Why is our External Affairs Ministry speaking to US Embassy in New Delhi? PM Modi, if he has a backbone, should instead call up US President and protest, and circulate what he told him. However, I know why Modi won’t.
India should ask US Ambassador in New Delhi to go back to Washington and remain there unless US expresses regret for the reckless killing of our citizens on sea. But Modi is a pussy cat before Donald. He shivers before him.
कोई भी सरकार होती, कोर्ट ढांचा तोड़ने का आदेश नहीं देती. न ही कोई सरकार ऐसा काम करती. समस्या को जड़ से समाप्त करने का एक ही मार्ग था कि जो हो रहा है होने दिया जाए. अचानक रामलला प्रकट होने, एक अर्जी पर बिना सुनवाई ताले खुलने और ढांचा टूटते समय की निष्क्रियता बिना इरादे नहीं होती.
Pandit Nehru se lamba Tenure ho gya sahab ka to isi argument ke basis par "Sardar Patel ko Pradhan Mantri kyu nahi banaya" waala argument ka bhi THE END mana jae ab.
As Sardar Patel died in 1950 and didn't contest any election for the Parliament of Independent India!
इन सब चीजों से हुक्मरानों को कोई फर्क नहीं पड़ता।
हुक्मरानों को क्यों ही दोष दें, जनता को खुद अपनी सुध नहीं है।
अब ईश्वर से प्रार्थना इस बच्चे को प्रभु आप ही स्वस्थ कीजिए🙏
दलबदल होगा,ये सरकार बनाएगा वो सांसद, विधायक बनेगा.. ये तस्वीर कब बदलेगी ?? 4 दिन से ये तस्वीर परेशान कर रही है लाचार मां बाप खुद से स्ट्रेचर खींच रहे हैं, मां पल्लू भिगोकर छाया दे रही है ...11 साल का बच्चा जिस बीमारी से पीड़ित है उसमें चलने तक में दिक्कत है
आज फिर से वैभव सूर्यवंशी मात्र 44 रन बना पाए और वह भी उन्होंने कुल 22 गेंदे खेलीं।
वैभव सूर्यवंशी के इन 22 गेंदे खेलने पर तालियां बजाने वालों को यह याद रखना चाहिए कि
यह T-20 क्रिकेट नहीं चल रहा है, एक 50 ओवर के खेल में यदि आप महज 3 ओवर खेल पा रहे हैं तो यह बहुत बड़ी चिंता की बात है।
यदि वैभव सूर्यवंशी को इसी तरह से खेलना है तो उनके लिए मात्र एक ही फॉर्मेट है और वह है T-20 फॉर्मेट।
अब इस लड़के की उम्र को लेकर मत कहना क्योंकि
चाहे 15 साल का लड़का खेले या 35 साल का उसे गिना एक खिलाड़ी ही जाता है इसलिए उम्र कम का बहाना नहीं चलता है यहाँ।
डरपोक सब।
नाखून कटा के शहीद होने चले हैं।
जानते हैं राज्य के सत्ता है,उसी सीट से दोबारा राज्यसभा में आ जाएंगे।
कोई लोकसभा का सांसद पार्टी बदलने पर अपने पद से इस्तीफा दे तब मानें।
Another day, another resignation of Trinamool Congress leader.
Now Trinamool Congress RS MP Prakash Chij Baraik has resigned.
Yesterday, Sushmita Dev, before her Sukhendu Sekhar Ray had resigned as RS MP.
मीनाक्षी नटराजन का मामला इतना जटिल है कि आयोग का फैसला आज नहीं आ सका? आज दस जून है। फैसला कुछ भी होता, दस जून की सरकारी पार्टी पर असर पड़ ही जाता। एक सीट पर फैसला पलट देने से आयोग की विश्वसनीयता वापस नहीं होने वाली बल्कि सवाल और उठेंगे कि यहाँ ऐसा हुआ तो बाकी जगहों पर और क्या हुआ होगा।आपको क्या लगता है? 11 जून को भारत को एक और अनिल मसीह मिलेगा ? या मामला लंबे समय के लिए सुप्रीम कोर्ट चला जाएगा?
भक्तों के लिए आज का शब्द है "निर्वाचित" ।
नेहरू जी को भगवान ने पता नहीं किस मिट्टी का बनाया था,जो मरने के इतने वर्षों बाद भी नारंगियों की नींद हराम किए पड़े हैं।
#पंडित_नेहरू 🙏
जब मुल्क में कोई संसाधन तक नहीं होते थे, सुई तक नहीं होती थी... तकनीक के बारे में सोच नहीं सकता था कोई... ऐसे विपरीत हालातों में पंडित नेहरू जी ने आधुनिक भारत की नींव रखी थी.... उस मजबूत नींव की बदौलत आज हिन्दुस्तान की बुलंदी वर्ल्ड में है...
आज राज्यसभा चुनाव में दो नॉमिनेशन पर आपत्ति हुई।
मध्यप्रदेश में बीजेपी ने कांग्रेस उम्मीदवार पर आपत्ति दर्ज की।नॉमिनेशन तुरंत ख़ारिज हुआ।
झारखंड में कांग्रेस ने परिमल नथवानी के नॉमिनेशन पर आपत्ति की। नथवानी को कल तक सफाई का वक़्त दे दिया गया!
दोनों में समान तरह की आपत्ति थी!
जनता को अखंड चू..... समझ लिया गया है। ज्यादातर मामलों में जनता है भी,जैसे यहां।
फिर नेता हो या अफसर मन तो बढ़ेगा ही।
पुल गिर गया किसी की कोई जिम्मेदारी तय नहीं
भागलपुर में विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज का उद्घाटन करने के लिए पथ निर्माण मंत्री और डीएम को राष्ट्रपति से सम्मान मिलना चाहिए। क्योंकि इन्होंने पुल पर चिपड़ी मारने के बाद उद्घाटन करके जग हँसाई का ट्रेंड सेट किया है। यह एक कीर्तिमान बन गया है।
"फ्राड अन्ना और उसकी टीम के आंदोलन" के बाद तो अब आंदोलन और जंतर मंतर का नाम सुन के ही सबसे पहले गाली निकलता हैं मुंह से।
अन्ना और जेपी आंदोलन ने अराजक तत्वों को देश की मुख्यधारा की राजनीति में स्थापित कर दिया।
आज तक और इंडिया टुडे ने कई यूट्यूब टीचर पर मुक़दमा दर्ज किया और उनके वीडियो हटवाने की माँग की है।
मतलब ये किसी को “दो कौड़ी” का कह सकते हैं। किसी को “डायन” कह सकते हैं । किसी को पाकिस्तानी बुला सकते हैं। अपने हिसाब से कुछ भी कह सकते हैं।
लेकिन इनसे कोई सवाल न करे ? कोई जवाब तक न दे!
ऐसे तो एकतरफा डेमोक्रेसी और फ्रीडम ऑफ़ एक्सप्रेशन तो नहीं चलेगा ना!
ये वीडियो देख कर साफ नज़र आता है कि जानबूझ कर वाटर कैनन का इस्तेमाल रोहतक से सांसद दीपेंद्र हुड्डा को घायल करने के लिए टारगेट करके बार बार चलाया जा रहा था। प्रशासन का ये तुच्छ रवैया दिखाता है कि वो किस हद तक जा सकता है। आज कुरुक्षेत्र में NEET और पेपर लीक के खिलाफ युवा कांग्रेस प्रदर्शन कर रहा था।
@DeependerSHooda