Wishing the people of Goa - the land of natural beauty, vibrant culture, and rich history - a very Happy Statehood Day!
Let us protect and preserve its unique heritage, and strive for its continued growth and prosperity.
“रेटिंग नहीं, हक़ चाहिए”
“इंसान हैं हम, ग़ुलाम नहीं”
भारत जोड़ो यात्रा के दौरान जब मैं गिग वर्कर्स से मिला, तो ये शब्द मेरे दिल में उतर गए।
कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है — एक ऐसा अध्यादेश लाया है जो गिग वर्कर्स को अधिकार, सुरक्षा और सम्मान देता है।
ये वर्कर्स दिन-रात हमारे लिए खाना, ज़रूरी सामान और सेवाएं पहुंचाते हैं — गर्मी, सर्दी और बारिश तक की परवाह नहीं करते। लेकिन अक्सर उन्हें बिना किसी वजह ऐप से हटा दिया जाता है, बीमार होने पर छुट्टी नहीं मिलती, और उनकी मेहनत की कमाई एक गुप्त algorithm से तय होती है।
अब यह अन्याय खत्म होगा।
इस नए कानून से सुनिश्चित होगा:
✅ सामाजिक सुरक्षा
✅ न्यायसंगत कॉन्ट्रैक्ट
✅ वेतन निर्धारण में पारदर्शिता
✅ मनमानी ऐप ब्लॉकिंग का अंत
Technology से तरक्की भी होनी चाहिए और इंसाफ़ भी मिलना चाहिए।
राजस्थान ने शुरुआत की। कर्नाटक ने रास्ता दिखाया। अब तेलंगाना की बारी है।
गिग और प्लेटफ़ॉर्म आधारित काम से नए अवसर बन रहे हैं और कामकाज के रिश्तों में बड़ा बदलाव आ रहा है। इस बदलाव के केंद्र में मज़दूरों के अधिकार होने चाहिए।
यही हमारा विज़न है — और हम इसे हर राज्य और पूरे देश में लेकर जाएंगे।
“Rating nahi, haq chaahiye.”
“Insaan hai hum, ghulaam nahi.”
These powerful words from gig workers stayed with me during the Bharat Jodo Yatra.
Our Congress government in Karnataka has taken a historic step by issuing an ordinance that guarantees rights, dignity, and protection to gig workers.
These workers bring us food, deliver essentials, and drive us safely — in the heat, cold, and rain. Yet too often, they are blocked from their apps without explanation, denied sick leave, and paid according to opaque algorithms.
We are changing that.
Karnataka’s new ordinance ensures:
✅ Social security
✅ Fair contracts
✅ Transparency in algorithmic pay
✅ An end to arbitrary blocking
This is how technology should serve people — driving innovation and justice. Rajasthan showed the way. Karnataka has acted. Telangana is next.
Gig and platform work is creating new opportunities and reshaping work relationships. Workers’ rights must be at the center of this new arrangement.
This is our vision — and we will take it to every state, and to the nation.
‘Not Found Suitable’ अब नया मनुवाद है।
SC/ST/OBC के योग्य उम्मीदवारों को जानबूझकर ‘अयोग्य’ ठहराया जा रह�� है - ताकि वे शिक्षा और नेतृत्व से दूर रहें।
बाबासाहेब ने कहा था: शिक्षा बराबरी के लिए सबसे बड़ा हथियार है। लेकिन मोदी सरकार उस हथियार को कुंद करने में जुटी है।
दिल्ली यूनिवर्सिटी में 60% से ज़्यादा प्रोफ़ेसर और 30% से ज़्यादा एसोसिएट प्रोफ़ेसर के आरक्षित पदों को NFS बताकर खाली रखा गया है।
यह कोई अपवाद नहीं है - IITs, Central Universities, हर जगह यही साज़िश चल रही है।
NFS संविधान पर हमला है।
NFS स��माजिक न्याय से धोखा है।
ये सिर्फ़ शिक्षा और नौकरी की नहीं - हक़, सम्मान और हिस्सेदारी की लड़ाई है।
मैंने DUSU के छात्रों से बात की - अब हम सब मिलकर BJP/RSS की हर आरक्षण-विरोधी चाल को संविधान की ताक़त से जवाब देंगे।
क्या यह तर्कसंगत है कि कांग्रेस ऐसे अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बने, जिसका उद्देश्य विदेशों में भारत की छवि को “संवारना”हो — जबकि स्वयं विपक्ष के नेता श्री राहुल गांधी भाजपा द्वारा देश के अन्दर निरंतर राजनीतिक प्रतिशोध के निशाने पर हैं ?@INCIndia@INCSandesh
Honoring Sh. Rajiv Gandhi ji legacy on his death anniversary. A visionary leader who pioneered tech-driven progress & empowered India's youth.
His ideals continue to inspire and guide us.
#RememberingRajivGandhi
Banu Mushtaq’s International Booker win for 'Hridaya Deepa' or 'Heart Lamp' is a historic moment—for Kannada literature, and for India. It’s a proud affirmation that stories from the margins, when told with sincerity, can move the world.
My heartfelt congratulations to Banu Mushtaq, and to Deepa Bhasthi, whose translation carried these voices to global hearts.
कर्नाटक में चुनाव के वक्त हमने 5 गारंटी दी थीं, लेकिन आज 6 पूरी की हैं। एक लाख से ज़्यादा परिवारों को उनकी ज़मीन का मालिकाना हक़ दिया गया ह���।
यह कर्नाटक के भविष्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण गारंटी है, जिससे करोड़ों परिवारों को, खासकर गरीबों, दलितों और आदिवासियों को, सीधा फायदा होगा।
हम चाहते हैं कि जिसके पास भी ज़मीन हो, उसे उसका मालिकाना हक़ मिले, क्योंकि यह हर नागरिक का बुनियादी अधिकार है।
केंद्र सरकार ने पिछले वर्षों जो गलत विदेश नीति का अनुशरण किया उसी का परिणाम है,आज विश्व में भारत के साथ एक भी राष्ट्र खड़ा नहीं है।भारत सरकार ने,इस संकट की घड़ी में राष्ट्रीय सामंजस्य स्थापित के प्रयास को ��ी, सर्वदलीय प्रतिनिधि मंडल के गठन में आख़िर ओछी राजनीति कर डाली।@INCIndia
हमारी सेना पर हमें अत्यंत गर्व है। हमारे बहादुर जवान हमारी स्वतंत्रता और अखंडता को ��ुरक्षित रखते हैं। भगवान उनकी रक्षा करें और उन्हें धैर्य और वीरता से चुनौतियों का सामना करने की अपार हिम्मत दें���
जय हिन्द। 🇮🇳
आखिरकार बीजेपी नेतृत्व को जाती जनगणना के प्रश्न पर ���ोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी के समक्ष अपने हथियार डालने पड़े। प्रधानमंत्री मोदी को जाती जनगणना की घोषणा करनी पड़ी,जिसे अबतक वे महापाप बतला रहे थे।@INCSandesh @INCIndia @INCBihar
Nehru didn’t teach us politics - he taught us to confront fear and stand for the truth. He gave Indians the courage to resist oppression and ultimately claim freedom.
His greatest legacy lies in his relentless pursuit of truth - a principle that shaped everything he stood for.
जब तक वंचित वर्गों की असल हिस्सेदारी और भागीदारी सुनिश्चित नहीं होगी – न्याय अधूरा रहेगा।
अगर आप महिला, दलित, महादलित, पिछड़े, अति पिछड़े, पसमांदा, EWS या अल्पसंख्यक वर्ग से हैं, या इन वर्गों का नेतृत्व करते हैं– तो हमारे ‘संविधान लीडरशिप प्रोग्राम’ से जुड़ें।
अपने अधिकारों की रक्षा, जाति जनगणना से सामाजिक न्याय और अपनी भागीदारी की लड़ाई को मज़बूत करने के लिए साथ आ���ं।
वक्त है एकजुट होकर मजबूती से आवाज़ उठ��ने का। अभियान से जुड़ने के लिए https://t.co/9uQA8Lykwg पर जाएं या 9999812024 पर मिस्ड कॉल दें।
#WhiteTshirtMovement
भारतीय संविधान के निर्माता बाबासाहेब डॉ भीमराव अंबेडकर जी को उनकी जयंती पर सादर नमन।
देश के लोकतंत्र को मज़बूत करने के लिए, हर भारतीय के समान अधिकारों के लिए, हर वर्ग की हिस्सेदारी के लिए उनका संघर्ष और योगदान, संविधान की रक्षा की लड़ाई में हमेशा हमारा मार्गद��्शन करता रहेगा।
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस काफी उत्साह में है।आवश्यकता है चुनाव की रणनीति का सही ढंग से संचालन करने का।इस बात की कोशिश होनी चाहिए कि चुनाव तक कार्यकर्ताओं का मनोबल कायम रहे।@INCIndia@INCBihar@INCSandesh
should make your speech well directed, coherent,laced with detailed data on the issue you are referring to,state specific.Ask the organisers or your research team to put before you the real time data regarding representation of social justice forces in that particular state.