इस्ताम्बुल एयरपोर्ट पर 5 घण्टे का ले ओवर था।
ज्यादातर समय स्मोकिंग जोन में गुजरा। वह बन्द रूम नही था, खुली बालकनी थी। आप प्लेन को आते जाते, उड़ते उतरते देख सकते थे। साइड में मॉकटेल काउंटर भी था। परफेक्ट..
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माचिस सिक्युरिटी चेक के समय जपत हो चुकी थी। वहां हीटर भी न दिखा। जाहिर है, दीप से दीप जलाना ही एकमात्र तरीका था। लेकिन किसको कहोगे??
जाहिर है, अपनी जैसी शक्लो सूरत वाले से। मांगा, उसने दिया। दीप जलाकर बगल ही मैं बैठ गया। मुंह खोलते ही पता चल गया-पाकिस्तानी है।
पंजाबी एक्सेंट में बात कर रहा था। मर्चेंट नेवी में था। घर जा रहा था। अंग्रेजी और हिंदी (पाकी उर्दू टाइप) में एकदम फ़्लूएंट। मगर अंग्रेजी जल्द ही त्याग कर हम औकात पर आ गए।
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तो बात गजलो पर गयी। उसके मर्चेंट नेवी के अनुभवों पर गयी। मुरी और मुअन जोदाड़ो पर गई। दोनो जगहें उसकी घूमी हुई थी। क्रिकेट, कराची के उसके घर, परिवार पर गयी।
इतनी अच्छी भाषा मे बात कर रहा था, मन करे कि बस बोलने दो, सुनते रहो। ज्यादातर उसने ही बोला। हम साइड के बार मे बैठे। खाते पीते बात करते रहे। मैने वालेट निकाला। उसने धीमे से हाथ पर हाथ रखकर रोक दिया, और अपना वॉलेट निकाल कर पमेन्ट किया।
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बीवी लाउंज में थी। उधर भी देखना था। सो मैं लौट गया। एक डेढ़ घण्टे बाद फिर चल पड़ा। वो दिखा। हाथ हिलाया।
कुछ कहने की जरूरत नही थी। दोनो चले उसी बालकनी की तरफ। फिर बातें शुरू हो गयी। पर अब उसका फ्लाइट टाइम करीब था। उसने हाथ मिलाया। चला गया।
मैं भी बीवी की तरफ लौट गया।
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घण्टे डेढ़ घण्टे बाद फिर गया। इस बार अकेला था। सिगरेट में स्वाद नही आया। फेंककर लौटा, तो फिर नही गया।
उसका चेहरा हल्का सा याद है। मेरा नाम नही पूछा उसने, न मैनें उसका। पूरे वक्त वो पाकिस्तान था, मैं हिंदुस्तान था। यही पहचान थी। मगर दुश्मनी की कोई खलिश नही। बस क्यूरियोसिटी थी।
पूरे वक्त मैं उससे ज्यादा विनम्र, अधिक केयरिंग होने की कोशिश में था। पर सच यह कि उसने यह प्रतियोगिता बड़े अंतर से जीती थी।
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सीमाओं के भीतर बनाया गया बनावटी माहौल, देश से बाहर जाते ही स्वतः विलीन हो जाता है। सच यही है कि भारत और पाकिस्तान के बीच की सीमाएँ, चाहें जमीन पर हों या दिल पर। ये कृत्रिम है, अनचाही हैं, दूसरों के द्वारा जबरन उकेरी गई है।
आप कितने भी कट्टर हों, मैं दावा कर सकता हूँ कि जब किसी सीमा पार वाले से मिलेंगे, नजरें मिलाकर स्माइल कर देंगे, वो आपके कंधे पर हाथ रख देगा। जेहन में बरसो से खिंची लकीरें घुल जाएंगी।
आप नीरज हो जायेगे।
वो अरशद हो जाएगा।
★★
( कुछ बरस पुरानी घटना, जो नीरज औऱ अरशद की यह तसवीर देखकर याद आ गई थी, एक पोस्ट बनाकर लिखी थी।
किसी मित्र ने आज रिपोस्ट किया है। आपके लिए यहां प्रस्तुत कर रहा हूँ)
Dear citizens. Please produce children if you wish to and if you can afford to. Bhagwat won’t be bringing up your children and neither will he be educating them and paying their bills.
सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के मित्रों से आग्रह है कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में मेरी ऐसी किसी भी ऐसी तस्वीर का इस्तेमाल न करें जिसमें मैंने एनडीटीवी का माइक पकड़ा हो। मेरा NDTV से नाता पूरी तरह ख़त्म हो चुका है। लेकिन देखने में आ रहा है कि मुझे quote करते समय आप में से कुछ मेरी ऐसी पुरानी तस्वीर लगा देते हैं। जबकि मेरी बहुत सी नई तस्वीर भी ऑन लाइन उपलब्ध हैं। 😌
Where is Amitabh Bachchan?
Where is Juhi Chawla?
Where is Anjana Om Kashyap?
Where is Anupam Kher?
Where are those who were crying @ $1 = ₹60 during the Dr Manmohan Singh govt ☠️
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 और 23 अप्रैल,2025 को सऊदी अरब के जेद्दाह शहर की यात्रा की थी। दो दिन में केवल होटल का कुल खर्च था 10 करोड़ 26 लाख 39 हजार 658 रुपए। ये जानकारी RTI से हासिल हुई है।
नोट: अमित शाह ने कहा था कि प्रधानमंत्री होटल का खर्चा बचाने के लिए एयरपोर्ट पर ही नहा लेते हैं।
फोटो-अप से पॉलिसी नहीं बनती ‘नमस्ते ट्रंप’ से सिर्फ ताली बजती है, हल नहीं निकलता!
विदेश में तालियां, देश में खाली थालियां!
"गले ट्रंप से मिलाए, पर जनता बेरोज़गारी में घिर जाए!
पहली बात-‘संस्कार’ पर प्रवचन देने से पहले गिरेबान में झांक लेतीं “घर के अंदर शादी-शुदा,घर के बाहर सिंगल’ महिला
दूसरी बात-बिना ‘कमल’ और ‘भाजपा’ का सहारा लिए भला-बुरा भी नहीं कह सकतीं
ये आपकी तलवा-चाटू’ पत्रकारिता का एक और प्रमाण है
तीसरी बात-हार का कीचड़ तो मैं अपनी मेहनत से धो
लूंगी अगले चुनाव में पर आपके चेहरे पर लगी कालिख नहीं धुलने वाली !
While ECI asks for citizenship papers, it refuses to give its own papers on SIR. We track four RTI requests made to the Commission on SIR which received non responses
Report by @ayushikar1998 & @harshithamanwan
https://t.co/BD7nrf5jr9
SIR की फाइल ही नहीं है? ऐसा कैसे हो सकता है? चुनाव आयोग फंस गया है। इस ख़बर पर MISLEADING का ठप्पा भी नहीं लगा सकता कि फाइल नहीं होने की बात ग़लत है। फिर लोग पूछेंगे कि फाइल अगर है तो RTI के तहत क्यों नहीं दे रहे हैं? कम से कम यही बता दें कि फ़ैसला चुनाव आयोग ने ही लिया है, किसी और ने नहीं। आप लोग स्वायत्त और स्वतंत्र हैं न?
आतंकवादियों के आने की स्क्रिप्ट बाद के लिये थी. टीज़र भी अभी नहीं आना था. स्क्रिप्ट में भूल सुधार किया गया है 😊😆🫢
बिहार चुनाव से पहले “ऑपरेशन सिंदूर” एक्टिवेट होगा, जिसमें “छठ” के अवसर पर BJP की महिला कार्यकर्ताओं द्वारा सुहाग सामग्री और सिंदूर बांटे जाने का प्लान है
😂😂😂
RTI में चुनाव आयोग से कुछ सवाल पूछे गए - चौंकाने वाले जवाब दिए गए हैं
▪️SIR करने के निर्णय को चुनाव आयोग ने कैसे मंजूरी दी, मंज़ूरी की क्या प्रक्रिया थी
👉 इसकी कोई फ़ाइल मौजूद नहीं है
▪️चुनाव आयोग ने अपने हलफनामे में 'स्वतंत्र मूल्यांकन' को SIR का आधार बताया था
👉 उसका कोई रिकॉर्ड नहीं है
▪️बिहार के 2003 के मतदाता सूची पुनरीक्षण के आदेशों/दिशानिर्देशों की प्रति मांगी गई
👉चुनाव आयोग ने 2025 का आदेश दे दिया
⁉️चुनाव आयोग क्या छिपा रहा है?⁉️
सौजन्य - @AnjaliB_
बोली और व्यवहार… दोनों लौटकर आते हैं।
दर्द सबको होता है…
चोट सबको लगती है।
40 साल से उसकी मां को गाली देते रहे, वो चुप रहा।
50 साल से उसके पिता को गाली देते रहे, वो चुप रहा।
60 साल से उसकी दादी को गाली देते रहे, वो चुप रहा।
75 साल से उसके नाना को गाली देते रहे, वो भी चुप रहा।
लेकिन आज…
जब तुम्हारे अपने ही ने तुम्हारी मां को गाली दी,
तो दर्द हुआ न?
चोट लगी न?
राजनीति हो या ज़िंदगी—
जो तुम कल बोओगे, वही आज काटोगे।
#घोरकलजुग #SoniaGandhi
कितना ‘बासी और उबाऊ’ दोहराव है.
पिछले एक सप्ताह के अंदर टोक्यो आये (लाये गये) भारतीयों के एयर टिकिट पर ही एक रिसर्च हो जाये, तो इनकी नौटंकी और आडंबर एक झटके में बिखर जायेगा!
♦️सुनिए सीधे श्रीमुख से...
गुजरात की एक आमसभा में 'माननीय' ने कहा था..
'सोनिया बेन तो एक जर्सी गाय छे'
(सोनिया गांधी एक जर्सी गाय है)
'राहुल तो हाइब्रिड बछड़ा छे'
(राहुल गांधी तो एक हाइब्रिड बछड़ा है)
'सोनिया बेन ने क्लर्क की नौकरी पान न आपे'
(सोनिया गांधी को कोई क्लर्क भी नहीं रखेगा)
' राहुल ने पटवाला नी'
(राहुल को कोई चपरासी भी नहीं बनाएगा)
इस भाषण की लिंक आप ढूंढ लीजिए।🙏
बाक़ी के 'अमृत वचन' यहां हैं...