@BJP4India के प्रोपेगेंडा वीडियो में कहा जा रहा है कि E20 Fuel से माइलेज पर असर बहुत कम है असली असर तो टायर प्रेशर, ट्रैफिक और ड्राइविंग स्टाइल का होता है।
अरे, ये तीनों चीज़ें तो बिना E20 के भी लागू होती हैं! सवाल है,E20 से अतिरिक्त माइलेज लॉस कितना ? उसका जवाब क्यों नहीं देते?
E20 पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर कई दावे किए जाते हैं, लेकिन सच क्या है? 🤔
✅ E20 से माइलेज में औसतन सिर्फ 0.6 kmpl का मामूली फर्क पड़ता है
✅ Tyre Pressure, ट्रैफिक और Driving Style का असर इससे कहीं ज़्यादा होता है
अफवाहों नहीं, तथ्यों पर भरोसा करें। ⬇️
@BJP4India Tyre pressure, Traffic and driving style to without E20 fuel ke liye bhi applicable rahti hai...Then E20 fuel me additional mileage impact kaise....Bolne se pahle thoda dimag to lagaya Karo...
E20 पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर कई दावे किए जाते हैं, लेकिन सच क्या है? 🤔
✅ E20 से माइलेज में औसतन सिर्फ 0.6 kmpl का मामूली फर्क पड़ता है
✅ Tyre Pressure, ट्रैफिक और Driving Style का असर इससे कहीं ज़्यादा होता है
अफवाहों नहीं, तथ्यों पर भरोसा करें। ⬇️
Congratulations to every student in India on the passage of the Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026 in Lok Sabha today.
The bill shields the dreams and aspirations of our youth by laying down iron-clad provisions imposing the harshest punishment on those who dare to breach the sanctity of public examinations.
The Modi govt will spare no one who attempts to imperil the future of our students and will leave no stone unturned to ensure that they face the full wrath of the law.
मोदी जी, 12 साल से आपकी सरकार है। हर पेपर लीक के बाद "कठोर कार्रवाई" का वादा होता है, फिर अगला पेपर भी लीक हो जाता है।
अब भाषण नहीं, कार्रवाई चाहिए। इस बार युवा जाग चुका है। वादे पूरे कीजिए, वरना लोकतंत्र में युवा जवाब देना भी जानता है।
अमित शाह जी, छात्रों पर लाठीचार्ज और कथित बर्बरता की नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए आपका इस्तीफ़ा कब आएगा?
आपने कहा था कि आपके लिए पद से ज़्यादा देश और छात्र महत्वपूर्ण हैं। अगर ऐसा है, तो अब जवाबदेही दिखाने का समय है।
भाजपा के कार्यकर्ताओं के लिए पद से कहीं अधिक महत्वपूर्ण देश, हमारी युवा पीढ़ी और विद्यार्थी हैं। आज केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री @dpradhanbjp जी का अपने पद से इस्तीफा इसी को दर्शाता है।
मोदी सरकार देश के युवाओं की भावनाओं का सम्मान करती है और पेपर लीक के विरुद्ध आवश्यक सुधारों के लिए कटिबद्ध है। पेपर लीक के दोषियों को कठोर दंड मिले, इसके लिए मोदी जी द्वारा लिए गए निर्णय सराहनीय हैं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि इन कदमों से NEET परीक्षा में सफल हुए विद्यार्थियों के साथ पूरा न्याय होगा।
धर्मेंद्र प्रधान जी ने अपने कार्यकाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावी क्रियान्वयन, मातृभाषाओं में परीक्षाओं की व्यवस्था, पीएम श्री विद्यालयों के विस्तार, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने, कौशल विकास एवं उद्योग-अकादमिक समन्वय को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। परीक्षा प्रणाली को अधिक समावेशी और छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में भी उनके प्रयास उल्लेखनीय रहे हैं। उनका कार्यकाल भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प के प्रति उनके समर्पण का परिचायक है।
अमित शाह जी ने कहा कि भाजपा के मंत्रियों के लिए पद से ज़्यादा देश और छात्रों की चिंता मायने रखती है।
दिल्ली पुलिस द्वारा छात्रों के साथ कथित बर्बरता की नैतिक ज़िम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। जवाबदेही दिखाते हुए आपको भी अपने पद से इस्तीफ़ा देना चाहिए।
2/3:
3. निर्मला सीतारमण – पेपर लीक पर दिए गए बयानों को लेकर उठे सवालों का जवाब दें और नैतिक ज़िम्मेदारी लें।
4. नितिन गडकरी – एथेनॉल मिश्रण नीति और उस पर उठे हितों के टकराव के आरोपों पर जवाबदेही दें।
2/3:
3. निर्मला सीतारमण – पेपर लीक पर दिए गए बयानों को लेकर उठे सवालों का जवाब दें और नैतिक ज़िम्मेदारी लें।
4. नितिन गडकरी – एथेनॉल मिश्रण नीति और उस पर उठे हितों के टकराव के आरोपों पर जवाबदेही दें।
1/3 : इस्तीफ़ों की शुरुआत अब होनी चाहिए।
जवाबदेही तय होनी चाहिए।
1. धर्मेंद्र प्रधान – बार-बार सामने आ रहे परीक्षा पेपर लीक मामलों की नैतिक ज़िम्मेदारी लें।
2. अमित शाह – 20 जुलाई को छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और बल प्रयोग पर जवाबदेही तय हो।
1/3 : इस्तीफ़ों की शुरुआत अब होनी चाहिए।
जवाबदेही तय होनी चाहिए।
1. धर्मेंद्र प्रधान – बार-बार सामने आ रहे परीक्षा पेपर लीक मामलों की नैतिक ज़िम्मेदारी लें।
2. अमित शाह – 20 जुलाई को छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और बल प्रयोग पर जवाबदेही तय हो।
प्याज़ महंगी हो तो प्याज़ खाना बंद कर दो।
रुपया कमज़ोर नहीं हो रहा, बल्कि डॉलर मज़बूत हो रहा है।
पेपर लीक हो जाए तो कहा जाता है—विद्यार्थियों को दोबारा तैयारी का समय मिल गया।
आखिर ऐसी सोच रखने वाली निर्मला सीतारमण देश की वित्त मंत्री क्यों हैं? अब उन्हें अपने पद से हट जाना चाहिए
"निर्मला सीतारमण RE-NEET के फायदे गिना रही हैं। अगर उनकी दलील मानी जाए, तो मानो पेपर लीक भी कोई समस्या नहीं, बल्कि स्वीकार्य है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण सोच है। शर्मनाक!"
Shame on You @nsitharamanoffc
"निर्मला सीतारमण RE-NEET के फायदे गिना रही हैं। अगर उनकी दलील मानी जाए, तो मानो पेपर लीक भी कोई समस्या नहीं, बल्कि स्वीकार्य है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण सोच है। शर्मनाक!"
Shame on You @nsitharamanoffc
मेट्रो बंद, बाज़ार बंद, खाना बंद, रास्ते बंद...
एक प्रधान को बचाने के लिए प्रधानमंत्री ने पूरी दिल्ली ही बंद कर दी।
आख़िर धर्मेंद्र प्रधान के पास ऐसा कौन-सा राज़ है कि पूरे देश की राजधानी को ठप करना पड़ रहा है?
@narendramodi@BJP4India@INCIndia@aajtak@abp
धर्मेंद्र नहीं तो नरेंद्र,
प्रधान नहीं तो प्रधानमंत्री।
ज़िम्मेदारी से भागना नहीं चलेगा—जवाबदेही भी देनी होगी, इस्तीफ़ा भी देना होगा।
#ResignationDharmendraPradhan