राम मंदिर में चढ़ावा चोरी हुआ है, जो चढ़ावा चोरी सम्मिलित है उन्हें दंडित किया जाए, इसमें शंकराचार्य परम्परा और ब्राह्मणों कि श्रेष्ठता की बात कहा से आ गई।
देश में संविधान ब्राह्मण को श्रेष्ठ मानता है क्या, देश मनुस्मृति से, रामायण, महाभारत से नहीं चलता है, चल रहा होती तो अब तक न्याय हो चुका होता चढ़ावा चोरी के मामले में और जिम्मेदार लोगो को पहले दंडित किया जाता।
#RamMandirControversy
अनुमानित लागत 150 करोड़...
RSS द्वारा दिल्ली के झंडेवालन में बनाया गया तीन प्रमुख इमारत साधना, प्रेरणा और अर्चना..
3.75 एकड़ में निर्मित बहुमंजिला टावर है, जिसमें 300 कमरे, कार्यालय, सभागार और सम्मेलन कक्ष व्यवस्थित हैं..
कोई फंडिंग नहीं, कोई अकाउंट नहीं, कोई रजिस्ट्रेशन नहीं फिर भी 150 करोड़ का ट्रांजेक्शन कब कहाँ और कैसे संभव है..??
2025 में इन भवनों का उदघाटन होता है,और एक महीना पहले राम मंदिर में लगभग 200 करोड़ चोरी का खुलासा..
मंदिर ट्रस्ट के शीर्ष पर बैठे सभी अधिकारी RSS के साथ जुड़े हुए हैं, कोई पत्रकार सवाल नहीं कर रहा, कोई ED, CBI या इनकम टैक्स इतनी बड़ी रकम का खोज नहीं..
आपको क्या लगता है,सब ठीक है..??
समाज उच्छ्रंखल हो चुका है। अगर कल को कोई लड़का अपने माँ बाप की हत्या कर देगा तो ये लोग कहेंगे कि माँ बाप को समझना चाहिए था कि उसका लड़का साइको है। साईंको की अपनी अवश्यकता है। जैसे भगवान से भय ही ख़त्म हो चुका है।
@VermaVidyapati@SRRP_Projects@AshokShrivasta6 जहां कहीं भी चोरी हुई है केंद्र के पास उनपर कार्रवाई करने की ताकत है क्यों नहीं करती??
अगर खांग्रेसी लोग बाबरी समर्थक हैं, प्रभु श्री राम को गालियां देने वाले हैं तो रामभक्तों पर गोलियां चलवाने वाले को पद्म विभूषण और दूसरे को मंदिर निर्माण अध्यक्ष बनाने वालों को बोलने का हक है?
@SRRP_Projects@VermaVidyapati@AshokShrivasta6 ये सब सुनकर पक चुके हैं!
अगर अभी सरकार सेक्युलर है तो उसे हिन्दूवादी क्यों कहा जाता है??
आप बस एक बात बताओ केस जितने का क्रेडिट भाजपा को, मंदिर उद्घाटन और ट्रस्ट बनाने का श्रेय भाजपा को तो चंदा चोरी का क्यों नहीं?
@Ardhnarishwar9@sanjoychakra@NewsAlgebraIND@SupriyaShrinate समर्पित??
और भाजपा और संघ अलग तो हैं नहीं !
और सबसे पहले प्रभु श्री राम के लिए ऐसे अरबी शब्दों का उपयोग भागवत जी ने ही किया था तो क्या उस समय आपने विरोध किया था?
हिन्दूओं के लिए भगवान श्री राम आराध्य हैं तो उनका ऐसा अपमान कोई भी करें हिन्दूओं की भावना आहत होनी चाहिए चाहे बोलने +
Hello Hindus
This question should hound you all⬇️
WHO IS ACCOUNTABLE FOR RAM MANDIR ROBBERY?
👉Narendra Modi
👉 Mohan Bhagwat
Why?
Supreme Court had asked the Modi govt to form a body for the Ram Mandir. It never told them to hand over the temple to RSS or VHP.
But that’s exactly what happened. Modi handed over the Ram Mandir to RSS , he personally chose Champat Rai to run the trust along with Ram sevak killer Nirpendra Mishra
Why only his own people?
Why were the Shankaracharyas kept out completely? They are the traditional guardians of our temples and dharma. Why were the kar sevaks who fought and sacrificed for the mandir not included by Modi and Mohan Bhagwat?
This temple was built with the hard earned money and faith of ordinary Hindus. Modi govt gave nothing , RSS gave nothing yet took full control.
Big question: How is it possible that the PMO had no idea about the massive money being swindled inside the trust? How is it possible that Bhagwat didn’t know?
It’s not possible. Modi formed this trust in collusion with RSS,,,they handpicked the men running it. They are the ones who must be held accountable for this loot and
for breaking the faith of crores of Hindus.
@SRRP_Projects@VermaVidyapati@AshokShrivasta6 सज़ा दो चोरी करने वालों को कठोरतम हमने कहां रोका है?
अगर आप सबरीमाला और राममंदिर की चोरी में आपको अंतर दिखता है तो आप भगवान के भक्त नहीं हो आप नेता के भक्त हैं!
चाहे चोरी राममंदिर में हो या सबरीमाला मंदिर में चोरी चोरी है चोरों को और उन्हें बचाने वाले दोनों देवद्रोही म्लेच्छ हैं।
१) संघी कहते थे कि राम मंदिर कानून से कभी नहीं बनेगा, यह हिंदू आस्था का सवाल है। लेकिन शंकराचार्य और उनकी लीगल टीम के कारण राम मंदिर निर्माण के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय दिया। बाद में उसी ट्रस्ट को खत्म कर संघी सरकार ने अपनी लुटेरों और कारसेवकों पर गोली चलाने वाले का ट्रस्ट बनाकर उसे लूट लिया।
२) कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर वहां रणबीर पीनल कोड को खत्म कर गो हत्या को संघी सरकार ने लीगल बनाया, जम्मू-कश्मीर में एग्रीकल्चरिस्ट सर्टिफिकेट और डोमिसाइल एक्ट के जरिए बैकडोर से पुनः 370 को बहाल किया।
३) आपातकाल के बाद चुनाव हो रहे हैं, जिसमें चुनाव आयोग ही सत्ताधारी पार्टी के लिए चुनाव लड़ रहा है, ईवीएम जलाया जा रहा है, १८ लाख ईवीएम गायब कर दिए गये हैं और वोट डालने का हर डिजिटल डाटा चुनाव आयोग नष्ट कर रहा है, मांगने पर ही न कोर्ट को देता है न जनता को। इसे 'बनाना इलेक्शन' कहेंगे।
This Chupiya omitted
- Sikh terrorists killed 35000 in Punjab
- Modi killed hundreds of Hindus in police firings in Gujarat.
Why do BhajMullas decorate the Khalistani Harems?