Voice_Of_Tribal-Voice_of_Koitur, #RemoveMeenafromST
IITian,Forest Lover ,Meena Eating 90% ST Reservation
Raise Voice For Social Justice,Non-Violence,Ahinsa
Why did Kanchana Yadav lose her cool for merely a fact stated by Ajeet Bharti?
Telangana Police closure reports indeed say that Rohith Vemula was not a Dalit and he died due to depression and not caste discrimination.
So why this hue and cry?
मीणा समाज ने पिछले 2 -3 सालों से राजनीति और सिस्टम से साजिशन इतना कुछ झेला है कि अब शांति से इन सब से दुर इस क्षेत्र, समाज को आगे बढ़ने दिया जाए।
ये इतिहासकारों द्वारा प्रमाणित सत्य है कि कच्छवाहा समेत अन्य राजपूत वंशों के राजस्थान आने से पहले जयपुर, आस पास के इलाकों में मीणाओं एवं उदयपुर के आस पास भीलों का शासन था, वर्तमान में ये भी देखा जाता रहा है कि इतिहास में प्रमाणित होने के बाद भी राव बूंदा मीणा और भील सरदार महाराणा पूंजा को कुछ लोगों द्वारा अपनी जाति का बताकर इतिहास तोड़ मरोड़ कर डोमिनेंस दिखाने की लगातार कोशिश होती रहती है (उम्मीद है खुद उनके समाज के लोग ही आगे आकर उन्हें रोकेंगे, क्योंकि अब इतिहास बदलवाना या मन मर्जी लिखवाना किसी मुगल दरबार से मनसबदारी उठा रहे राजा के हाथ में नहीं है)
इन सब के बावजूद इस प्रकार की बातों से बचना चाहिए और समाज, क्षेत्र राज्य के मुद्दों पर शानदार नेतृत्व कर रहे मनोज मीणा समेत जागरूक युवाओं को उन मुद्दों पर ही टिके रहना चाहिए जो वंचित वर्गों के विकास, भलाई के मुद्दे हों।
नोट: जब वंचित वर्गों की सिस्टम, मीडिया, लेखन समेत समाज, देश को कंट्रोल कर रहे संस्थानों में भूमिका न के बराबर हो और फिर इन वर्गों के हकों, भावनाओं पर लगातार प्रहार किया जाए तो अपनी हर्ट हुई भावनाओं को रोकना मुश्किल होता है लेकिन इन्हें ये भी समझना होगा कि आपकी ऊर्जा को मुद्दों से भटकाने के लिए ही ऊपर से पुरी तरह प्रायोजित प्रयोग होते हैं और एक संगठन–विचारधारा का अगला टारगेट ही पुर्वी राजस्थान है जहां मीणा समेत SC-ST ने उस विचारधारा-वर्ग के प्रभुत्व को चैलेंज कर रखा है उसके बाद कब कौन सा चाल इन्हें भटकाने, एकता तोड़ने, और गुमराह करने वाली हो, समझना आसान नहीं होता है।
@Khalbaali
कल मैंने मनोज मीणा द्वारा राजपूत समाज को टारगेट किए जाने के मुद्दे पर 2-3 पोस्ट डाली थी
उन पोस्ट पर लगभग 90% मीणा समाज के भाइयों का यही कमेंट था कि मूर्ख है,कम पढ़ा लिखा है या बेवक़ूफ़ है
ये फेम पाने के लिए ऐसी हरकत कर रहा है
मुझे भी यही लगा इसलिए कोई भाई अब उस पर कोई पोस्ट ना करे
बाक़ी ऐसे नेताओ का कोई भविष्य नहीं होता है
नरेश मीणा एक अच्छा उभरता नेता बन सकता था लेकिन 1-2 समाज पर टिप्पणी और अपनी भाषा के कारण शायद पीछे रह गया
खैर हर कोई किरोड़ी लाल मीणा नहीं हो पाता
📌
जब तुम्हारे पूर्वज महाराणा प्रताप और पृथ्वीराज चौहान जैसे वीर रहे, तो तुम लोग शोषण का दावा कैसे करते हो @manojmeena?
फिर तो तुम्हें आरक्षण हटाने की मांग करनी अभी।
मनोज मीणा ….@manojmeena
ये महाशय बूंदी के मीणाओं का आरक्षण खत्म करवाके ही मानेगा ,इसका कहना है कि बूंदी मीणा शासको की बहुत बड़ी रियासत रही हैं
मैं तो माननीय सुप्रीम कोर्ट से निवेदन करूँगा कि जिस तरह भरतपुर के जाट समाज को इसलिए जनरल में रखा हुआ है क्योंकि वहाँ जाटो का राज रहा है
ठीक उसी तरह मनोज भाई की बात को सच मानकर बूंदी के मीणाओं का भी आरक्षण खत्म किया जाए
गुर्जर समाज को ST आरक्षण देने के विषय पर किरोड़ीलाल मीणा ने वसुंधरा सरकार से इस्तीफा दे दिया था।
और अब किरोड़ी लाल का यह बयान आया है।
ST आरक्षण किसे मिले?
जिनकी सामाजिक स्थिति भील समाज के समान है... उन्हें ST आरक्षण मिले... 🙏
चाहे मीणा हो या गुर्जर या मेव...या फिर... see more
आरक्षण का उद्देश्य उन समाजों को ऊपर उठाना है जो पीछे रह गए हैं। लेकिन हो यह रहा है कि हर साल अनुसूचित जनजातियों की 35 से 40% सीटें केवल मीना जाति के लोग ले जाते हैं, जबकि मीना के अलावा 742 अन्य जनजातियाँ भी सूची में हैं।
क्या इन 742 जातियों में कोई नेता खड़ा होकर यह नहीं कहता कि "जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी"?
राधे मीणा, उन जातिवादियों के नाम लिखने में तुम्हें डर लग रहा है? तीन जातिवादी ओबीसी वर्ग से हैं और 2 ब्राह्मण वर्ग से।
जातिगत के आधार पर शारीरिक एवं मानसिक प्रताड़ना देने वाले पाँच आरोपित छात्र:
1.आयुष यादव (ओबीसी,गुजरात)
2.निर्विघ्नम यादव (ओबीसी,गुजरात)
3.युवराज चौधरी (ओबीसी,राजस्थान)
4.प्रणव पालीवाल (ब्राह्मण,राजस्थान)
5.अस्मित शर्मा (ब्राह्मण,राजस्थान)
यूजीसी अधिसूचना 2026 में ओबीसी वर्ग को पीड़ित वर्ग के रूप में शामिल करने का परिणाम ने ही रतन मेघवाल जैसे मेधावी छात्रों की जान ले ली।
सवर्ण-मुस्लिम तो एससी-एसटी वर्गों के साथ वैसे भी जाति के आधार पर छुआछूत करता ही है,बड़े स्तर पर ओबीसी भी करता है। जितनी जल्दी स्वीकार कर लोगे, एससी-एसटी वर्गों के हित में होगा।
बिहार में एक राजपूत समाज की बेटी का पासवान समाज के 5 लड़कों ने रेप करके कुएं में फेंक दिया,
एक मिनट के लिए आप जाति बदल दीजिए ,तब महाशय नीला गमछा डालकर बिहार पहुंच कर भोंगा पसार रहे होते।
Note: अपराधों में जातियां देखना बंद कीजिए , तब ये घटनाएं बंद होंगी, वरना करते रहिए जाति जाति का प्रलाप।
@amitkilhor Because solution will not be getting rid of interview. The mass euphoria will result in a solution of giving sc st obc "extra marks relaxation" . The solution is never equity. It is always privilege disguised as social justice.
If UPSC 2025 Mains written marks are arranged in descending order...
Means agar rank Mains Written ke basis pe hoti toh...
Top 150 mei sir 5 SC candidates and sirf 3 ST candidates aate.
Then why interview is being portrayed as biased.
Mains mei toh dronacharya nhi hai.
Thanks for debunking the myth of
"Dronacharya ham eklavyon ka angutha kaat leta hai Saar."
PS. Eklavya was a prince. Not some "shoshit-vanchit"!
& He also never asked for reservation!
The polite question is why the UPSC exam which the best of india prepares... There is not even 10 ST/SC candidates in top 100.
In whole of the country, in a pan india exam also.. there are not even 20 SC/ST candidates in top 100 - why?
#amitkilhor#kilhor#upsc#upscresults