आखिर हमारा समाज कब परिपक्व होगा??
जिन्हें हम दलित या पिछड़ा मानते हैं वो भी अपने असल सामाजिक मुद्दों से भलीभांति अवगत हैं और क्या करना चाहिये इसकी समझ उन्हें है,
एक हमारा समाज है जो आजादी के 74 सालों बाद भी नासमझ बना हुआ ह���
सत्ता की साजिशों में जहाँ स्वयम फंसा भगवान है,
नीति-नियंता वह बना, जो खुद बड़ा बेईमान है,
तर्कों-आरोपों में जूझता बेचारा-विवश इंसान है,
न्याय नहीं, यह फैसला है, इन्साफ का अपमान है
14 साल का मेरा बलिदान निरर्थक नहीं जाएगा!
सुन लो हुक्ममरानो,मेरा भी इतिहास लिखा जाऐगा
श्री आनंद मोहन
सही में ठाकुर के साथ खाना खाये
अगर एक बार खाना खा लिये तो
Doglapan बिलकुल khatam हो जायेगा
और मे भी मंडल विरोधी नही हु पर साथ मे खाने का मौका नही मिला 😇
मैं ठाकुर विरोधी नहीं हूँ। मैं तो उनके साथ खाना भी खा लेता हूँ। उनके घरों में फ़ंक्शन में भी जाता हूँ। मैं भेदभ���व नहीं करता। मेरी नज़रों में सभी समान हैं।
मैं ठाकुर विरोधी नहीं हूँ। मैं तो उनके साथ खाना भी खा लेता हूँ। उनके घरों में फ़ंक्शन में भी जाता हूँ। मैं भेदभाव नहीं करता। मेरी नज़रों में सभी समान हैं।
मैं पश्चिम बंगाल के बीरभूम में हुई हिंसक वारदात पर ��ुख व्यक्त करता हूं, अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं।
मैं आशा करता हूं कि राज्य सरकार, बंगाल की महान धरती पर ऐसा जघन्य पाप करने वालों को जरूर सजा दिलवाएगी: PM @narendramodi