सवर्णों लिख नहीं सकते तो रीट्वीट तो कर सकते हो...
तुम्हारे हिस्से की लड़ाई लड़ रहे लोगों को संबल दो, साथ दो, यह लड़ाई छोटी नहीं है...भाई प्रीत सिंह जैसे राष्ट्रवादी लोग निरंतर लोगों को जागरूक कर रहे हैं।
हम समाज को टूटने नहीं देंगे....
घर घर जाकर जगाते रहेंगे और सिर्फ़ दो बात करेंगे।
SCST मोदी एक्ट के दुरुपयोग पर रोक...
#UGC_Rollback को रद्द होने तक...
@raviparmarIN Arre balak buddhi bheem राव sakpal ko अम्बेडकर sar name ek brahman ka diya hua hai or tuchiye tere पूर्वजो ka kya योगदान hai es देश ki azadi mai bta जरा aya bda desh wala
जब पुलिस को पुलिसिंग करने मिलती है तो वही होता है जो जंतर-मंतर पर आज हुआ। किसी गुंडे, मवाली की औकात नहीं है कि पुलिस स्वतंत्र रूप से कार्य करे और वो राजधानी को बंधक बना लें।
राजनीति जब सुरक्षा संचालन का दायित्व राजनैतिक कारणों से लेती है, तो पुलिस पत्थर-डंडों से पिटती है और वही राजनीति उनके बच्चों, पत्नियों से भावुक प्रेस कॉन्फ़्रेंस करवा कर, सुप्रीम कोर्ट में FIR निरस्त करवा देती है।
आज @DelhiPolice ने गुंडई रोक दी है। अराजकता को समाप्त करने इन्हें आता है।
@AnilYadavmedia1 Arre bkl Kitna niche गिरेगा madarchod jab kisi tera accident hoga toh jo बचाने aye toh unse phle पूछने kon jaat ho or agar स्वर्ण ho toh bhaag kar truck ke niche apna सर dedena lodu
@videsiyuresiyai Arre toh ambedkar ko kyu apna baap bna rahe ho wo toh brahman tha bheem Rao Sakpal kaha karo ek Brahman sir name tumahre liye dikkat nahi hai लेकिन Brahman se dikkat hai waah Re Doglo
Old news :
1. There has been no change in Form 6, whether during SIR or in the non-SIR period.
2. The Declaration Form was an additional document that was asked for in states/UTs where SIR was conducted.
3. As per the press note of the Commission released on 26 Sept 2026, for all states/UTs where SIR has been completed, there shall be no requirement for the Declaration Form.
भीम आर्मी के गुंडों ने अलीगढ़ में सचिन राघव को पीटा, हत्या का प्रयास किया, अपमानित किया। और अब पुलिस स्टेशन भी घेर कर बैठ गए हैं। क्या सवर्णों की यही स्थिति बनी रहेगी? क्या सवर्ण होना और सड़क पर निकलना भी अपराध हो गया है?
हमारी बहन-बेटियों पर हर दिन टिप्पणी होती है, सरकार सोई रहती है। अब भीड़ बना कर घेरा और पीटा जा रहा है। ध्यान रहे, जिस दिन सवर्ण ने इन्हीं गुंडों की तरह कानून से डरना बंद कर दिया, वह दिन बहुत विकट होगा समाज के लिए।