We are guided by this Mantra:
राष्ट्र रक्षा समं पुण्यं,
राष्ट्र रक्षा समं व्रतम्,
राष्ट्र रक्षा समं यज्ञो,
दृष्टो नैव च नैव च।।
We will do everything for our beloved nation and for the wellbeing of 130 crore Indians.
Vande Mataram!
Jai Hind!
We are guided by this Mantra:
राष्ट्र रक्षा समं पुण्यं,
राष्ट्र रक्षा समं व्रतम्,
राष्ट्र रक्षा समं यज्ञो,
दृष्टो नैव च नैव च।।
We will do everything for our beloved nation and for the wellbeing of 130+ crore Indians.
Vande Mataram!
Jai Hind!
*ईश्वर की बनाई यह सृष्टी*...
बेशकीमती ख़ज़ानों से भरी हुई है
और एक भी चौकीदार नहीं है...
व्यवस्था ऐसी की गई है कि
दुनिया मे अरबो व्यक्तियों का
आवागमन प्रतिवर्ष होता है,
किन्तु...
यहां से कोई भी एक तीली
तक ले जा नही सकता
राष्ट्र रक्षा समं पुण्यं...
राष्ट्र रक्षा समं व्रतम् ...
राष्ट्र रक्षा समं यज्ञो...
दृष्टो नैव च नैव च.....
राष्ट्र रक्षा के समान कोई पुण्य, राष्ट्र रक्षा के समान कोई व्रत , राष्ट्र रक्षा के समान कोई यज्ञ दृष्टिगत नहीं है...अर्थात राष्ट्र रक्षा ही सर्वोपरि है.
China's military work and intrusions in Himalayas have attracted attention but not its large-scale mining near the India border for precious metals. Such mining threatens to contaminate transnational rivers and turn Himalayas into "another South China Sea” https://t.co/SVuo2d0Auz
राजपूत रेजिमेंट #भारतीय सेना का गठन 1778 मे 31वीं बंगाल इन्फैंट्री के रूप मे हुआ। रेजिमेंट से जनरल के एम करियप्पा पहले भारतीय सेना प्रमुख बने। रेजिमेंटल सेंटर फतेहगढ़ में है, आदर्श वाक्य 'सर्वत्र विजय' और युद्ध घोष 'बोल बजरंग बली की जय'।