनी पड़ रही थी।
—
जब इंदिरा गांधी ने
वियतनाम में अमेरिकी कार्रवाई की आलोचना की —
तो अनाज की रफ्तार और धीमी हो गई।
दबाव बढ़ा।
शर्तें बढ़ीं।
1966 में
मदद के बदले
रुपये का अवमूल्यन कराया गया।
देश ने इसे
अपमान की तरह लिया।
आत्मसमर्पण की तरह महसूस किया।
—
यहीं से
कहानी बदली।
—
इंदिरा गांधी ने तय किया —
भारत
भीख के कटोरे पर
अपनी अर्थव्यवस्था नहीं चलाएगा।
—
खाद्य आत्मनिर्भरता।
हरित क्रांति।
एम.एस. स्वामीनाथन।
सी. सुब्रमण्यम।
कुछ ही सालों में
भारत PL-480 से बाहर आ गया।
—
इंदिरा ने
डील नहीं बदली।
उन्होंने
ताकत बनाई।
—
इतिहास यही सिखाता है —
समझौते
साइन होने से ऐतिहासिक नहीं होते।
वे ऐतिहासिक तब होते हैं
जब देश
दबाव में नहीं,
मजबूती में खड़ा हो।
—
असल नेतृत्व
वही है
जो भारत को उस मुकाम पर ले जाए
जहाँ
किसी भी कीमत पर
दया की अपील
न करनी पड़े।
#usindiatradedeal
#indiragandhi
Cut-off marks: 18 (2025) — my marks: 17
Cut-off marks: 21 (2026) — my marks: 19
The universe wants to keep me in the same position and still says,
“You are doing better every year.”
I can charge 1 dollar for posting any random thing on my meme page, and people don’t even know my identity.
Still, my priority is my work —more than family, friends, or life itself. For what? Just for experience.
I’ve been stuck in this loop for a decade.