आज दिनांक 22-07-2026 को प्रगतिशील किसान श्री कन्हैया कुमार झा के धान के खेत का निरीक्षण किया गया। किसान द्वारा धान की फसल में इफको नैनो DAP का प्रयोग जड़ उपचार विधि से किया गया है। खेत में फसल की वर्तमान स्थिति एवं नैनो DAP के प्रयोग के प्रभाव का अवलोकन किया गया तथा किसान से फसल की वृद्धि एवं विकास से संबंधित जानकारी प्राप्त की गई।
*किसान- कन्हैया कुमार झा*
*गांव- रतनपुर*
*ब्लॉक- जाले*
*जिला- दरभंगा*
*फ़सल- धान*
*वैराइटी- बी बी 11*
*उत्पाद - नैनो डी ए पी*
*विधि- जड़ उपचार*
*रोपाई की तिथि- 09/07/26*
*क्षेत्रफल - 12 kattha*
Lat 26.280684° Long 85.748535°
*Mo No.- 9334739904*
दिनांक 22 जुलाई 2026 को इफको द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र, जलालगढ़, पूर्णिया (बिहार) में "इफको किसान मित्र समूह प्रशिक्षण कार्यक्रम" का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केवीके के वरीय एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. के. एम. सिंह, इफको पटना के राज्य विपणन प्रबंधक डॉ. आनंद कुमार श्रीवास्तव, वरीय शस्य वैज्ञानिक डॉ. गणेश कुमार, मृदा वैज्ञानिक डॉ. संतोष कुमार, क्षेत्र अधिकारी श्री संदीप कुमार, AGT श्री धीरज कुमार, SFA श्री सुमित कुमार, श्री राजीव कुमार तथा 50 से अधिक प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया। सभी किसानों को इफको की नैनो उर्वरक आधारित कृषि किट वितरित की गई।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, नैनो जिंक, नैनो कॉपर, जैव उर्वरकों, बायो-डीकंपोजर एवं जल में घुलनशील उर्वरकों (WSF) के वैज्ञानिक एवं संतुलित उपयोग पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नैनो उर्वरकों एवं जैव उर्वरकों के प्रयोग से पोषक तत्वों की उपयोग दक्षता बढ़ती है, खेती की लागत कम होती है, मृदा स्वास्थ्य एवं फसल उत्पादकता में सुधार होता है तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है। वैज्ञानिकों ने मृदा परीक्षण आधारित उर्वरक प्रबंधन, ऑर्गेनिक कार्बन बढ़ाने, प्राकृतिक खेती एवं "मिट्टी बचाओ अभियान" पर विशेष बल दिया। कार्यक्रम के सफल संचालन में AGT श्री धीरज कुमार, SFA श्री सुमित कुमार एवं श्री राजीव कुमार का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित किसानों ने वैज्ञानिकों एवं इफको अधिकारियों से विभिन्न कृषि विषयों पर विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा आधुनिक, संतुलित एवं वैज्ञानिक खेती अपनाने का संकल्प लिया। अंत में सभी अतिथियों एवं उपस्थित कृषक मित्रों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन किया गया।
आज दिनांक 21 जुलाई 2026 को बिहार राज्य विपणन प्रबंधक महोदय डॉ आनंद कुमार श्रीवास्तव द्वारा बेगूसराय जिला अंतर्गत टेक्नो ग्राउंड प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय पर Visit किया गया तथा राज्य विपणन प्रबंधक महोदय द्वारा टेक्नो ग्राउंड के प्रमुख श्री रोशन कुमार से ड्रोन से संबंधित चर्चा की गई साथ ही साथ नैनो उर्वरको को किस प्रकार से किसानों के खेतों पर ड्रोन के माध्यम से अधिक से अधिक स्प्रे कराया जाए पर भी चर्चा की गई ।
आज दिनांक 21 जुलाई 2026 को इफको लिमिटेड द्वारा मंगलवार को बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू), सबौर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) में किसान मित्र समूह प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, नैनो उर्वरकों तथा जैव उत्पादों के वैज्ञानिक एवं प्रभावी उपयोग के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लगभग 50 किसान मित्रों एवं प्रगतिशील किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती अनीता कुमारी, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रधान, कृषि विज्ञान केंद्र, बीएयू, सबौर ने की। इस अवसर पर डॉ. आनंद कुमार श्रीवास्तव (राज्य विपणन प्रबंधक, इफको, पटना), श्री संदीप कुमार (क्षेत्र पदाधिकारी, इफको, पूर्णिया), डॉ. वीरेन्द्र कुमार (एसोसिएट प्रोफेसर-सह-वरिष्ठ वैज्ञानिक, एग्रोनॉमी विभाग, बीएयू, सबौर), डॉ. सरोज कुमार (सहायक प्राध्यापक-सह-कनिष्ठ वैज्ञानिक, मृदा विज्ञान विभाग, बीएयू, सबौर), इंजीनियर पंकज कुमार (वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र, बीएयू, सबौर) तथा श्री नवनीत कुमार (जेएफआर, इफको, भागलपुर) उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में डॉ. आनंद कुमार श्रीवास्तव ने किसानों को इफको नैनो यूरिया, इफको नैनो डीएपी, नैनो जिंक, नैनो कॉपर, बायो-डीकंपोजर, जैव उर्वरकों, जल में घुलनशील उर्वरकों (WSF) एवं इफको के अन्य कृषि उत्पादों के वैज्ञानिक उपयोग की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नैनो उर्वरकों के संतुलित एवं वैज्ञानिक प्रयोग से पोषक तत्वों की उपयोग दक्षता बढ़ती है, उर्वरकों की खपत कम होती है, उत्पादन एवं गुणवत्ता में सुधार होता है तथा पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है। उन्होंने किसानों से आधुनिक तकनीकों को अपनाकर खेती की लागत कम करने और अधिक लाभ अर्जित करने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि श्रीमती अनीता कुमारी ने कहा कि कृषि में नई तकनीकों एवं वैज्ञानिक सलाह को अपनाकर ही किसानों की आय में स्थायी वृद्धि संभव है। वहीं डॉ. वीरेन्द्र कुमार, डॉ. सरोज कुमार एवं इंजीनियर पंकज कुमार ने मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, संतुलित उर्वरक उपयोग, जैव उर्वरकों की उपयोगिता तथा टिकाऊ कृषि प्रणाली पर विस्तार से जानकारी देते हुए किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के उपरांत उपस्थित सभी 50 किसान मित्रों एवं प्रगतिशील किसानों को इफको लिमिटेड की ओर से निःशुल्क कृषि उत्पाद किट वितरित की गई। प्रत्येक किट में इफको नैनो यूरिया (500 मि.ली.), इफको नैनो डीएपी (250 मि.ली.), सागरिका (250 मि.ली.), जैव उर्वरक (Bio-fertilizer), बायो-डीकंपोजर तथा जल में घुलनशील उर्वरक (WSF 19:19:19) शामिल थे। अधिकारियों ने किसानों से इन उत्पादों का वैज्ञानिक अनुशंसाओं के अनुसार प्रयोग करने का आग्रह किया, ताकि फसल उत्पादन, गुणवत्ता एवं मृदा स्वास्थ्य में बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकें।
कार्यक्रम का कुशल संचालन श्री संदीप कुमार ने किया। अंत में श्री नवनीत कुमार ने सभी अतिथियों, वैज्ञानिकों, अधिकारियों एवं उपस्थित किसानों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया।
कार्यक्रम के सफल संचालन एवं आयोजन में इफको के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय योगदान दिया।
कार्यक्रम के अंत में किसानों ने इफको लिमिटेड एवं बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण आधुनिक कृषि तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने, नैनो उर्वरकों एवं जैव उत्पादों के वैज्ञानिक उपयोग को बढ़ावा देने तथा किसानों की आय एवं कृषि उत्पादकता में वृद्धि करने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण एवं उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं। किसानों ने निःशुल्क वितरित कृषि उत्पाद किट के लिए भी इफको का आभार व्यक्त किया तथा विश्वास जताया कि इन उत्पादों के वैज्ञानिक उपयोग से उन्हें बेहतर उत्पादन एवं अधिक आर्थिक लाभ प्राप्त होगा।
आज दिनांक 21 जुलाई 2026 को प्रगतिशील किसान सत्येन्द्र सिंह, ग्राम खेम मटिहानियाँ, जिला गोपालगंज के खेत पर नैनो उर्वरकों पर लगाए गए प्रदर्शन प्रक्षेत्र का क्षेत्र अधिकारी श्री अंशु गुप्ता द्वारा भ्रमण एवं निरीक्षण किया गया। इस दौरान किसान को इफको बायोडिकम्पोज़र, जैव उर्वरक (बायोफर्टिलाइजर), सागरिका ग्रेन्यूलर एवं नैनो डीएपी उपलब्ध कराया गया तथा इफको बायोडिकम्पोज़र का घोल तैयार कर उसके वैज्ञानिक उपयोग की विधि समझाई गई। इस अवसर पर श्री ए.जी.टी. सुमन कुमार, एम.डी.ई. श्री अभिषेक कुमार एवं आसपास के कुछ किसान भी उपस्थित रहे। उपस्थित किसानों से प्रदर्शन एवं इफको के उत्पादों के संबंध में सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त हुई।
आज दिनांक 21 जुलाई 2026 को ग्राम - पहाड़पुर, प्रखंड - बंसी, जिला- अरवल में प्रगतिशील किसान श्री रंजन शर्मा के खेत में धान की रोपाई का कार्य संपन्न किया गया।
इससे पहले दिनांक 25 जून 2026 को नैनो डीएपी एवं एनपीके कॉन्सोर्टिया द्वारा बीज उपचार कर धान की नर्सरी तैयार की गई थी। धान की रोपाई से पूर्व आज पुनः नैनो डीएपी से जड़ उपचार किया गया।
आगामी समय में प्रगतिशील किसान डेमो प्लॉट की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार सभी प्लॉटों में निर्धारित कार्यक्रम के तहत नैनो उत्पादों का उपयोग किया जाएगा।
प्लॉट संबंधी विवरण:
- किसान का नाम : श्री रंजन शर्मा
- ग्राम : पहाड़पुर
- प्रखंड : बंसी
- जिला : अरवल
- कुल क्षेत्रफल : 1 एकड़
- धान की किस्म : श्याम जीरा
आज दिनांक 19 जुलाई 2026 को ग्राम - दूघरा, प्रखंड - मोहनिया, जिला- कैमूर में प्रगतिशील किसान श्री सचिता सिंह के खेत में धान की रोपाई का कार्य संपन्न किया गया।
इससे पहले नैनो डीएपी एवं एनपीके कॉन्सोर्टिया द्वारा बीज उपचार कर धान की नर्सरी तैयार की गई थी। धान की रोपाई से पूर्व आज पुनः नैनो डीएपी एवं एनपीके कॉन्सोर्टिया से जड़ उपचार किया गया।
आगामी समय में प्रगतिशील किसान डेमो प्लॉट की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार सभी प्लॉटों में निर्धारित कार्यक्रम के तहत नैनो उत्पादों का उपयोग किया जाएगा।
प्लॉट संबंधी विवरण:
- किसान का नाम : श्री सचिता सिंह
- ग्राम : दूघरा
- प्रखंड : मोहनिया
- जिला : कैमूर
- कुल क्षेत्रफल : 1 एकड़
- धान की किस्म : MTU-7029
दिनांक 17 जुलाई 2026 को कृषि विज्ञान केंद्र, बिरौली (समस्तीपुर) में आयोजित इफको के नैनो उर्वरक आधारित किसान मित्र समूह प्रशिक्षण कार्यक्रम का समाचार 'प्रभात खबर' एवं 'हिंदुस्तान' समाचार पत्रों में प्रमुखता से प्रकाशित हुआ।
नैनो डीएपी (Nano DAP) प्रदर्शन रिपोर्ट: जड़ उपचार (Root Treatment)
किसान का नाम: - संजय कुमार सिंह
गाँव:- डेढगांव
प्रखंड (Block):- दावथ
जिला: रोहतास, बिहार
फसल और प्रदर्शन का विवरण:
फसल: धान (Paddy)
किस्म (Variety):MTU 7029
रकबा (Area): 10 कठा
उपचार विधि: जड़ उपचार (Root Treatment)
नैनो डीएपी उत्पादन तिथि (MFD): 22 जनवरी 2025
जड़ उपचार और रोपाई की तिथि: 18 जुलाई 2026
आज दिनांक 18.07.2026 को इफको द्वारा जैव उर्वरक अभियान ग्राम - बिजुलिया, प्रखंड- शाम्हो, जिला- बेगुसराय में नैनो यूरिया प्लस एवं नैनो डीएपी पर आधारित एक कृषक गोष्ठी कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में इफको जिला क्षेत्रीय अधिकारी मोहित भूषण सर के द्वारा किसानों के बीच नैनो यूरिया प्लस, नैनो डीएपी तथा इफको के जैवीक नैनो उत्पादों एवं विशिष्ट उर्वरकों के उपयोग और लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी कार्यक्रम में कृषि स्नातक प्रशिक्षु(AGT) दीपक कुमार, एसएफए (SFA) विकास कुमार विकास और MDE बॉबी कुमार भी उपस्थित रहे। इस महत्वपूर्ण गोष्ठी में लगभग 40 किसानों ने भाग लिया और नई कृषि तकनीकों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
आज दिनांक 18 जुलाई 2026 को राज्य विपणन प्रबंधक इफको पटना डॉ आनंद कुमार श्रीवास्तव के द्वारा जिला सीतामढ़ी एवं शिवहर में प्रगतिशील किसान श्री रोहन कुमार सिंह एवं श्री आलोक कुमार सिंह के खेत में इफको के द्वारा लगाए गए प्रगतिशील किसान प्रदर्शन प्रक्षेत्र का भ्रमण किया गया । भ्रमण के दौरान राज्य विपणन प्रबंधक ने फसल की स्थिति का अवलोकन किया गया एवं प्रगतिशील किसानों से विस्तृत परिचर्चा की एवं क्षेत्र अधिकारी इफको सीतामढ़ी को जरूरी दिशा निर्देश दिया गया ।
आज दिनांक 18 जुलाई 2026 को ग्राम - भरहरवा, ब्लॉक - डुमरा , जिला - सीतामढ़ी में इफको बाजार कृषक सेवा केंद्र के प्रतिष्ठान पर इफको सीतामढ़ी के तत्वाधान में कृषक गोष्ठी कार्यक्रम आयोजित किया गया । कार्यक्रम में मुख्य अतिथि माननीय भूतपूर्व विधायक सीतामढ़ी श्री सुनील कुमार कुशवाहा , राज्य विपणन प्रबंधक , इफको पटना डॉ आनंद कुमार श्रीवास्तव , क्षेत्र अधिकारी इफको सीतामढ़ी, कुणाल कुमार , कृषि स्नातक प्रशिक्षु नीलांचल निशान , एसएफए सीतामढ़ी नीरज शाही , सरवीन कुमार के साथ साथ 65 किसानों ने भाग लिया । कार्यक्रम में डॉ आनंद कुमार श्रीवास्तव के द्वारा इफको के वैकल्पिक उर्वरकों नैनो यूरिया प्लस , नैनो डीएपी, नैनो जिंक ,नैनो कॉपर , इफको जैव अपघटक , इफको तरल कंसोर्टिया के प्रयोग पर विस्तृत चर्चा किया गया एवं किसानों को संतुलित उर्वरक व्यवहार पर प्रशिक्षण दिया गया । आदरणीय श्री सुनील कुमार कुशवाहा जी के द्वारा रासायनिक उर्वरक के प्रयोग को कम करने की सलाह दी गई एवं इफको के जैव उर्वरक , नैनो यूरिया प्लस , नैनो डीएपी के प्रयोग करने की सलाह दी गई । क्षेत्र अधिकारी इफको सीतामढ़ी के द्वारा मिट्टी जांच के महत्व एवं मृदा नमूना लेना के ट्रैक को समझाया गया । कृषि स्नातक प्रशिक्षु के द्वारा इफको जैव अपघटक के प्रयोग पर परिचर्चा किया गया ।
आज दिनांक 17 जुलाई 2026 को राज्य विपणन प्रबंधक महोदय द्वारा जिला समस्तीपुर में इफको ई बाज़ार मुसरीघरारी भ्रमण किया गया एवं नैनो उर्वरक व अन्य उत्पादों की बिक्री की समीक्षा की गई।
तिथि: 17 जुलाई, 2026
स्थान: कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), बिरौली , समस्तीपुर
आयोजक: इफको (IFFCO)
विषय: नैनो उर्वरक पर आधारित किसान मित्र समूह प्रशिक्षण कार्यक्रम
कार्यक्रम का विवरण:
आज दिनांक 17 जुलाई, 2026 को इफको (IFFCO) द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र, बिरौली, समस्तीपुर में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को नैनो उर्वरकों, संतुलित पोषण प्रबंधन तथा आधुनिक फसल सुरक्षा तकनीकों के प्रति जागरूक करना था। साथ ही सभी प्रगतिशील किसानो को इफको मिनी किट वितरित किया गया | मिनी किट में बायो डीकोमपोसर, जैव उर्वरक, नैनो डीएपी, नैनो यूरिया, नैनो जिंक , सागरिका घोल ,जल विलिये उर्वरक सम्मिलित थे |
उपस्थित गणमान्य व्यक्ति
1. डॉ. विनीता कश्यप - प्रमुख, केवीके एवं वैज्ञानिक
2. डॉ. आनंद कुमार श्रीवास्तव- राज्य विपणन प्रबंधक, इफको बिहार
3. डॉ. धीरू तिवारी- वैज्ञानिक (उद्यानिकी)
4. डॉ. भारती उपाध्याय - वैज्ञानिक (शस्य विज्ञान)
5. डॉ. वर्षा कुमारी - वैज्ञानिक (गृह विज्ञान)
6. श्री अनमोल रत्न मिश्रा- क्षेत्र अधिकारी , इफको समस्तीपुर
कार्यक्रम के अध्यक्षता केवीके वैज्ञानिक एवं प्रभारी डॉ विनीता कश्यप के द्वारा किया गया एवं उन्होंने किसानो से वैज्ञानिक आधार पर उर्वरकों के संतुलित उपयोग को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि नैनो तकनीक आधारित उर्वरकों के प्रयोग से खेती की लागत में कमी लाने, फसल की गुणवत्ता एवं उत्पादकता बढ़ाने तथा पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान मिल सकता है। केवीके वैज्ञानिक डॉ धीरू तिवारी ने जैव उर्वरक के बारे में विस्तृत जानकारी दी एवं केवीके वैज्ञानिक डॉ भारती उपाध्याय ने एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन के बारे कृषक बन्धुओं को विस्तार से बताया |
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि इफको पटना के राज्य विपणन प्रबंधक महोदय डॉ आनंद कुमार श्रीवास्तव ने किसानों को नैनो यूरिया प्लस, नैनो डीएपी, नैनो जिंक, नैनो कॉपर, कंसोर्टिया एवं सागरिका तरल सहित इफको के उन्नत उत्पादों की उपयोगिता एवं वैज्ञानिक महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में नैनो तरल उर्वरक तकनीक अधिक प्रभावी, किफायती एवं पर्यावरण के अनुकूल है। साथ ही नैनो उर्वरकों की सही मात्रा, घोल तैयार करने की विधि तथा छिड़काव के उपयुक्त समय एवं आवश्यक सावधानियों की तकनीकी जानकारी भी किसानों को दी गई।
इफको क्षेत्र अधिकारी अनमोल रत्न मिश्र ने किसानों को यह भी बताया कि नैनो यूरिया प्लस, नैनो डीएपी, नैनो जिंक, नैनो कॉपर एवं सागरिका तरल के समुचित उपयोग से पारंपरिक रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता को लगभग 25-50 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी प्रगतिशील किसानों को इफको मिनी किट का वितरण किया गया| कार्यक्रम में कुल 65 कृषक बंधू उपस्थित रहे।
आज दिनांक 17 जुलाई 2026 को इफको के तत्वाधान में कृषि विज्ञान केंद्र मानपुर , गया जी के सभागार में रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग कम कर वैकल्पिक उर्वरकों के बढ़ावा देने हेतु किसान मित्र समूह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम में डॉ रमेश कुमार वरिष्ठ प्रबन्धक कृषि सेवा , पटना ने कृषको को बायोडेकंपोजर, जैव उर्वरक , नैनो डीएपी, नैनो यूरिया, नैनो जिंक,सागरिका एवं पोटेशियम नाइट्रेट के प्रयोग के बारे में विस्तृत जानकारी दी, एवं कृषको से आह्वाहन किया की यदि इन उत्पादों का प्रयोग करेंगे तो रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग को 30-40 प्रतिशत तक कमी ला सकते हैं। राहुल सिंह , आर एम ई, इफको एम सी ने धान, एवं सब्जी में लगने वाले कीट, एवं बीमारियों के बारे में बताया। श्री मनोज कुमार, राय कार्यक्रम समन्वयक , केवीके मानपुर ने कृषको को संतुलित उर्वरक के प्रयोग के बारे में जानकारी दी।दिलीप कुमार उप क्षेत्र प्रबंधक इफको गया ने नैनो उर्वरकों का घोल किस प्रकार तैयार करे, क्या सावधानी रखे के बारे में बताया। इस कार्यक्रम में सम्मलित 50 कृषको को एक कीट प्रदान किया गया जिसमे बायोडेकंपोजर, जैव उर्वरक, नैनो डीएपी,नैनो यूरिया, नैनो जिंक ,सागरिका,पोटेशियम नाइट्रेट जैसे कुल सात उत्पाद थे जिसका प्रयोग कर किसान रासायनिक उर्वरकों की खपत में कमी ला सकते है। इस कार्यक्रम में राहुल कुमार एजीटी, इफको, चंद्रमा कुमार सिंह एस एफ ए, शशि कुमार वर्मा एस एफ ए सहित ग्राम भद्देजी, खंजाहांपुर, बरसौना के 50 से अधिक कृषकों ने भाग लिए
आज दिनांक 17 जुलाई 2026 को कृषि विज्ञान केंद्र, सिरीस, जिला- औरंगाबाद में द्विखंडी प्रदर्शन अंतर्गत धान की रोपाई का कार्य संपन्न किया गया। धान की रोपाई से पूर्व आज नैनो डीएपी से जड़ उपचार किया गया। प्रदर्शन में डॉ. पंकज कुमार सिन्हा (विषय वस्तु विशेषज्ञ, सस्य विज्ञान) भी उपस्थति रहे
आगामी समय में द्विखंडी प्रदर्शन की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार सभी प्लॉटों में निर्धारित कार्यक्रम के तहत नैनो उत्पादों का उपयोग किया जाएगा।
प्लॉट संबंधी विवरण:
- स्थान - कृषि विज्ञान केंद्र, सिरीस, (औरंगाबाद)
- कुल क्षेत्रफल : 1 एकड़
- धान की किस्म : सबौर मंसूरी
आज दिनाँक 16.07.2026 को ग्राम पिपरा लतीफ, प्रखंड परबता, जिला खगङिया (बिहार) में कृषक गोष्ठी कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पिपरा लतीफ PACS अध्यक्ष सहित 40 किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम में नैनो यूरिया, नैनो DAP, जैव उर्वरक और अन्य उत्पादों की उपयोगिता और प्रयोग पर चर्चा किया गया। संतुलित पोषण प्रबंधन और कम रसायनिक उर्वरकों के साथ खेती करना सुझाया गया।
आज दिनांक 16.07.2026 को इफको अरवल द्वारा ग्राम - मंझियांव, प्रखंड- बंसी, जिला- अरवल में नैनो यूरिया प्लस एवं नैनो डीएपी पर आधारित एक कृषक गोष्ठी कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में इफको किसानों को नैनो यूरिया प्लस, नैनो डीएपी तथा इफको के अन्य नैनो उत्पादों एवं विशिष्ट उर्वरकों के उपयोग और लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी कार्यक्रम में कृषि स्नातक प्रभिशु (AGT) रौनक कुमार, एसएफए (SFA) राहुल कुमार और MDE धनकुबेर कुमार भी उपस्थित रहे। इस महत्वपूर्ण गोष्ठी में लगभग 45 किसानों ने भाग लिया और नई कृषि तकनीकों के बारे में जानकारी प्राप्त की।