नागौर में विद्या संबल योजना का आदेश रद्द होना युवाओं के हक़ और उनकी आवाज़ की जीत है।
भाजपा सरकार ने 5 लाख सरकारी भर्तियों का वादा किया था, लेकिन नियमित भर्ती के बजाय विद्या संबल जैसी योजनाओं के जरिए युवाओं को गुमराह किया जा रहा है।
सबसे गंभीर बात है कि इसमें आरक्षण का स्पष्ट प्रावधान तक नहीं है, जो आरक्षित वर्गों के अधिकारों पर सीधा कुठाराघात है। प्रदेश के लाखों बेरोजगारों को पारदर्शी, नियमित और नियमसम्मत भर्ती चाहिए, किसी योजना के नाम पर चहेतों को अवसर देने का रास्ता नहीं।
युवाओं की ताकत के आगे सरकार को नागौर में झुकना पड़ा है। सरकार चाहिए कि वो प्रदेश में खाली पड़े सवा लाख से अधिक पदों पर तत्काल नियमित भर्ती की विज्ञप्ति जारी करें।
कांग्रेस पार्टी युवाओं के हक़ की इस लड़ाई को सड़क से सदन तक मजबूती से लड़ेगी और भाजपा सरकार को ऐसी किसी भी "शिक्षावीर" व्यवस्था को प्रदेश के युवाओं पर थोपने नहीं देगी।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा जी कल 26 अगस्त को सुबह 11:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक प्रदेश कांग्रेस कार्यालय, (चांदपोल) जयपुर में कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। @GovindDotasra
भाजपा की डबल इंजन की सरकार में प्रदेश की शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था आईसीयू में हैं और सरकार सत्ता के नशे में बेहोश है। SMS अस्पतालम जयपुर के चरक भवन के ईएनटी वार्ड में महिला के सिर पर चलता हुआ पंखा गिर गया, जिससे उनके सिर में 12 से अधिक टाँके आए हैं। इससे भी शर्मनाक यह है कि अस्पताल के अंदर लहूलुहान पड़ी महिला और उसके परिजन करीब आधे घंटे तक इलाज एवं एम्बुलेंस का इंतजार करते रहे।
भाजपा राज में प्रदेश बदहाल स्थिति में है। बच्चे स्कूल जाएँ तो कमरों में दबकर मर जाते हैं, मरीज इलाज के लिए अस्पताल जाएँ तो वहाँ कभी छत, कभी छज्जा और कभी पंखे ही उनकी जान के दुश्मन बन जाते हैं। यह सरकार की लापरवाही और संवेदनहीनता का प्रमाण है।
आखिर किस बड़े हादसे और कितनी निर्दोष मौतों के बाद यह नाकारा सरकार नींद से जागेगी ? @RajCMO@INCRajasthan
डूंगरपुर में एक स्कूल की छत भरभराकर गिर गई। जिस समय ये हादसा हुआ, तब स्कूल में 120 बच्चे पढ़ रहे थे।
गनीमत रही कि जब छत गिरी तो वहां बच्चे और टीचर मौजूद नहीं थे, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
ये पहली बार नहीं है, बीते साल भीलवाड़ा में एक सरकारी स्कूल की छत गिरने से कई बच्चों की दुखद मौत हो गई थी।
मगर BJP सरकार है कि कान में रुई डालकर सोई हुई है।
सवाल है:
• BJP सरकार कब तक बच्चों की जान जोखिम में डालती रहेगी?
• क्या BJP के नेता-मंत्री अपने बच्चों को ऐसे स्कूलों में पढ़ने भेजेंगे?
जातिगत जनगणना सिर्फ आंकड़े जुटाने की कवायद नहीं, सामाजिक न्याय की बुनियाद है। अगर जातिगत जनगणना की प्रक्रिया ही अस्पष्ट व त्रुटिपूर्ण होगी, तो सही आंकड़े कैसे सामने आएंगे?
मोदी सरकार को सही आंकड़ों से डर क्यों लगता है? सही आंकड़े सामने आएंगे, तभी संसाधनों में हिस्सेदारी, अवसरों में भागीदारी और सामाजिक न्याय की वास्तविक स्थिति का आकलन होगा।
कांग्रेस अध्यक्ष व राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष @kharge जी एवं लोक सभा में नेता प्रतिपक्ष @RahulGandhi जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को संयुक्त पत्र लिखकर जाति जनगणना की मौजूदा प्रक्रिया पर गंभीर चिंता जताई है।
Open-ended सवालों के जरिए जातियों की सही गिनती संभव नहीं है। एक ही जाति अलग-अलग नामों और उपजातियों में दर्ज हुई तो आंकड़े बिखरेंगे और सबसे बड़ा नुकसान OBC, अति पिछड़े और वंचित समुदायों को होगा।
हमारी मांग स्पष्ट है कि- मौजूदा प्रश्नावली रद्द हो, जातियों की प्रमाणित सूची के आधार पर नई प्रश्नावली बने और राजनीतिक दलों, विशेषज्ञों व जनता से व्यापक परामर्श किया जाए। तेलंगाना और बिहार के जाति सर्वेक्षणों की तरह, पहले से तैयार और प्रमाणित जाति सूची के आधार पर गणना इसका व्यावहारिक समाधान है।
कांग्रेस पार्टी ने राजस्थान में सरकारी स्कूलों की बदहाली के मुद्दे को सड़क से सदन तक उठाया, लगातार सरकार को घेरा और जवाबदेही तय करने की मांग की... तब जाकर सरकार ने 12,500 करोड़ के स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रावधान किया है।
लेकिन सरकार केवल प्रावधान करके जनता को भ्रमित न करें… बताएं इसमें नया बजट कितना है, और पुरानी स्वीकृत योजनाओं का हिसाब क्या है? साथ ही जिलेवार ब्योरा और समय-सीमा भी सार्वजनिक करें, ताकि जनता को पता चले कि धरातल पर काम कब होगा!
भारत में सामाजिक न्याय की नीतियां सही आंकड़ों के बिना पूरी नहीं हो सकतीं।
अलग-अलग जातियों की संख्या और उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति का सही आकलन तभी संभव है, जब जातियों की गिनती सही तरीके से हो।
लेकिन सरकार ने जनगणना में जाति की जानकारी दर्ज करने के लिए open-ended प्रश्न का तरीका चुना है, जो भ्रामक है।
श्री मल्लिकार्जुन खरगे जी व श्री राहुल गांधी जी ने मांग रखी है कि तेलंगाना व बिहार में हुए जाति सर्वेक्षण में जो तरीका अपनाया गया है, वही जातिगत जनगणना में भी लागू किया जाए।
: इस संबंध में कांग्रेस अध्यक्ष श्री @kharge व नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संयुक्त पत्र-
आखिरकार भाजपा सरकार को झुकना पड़ा.. और स्कूलों की मरम्मत के लिए 12,500 करोड़ का प्रावधान करना पड़ा।
कांग्रेस पार्टी ने लगातार जर्जर स्कूल भवनों के गिरने एवं शिक्षा विभाग में अव्यवस्था की घटनाओं के खिलाफ सड़क से सदन तक आवाज़ बुलंद की, आंदोलन किए और सरकार को जवाबदेह बनाने के लिए संघर्ष किया।
लेकिन केवल प्रावधान से काम नहीं चलेगा... सरकार योजना के तहत आने वाले स्कूलों की जिलावार सूची और काम पूरा होने की समय-सीमा और पूरी जानकारी सार्वजनिक करें, ताकि जनता को पता चले कि धरातल पर काम कब होगा!
लोक सभा में नेता प्रतिपक्ष श्री @RahulGandhi और मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को संयुक्त पत्र लिखकर जाति जनगणना की मौजूदा प्रक्रिया पर गंभीर चिंता जताई है।
Open-ended सवालों के जरिए जातियों की सही गिनती संभव नहीं है। एक ही जाति अलग-अलग नामों और उपजातियों में दर्ज हुई तो आंकड़े बिखरेंगे और सबसे बड़ा नुकसान OBC, अति पिछड़े और वंचित समुदायों को होगा।
हमारी मांग स्पष्ट है - मौजूदा प्रश्नावली रद्द हो, जातियों की प्रमाणित सूची के आधार पर नई प्रश्नावली बने और राजनीतिक दलों, विशेषज्ञों व जनता से व्यापक परामर्श किया जाए।
तेलंगाना और बिहार के जाति सर्वेक्षणों की तरह, पहले से तैयार और प्रमाणित जाति सूची के आधार पर गणना इसका व्यावहारिक समाधान है।
जाति जनगणना सिर्फ होनी नहीं चाहिए,
सही भी होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री जी.. और कितने घोटाले सामने आने बाकी हैं? हर दिन अखबारों की सुर्खियां भाजपा की #पर्ची_सरकार के भ्रष्ट शासन और नए-नए घोटालों की कहानी बयां कर रही हैं।
जिस जेके लोन अस्पताल में मासूम बच्चों की जिंदगी बचाने के लिए दवाइयां मिलनी चाहिए, वहां कच्ची पर्चियों के नाम पर दवा बांटकर पैसा लूटा जा रहा है। पिछले डेढ़ साल में 3 करोड़ रुपए की पर्चियां बनाकर गड़बड़ी करके पैसा उठाया गया है।
बड़े शर्म की बात है कि इस निकम्मी सरकार में बच्चों के इलाज के नाम पर भी खुला भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी हो रही है।
मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी.. सरकारी स्कूलों की छतें कब तक गिरती रहेंगी?
कब तक मासूमों की जान खतरे में रहेगी? मरम्मत और जिम्मेदारी कब तय होगी?
अगर सरकार के अपने सर्वे में कोई सरकारी स्कूल का भवन जर्जर और असुरक्षित श्रेणी में चिन्हित है, तो फिर वहां मासूम बच्चों को बैठाकर पढ़ाने की अनुमति आखिर किसकी जवाबदेही है?
डूंगरपुर के दोवड़ा ब्लॉक में स्कूल की छत गिरने की घटना ने एक फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। झालावाड़ में हुए हादसे के बाद भी अगर जर्जर स्कूलों की मरम्मत नहीं हुई, तो भाजपा सरकार किस हादसे का इंतजार कर रही है?
@CMORajasthan
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. श्री बरकतुल्लाह खां जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धेय नमन।
आपके दूरदर्शी प्रयासों और प्रदेश के नव निर्माण में दिए गए योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री @Dev_Fadnavis जी,
महाराष्ट्र के अनेक आदिवासी छात्र 10 दिनों से अधिक से अपने अधिकारों के लिए भूख हड़ताल पर हैं।
पुणे में 'छात्रों की गूंज' के दौरान छात्राओं ने बताया कि छात्रावासों में 30 वर्ष की अनावश्यक उम्र सीमा, अपमानजनक नियम, असुरक्षित सुविधाएं और महिलाओं के लिए गर्भावस्था जांच जैसे अमानवीय प्रावधान लागू हैं।
सुदूर गांवों-कस्बों से आने वाले ये छात्र कोई दान नहीं, अपना अधिकार मांग रहे हैं। अपेक्षा है कि आप उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान करेंगे।
चोर दरवाज़े से मोदी सरकार ने आरक्षण ख़त्म करने की योजना रची !!
2015 में केंद्र सरकार में 4.21 लाख पद खाली थे। 2024 में यह संख्या बढ़कर 8.24 लाख हो गई।
रेलवे में 2.40 लाख पद खाली हैं। डिफेंस में 2.41 लाख। गृह मंत्रालय में 1.10 लाख।
PSU में 5.1 लाख स्थायी नौकरियां खत्म हो गईं। ठेका कर्मचारियों की हिस्सेदारी 19% से बढ़कर 49% हो गई।
सवाल सिर्फ रोजगार का नहीं, सामाजिक न्याय का है।
सरकारी पद खाली रखो तो आरक्षण का अवसर खत्म।
PSU बेचो तो आरक्षित नौकरियां खत्म।
स्थायी नौकरी को ठेके में बदलो तो आरक्षण खत्म।
आरक्षण खत्म करने के लिए संविधान बदलना जरूरी नहीं, आरक्षण वाली नौकरियां खत्म कर देना ही काफ़ी है।
सामाजिक न्याय विरोधी भाजपा का यही एजेंडा है।
पद खाली रखो। PSU बेचो। ठेकेदारी बढ़ाओ।
और SC, ST, OBC, EWS से उनका संवैधानिक हक छीन लो।
बाबासाहेब के संविधान से मिले अधिकारों को षड्यंत्र के तहत खत्म करने की भाजपाई नीति का अब पर्दाफ़ाश हो चुका है।
Modi Govt has completely ravaged young India's entire pathway from Education to Employment.
NITI Aayog estimates that 8.7 crore young Indians aged 15 to 29 are neither in education, employment nor training. Nearly 88% are engaged in domestic duties.
At the same time, youth unemployment stands at 15.6%, rising to a shocking 19.5% among young women. [PLFS, July 2026]
Three questions to @narendramodi ji,
1. Where are the jobs after graduation?
Graduates constitute 67% of unemployed Indians aged 20 to 29, while unemployment among graduates aged 15 to 25 is nearly 40%. Families spend their savings, students take education loans and earn degrees, only to discover that there are simply not enough jobs.
2. What happened to the promise of 2 crore jobs every year?
By that promise, India should have seen 24 crore jobs in 12 years. Instead, lakhs of government posts remain vacant while secure employment is increasingly replaced by contractual and part-time work.
3. Who is turning India's demographic dividend into a demographic disaster?
Expensive and inadequate education, paper leaks, delayed recruitment, a widening skills gap and disappearing quality jobs have put the future of an entire generation at risk.
You, Modi ji, promised to achieve what previous governments could not do in 70 years!
You have certainly delivered on that boast: an Education system that costs more, infested with RSS, examinations young Indians cannot trust, and degrees that increasingly come without jobs.
महिलाओं के उत्थान और विकास की भाजपा की हकीकत ये है......महिलाओं की एक भी योजना पर एक भी पैसा खर्च नहीं और बाते बड़ी -बड़ी।
जिस प्रकार भगवान राम के नाम पर राजनीति कर चंदा चोरी की, उसी प्रकार भाजपा की महिलाओं की आड़ में आरक्षण बिल के माध्यम से परिसीमन करने कुचेष्टा है।देश की बहन-बेटियां भाजपा के भ्रमजाल को समझ चुकी है।
भाजपा का कोई विधायक अपने एरिया में एक बोरिंग नहीं करवा सकता, हैंडपम्प नहीं लगवा सकता !
जनता समझती है कि इस फेल सरकार में जनप्रतिनिधियों की कोई हैसियत नहीं।
अलवर सहित पूरे राजस्थान के लोग आने वाले नगर और पंचायत चुनाव में कांग्रेस पार्टी को वोट देंगे।
#Alwar#Rajasthan
नगर निकाय एवं पंचायती राज चुनावों को ध्यान में रखते हुए, राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा जी के निर्देशानुसार प्रदेश स्तरीय समन्वय एवं शिकायत निवारण समिति का गठन किया गया है।