ब्रह्मांड की सबसे दुर्लभ और दिव्य घटना वह होती है, जब कोई सिद्ध महापुरुष मानव कल्याण हेतु पृथ्वी पर अवतरित होता है।
लगभग 75 वर्षों के पश्चात, अनंत विभूतियों से विभूषित, परम करुणामय, युगद्रष्टा परमहंस स्वामी श्री अड़गड़ानंदजी महाराज अपनी पावन देहिक जन्मभूमि ओसियां पर पदार्पण कर रहे हैं।
यह केवल एक आगमन नहीं, बल्कि युगों-युगों में प्राप्त होने वाला वह दिव्य अवसर है, जब आत्मसाक्षात्कार की परम अवस्था को प्राप्त, शाश्वत स्वरूप में स्थित महापुरुष अपने जन्मस्थान की पावन धरा को अपने चरणों से पुनः धन्य करते हैं। जब ऐसे ब्रह्मनिष्ठ संत जीवमात्र के कल्याण हेतु अपनी असीम करुणा, प्रेम और कृपा का अमृत बरसाते हैं, तब उनकी अलौकिक लीलाएँ सामान्य जनमानस के लिए भी सुलभ हो जाती हैं।
बुद्धत्व को उपलब्ध होने के पश्चात पहली बार परम प्रकाश स्वरूप, परम दयालु महापुरुष का अपनी जन्मभूमि ओसियां पर आगमन समस्त श्रद्धालुओं के लिए अनिर्वचनीय आनंद, परम सौभाग्य और दिव्य कृपा का अद्वितीय अवसर है।
आइए, इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महोत्सव के साक्षी बनें तथा उनके श्रीचरणों में उपस्थित होकर जीवन को धन्य करें।
🌺 शुभागमन एवं सत्संग कार्यक्रम 🌺
📍 10 जून
* शुभागमन : दोपहर 12:00 बजे
* सत्संग : सायं 4:00 बजे
📍 11 जून
* प्रातः सत्संग : 7:00 से 9:00 बजे
* सायं सत्संग : 4:00 से 6:00 बजे
📍 12 जून
* प्रातः सत्संग : 7:00 से 9:00 बजे
यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आत्मजागरण, गुरु-कृपा और दिव्य चेतना के महासंगम का अनुपम अवसर है।
“जिस क्षण महापुरुष के चरण किसी भूमि को स्पर्श करते हैं, वह भूमि तीर्थ बन जाती है और उस क्षण का साक्षी बनने वाला जीवन धन्य हो जाता है।”
🙏 सादर आमंत्रण 🙏
ओसियां की पुण्य धरा पर पधारकर इस
"EWS जन जागृति यात्रा "
द्वितीय चरण
राजस्थान पर्यटन विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष श्री धर्मेन्द्र सिंह जी राठौड़ EWS जन जागृति मंच के तत्वाधान में आयोजित “प्रेस कॉन्फ़्रेंस तथा EWS विचार गोष्ठी कार्यक्रम” में चूरू, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर में उपस्थित रहेंगे।
@DharmendraS_inc
बड़े भाई ने अपनी कमाई से पढ़ाया, अपने सपनों से बड़ा सपना दिया — देश की सेवा का। और छोटे भाई संतोष वर्मा ने वह सपना पूरा भी किया, पर केवल चार महीने में ही मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान दे दिया। आज बड़े भाई की आँखों में जो नमी थी। वह केवल शोक नहीं था, वह उस प्रेम का भार था, जो शब्दों में कभी समाता नहीं। एक भाई ने रास्ता दिखाया, दूसरे ने उस रास्ते पर अपना सब कुछ अर्पित कर दिया। यही है वह रिश्ता जो खून से नहीं, त्याग से बनता है।
हमारे आम लोग देश को अपने बेटों के खून से सींचते हैं और राजनेता अपने बेटों को या तो राजनीति में भेजते हैं या क्रिकेट में या फिर किसी बड़े कारोबार में।
🙏अमर रहें वीर संतोष वर्मा #sikar #बलिदान
@Praveen65337205
मारवाड़ के लिए यह अत्यंत गौरव और हर्ष का विषय है कि भियाड़ के प्रतिभाशाली युवा नेपाल सिंह ने अंडर-17 मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) चैंपियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अर्जित कर पूरे एशिया में तृतीय स्थान प्राप्त किया है।
इस शुभ अवसर पर उन्हें शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने उज्ज्वल भविष्य की हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की.....
JMM नारे का समर्थन करते हुए….
चलो मान लिया तुम लोगो की विचारधारा भाटी से नहीं मिल रही
लेकिन आपके अंदर इंसानियत नामक कोई चीज भी तो होनी चाहिए
किसी की मौत पर आपको हंसी आ रही है तो इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा
खैर तुम लोगो ने हमेशा कायरता वाले कृत्य किए तुम लोगो को क्या हो समझाये
कितना गिर चुका है दलाल मीडिया... खान सर से फैजल खान और जिहादी बना दिया....
-गरीब बच्चों के लिए सस्ती शिक्षा
-हॉस्पिटल बनाकर हजारों की रिपोर्ट बहुत कम रुपए में
-कई बेरोजगारों को रोजगार दिए
"शिक्षा माफिया,हॉस्पिटल माफिया,मीडिया माफिया इनसे बहुत चिढ़ता था...
कल बाड़मेर स्थित विधायक कार्यालय पर जयपुर ग्रामीण सांसद आदरणीय श्री राव राजेन्द्र सिंह जी, इतिहासविद श्री राजवीर सिंह जी चलकोई सहित अन्य गणमान्यो के पधारने पर उनका स्वागत एवं अभिनन्दन किया।
हिंदू कुलभूषण, चक्रवर्ती क्षत्रिय सम्राट, भारतभूमि के गौरव की रक्षा के लिए मुहम्मद ग़ोरी जैसे आतताई को बार-बार युद्ध में पराजित करने वाले महान योद्धा सम्राट पृथ्वीराज चौहान जी की तिथि अनुसार जयंती (जन्मोत्सव) पर मेरा बारम्बार प्रणाम।
#RajputSamratPrithvirajChauhan
4 साल का, 10 साल का और 15 साल का बच्चा ने पाछो तैयार करयो के... थने थारे बाप को, दादे को पाछो बदलो लेनो है ; राजवीर सिंह चलकाेई
बाड़मेर में आयोजित सम्राट पृथ्वीराज चौहान के जयंती समारोह में मुख्य वक्ता राजवीर सिंह चलकोई ने हर किसी को भाव विभोर कर दिया।
राजवीर सिंह ने कहा कि केवल राजाओं और वीर योद्धाओं का स्मरण किया जाता रहा है। लेकिन,मातृ शक्ति का योगदान में उस समय बेहद अहम था
आप सोचिए राजस्थान की यह धरती जहां 18 साल तक के बालक एक योद्धा की तरह युद्ध में उतरते थे। यही कारण रहा कि 480 साल तक राजस्थान अकेले ने मुगलों को रोके रखा। किसी घर में 18 साल तक के बच्चे तक नहीं बचे थे।
तो मैं इस मौके पर उन माताओं और मातृ शक्ति को भी दंडवत प्रणाम करता हूं।
बीजेपी अक्सर भाटी को परेशान करती रहती है चाहे समाज के नेताओं को कहकर राजपूत समाज के कार्यक्रमों में ना बुलाना हो या फिर भाटी द्वारा उठाई जाने वाली आम जन की मांगों को स्वीकार ना करना हो
भाटी का ये ट्वीट बीजेपी के लिए बड़ा इशारा है कि हवा बदलने में ज़्यादा समय नहीं लगेगा
और भाटी आज के समय में सबसे ज़्यादा फॉलोइंग वाले नेताओं में से एक हैं चाहे धरातल हो या सोशल मिडिया,क्या बुजुर्ग क्या बच्चे ख़ासकर नौजवान तो उनके एक इशारे पर लामबंद हो जाते हैं
लेकिन मैं फिर भी तीसरे मोर्चे के पक्ष में ज़्यादा रहूँगा
सम्राट पृथ्वीराज चौहान, भारतीय इतिहास के उन वीर पुरुषों में से एक हैं, जिनका नाम सुनते ही हर दिल में स्वाभिमान जाग उठता है। आज, उनकी 860वीं जयंती पर, हम उस योद्धा को याद करते हैं जिसने अपने साहस, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति अटूट प्रेम के बल पर इतिहास में अमर स्थान बनाया। उन्होंने दिल्ली की सत्ता संभाली, कई आक्रांताओं से लोहा लिया, और आखिरी सांस तक अपनी स्वतंत्रता की रक्षा की। उनकी शौर्यगाथा केवल युद्ध कौशल नहीं थी, बल्कि न्याय, सम्मान और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक थी। आज भी, उनकी कहानी हमें याद दिलाती है कि आत्मसम्मान और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अडिग रहना ही सच्ची वीरता है। सम्राट पृथ्वीराज चौहान की विरासत हमें प्रेरित करती रहेगी कि हम अपने मूल्यों पर अडिग रहें, चाहे समय कितना ही कठिन क्यों न हो।
ओरण प्रेमी सुमेर सिंह सांवता जिन्होंने जैसलमेर से जयपुर तक पैदल यात्रा करके पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया था
उसी को लेकर आज बाड़मेर में सम्राट पृथ्वीराज चौहान की जयंती पर उनको सम्मानित किया गया !
बाड़मेर में आयोजित पृथ्वीराज चौहान जयंती समारोह में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ नेता शंकरसिंह वाघेला, उद्योग राज्य मंत्री के.के. विश्नोई, जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेंद्र सिंह, पोकरण विधायक महंत प्रताप पुरी, पूर्व डीजीपी सांगा राम जांगिड़, इतिहासकार राजवीर सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।