मध्यप्रदेश के रायसेन में जेल के अंदर एक कैदी ने जेल प्रहरी को गोली मारी और उसकी आँखों में लाल मिर्च डालकर फरार होने की कोशिश की। लेकिन जेल प्रहरी ने अपने जान पर खेलकर कैदी जो फरार नहीं होने दिया।
निश्चित रूप से इस बहादुर जेल प्रहरी को सम्मानित किया जाना चाहिए।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि –
जेल की इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद एक कैदी तक कट्टा, जिंदा कारतूस, और मिर्च पाउडर कैसे पहुँचा?
अगर कट्टा और कारतूस जेल की बाहरी दीवार के ऊपर से फेंके गए थे, तो फिर जेल की सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी और CCTV सिस्टम आखिर किस काम का था?
ध्यान रहे कि जेल के अंदर हथियार पहुँचना सिर्फ एक सुरक्षा चूक नहीं, बल्कि पूरी जेल व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
@DGP_MP@MPPoliceDeptt
जो संघ कभी रीढ़ की हड्डी होने का दावा करता था, आज वो एक व्यक्ति के अहंकार के सामने नतमस्तक है—और इस कायरता की कीमत पूरे हिंदू समाज को अपने वजूद से चुकानी पड़ रही है!
क्या @RSSorg संगठन सिर्फ नागपुर में बैठकर शाखा चलाने और चुनाव में भाजपा की भक्ति करने के लिए रह गया है❓
जब पार्टी का कोर कार्यकर्ता और निष्पक्ष विश्लेषक कोर्ट-कचहरी और मुकदमों के चक्कर काट रहा है, तब यह पूरी जमात आंखें मूंदकर तमाशा देख रही है।
@narendramodi के एक फैसले पर चूं तक न कर पाने वाला यह तथाकथित 'सांस्कृतिक संगठन' क्या अब सिर्फ राजनीतिक गुलामी का प्रतीक बनकर रह गया है ❓ @DrMohanBhagwat
जब आप सत्ता के सामने रीढ़ सीधी रखकर सच बोलने की हिम्मत ही नहीं रखते, तो हिंदू हित का झंडा उठाने का पाखंड भी बंद कर दीजिए 👺
#RSSExposed #SCSTActPaap #अजीतभारती #HindutvaBetrayal
#ModiAct
वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप सिंह कहते हैं कि गैर-जाटव दलितों को अब किसी पार्टी की ज़रूरत नहीं है, वे ऑटो-पायलट मोड पर हैं। बस उनका SC/ST कानून नहीं बदलना चाहिए। उनको अपना हथियार मिल गया है ,ऐसा हथियार, जिससे वे हर पार्टी को ठीक कर सकते हैं।
मोदी सरकार ने दलितों के एक वर्ग को रोजगार का नया अवसर दे दिया है। कुछ करने की ज़रूरत नहीं है, सुबह उठो, थाने जाओ और जिस पर मन हो, उस पर FIR करा दो।
16 लाख कुल आपको मिलना है। तुरंत आपको 8 लाख तुरंत मिल जाएगा, फिर केस की सुनवाई पर और 25 प्रतिशत, और बाकी 25 प्रतिशत फैसला आने पर।
और सबसे बड़ी बात, अगर आपका आरोप झूठा साबित हुआ तो आपको मिले हुए पैसे लौटाने भी नहीं हैं। तो इसलिए वे परवाह ही नहीं करते कि झूठा आरोप लगा रहे हैं या सही आरोप लगा रहे हैं।
पैसा तो मिलेगा ही, बस वो आखिरी वाला 25 प्रतिशत नहीं मिलेगा। बस इतना ही नुकसान है। मतलब, मुनाफे में घाटा है।
सवाल यह है कि अब देखना है BJP इसे कहाँ तक लेकर जाती है।
स्वतंत्र भारद्वाज को जंतर मंतर पर निशु आजाद के अब्बू ने अपने लोगों के साथ में बर्बरता से मारा।
इस Video को सभी ज्यादा से ज्यादा शेयर करें और ज्यादा से ज्यादा अपने Socail Media Account पर डालें स्वतंत्र भारद्वाज को न्याय मिलना चाहिए।
भाइयों लगता है कि -
यह विडियो अभी दिल्ली पुलिस तक नहीं पहुंची है।
रिपोस्ट करके पहुंचा दीजिए...
अगर विडियो के आधार पर स्वतंत्र भरद्वाज की गिरफ्तारी हो सकती है तो संजय आजाद की गिरफ्तारी क्यों नहीं.?
एक ही देश में दो विधान दो संविधान नहीं चलेगा
@DelhiPolice गिरफ़्तार करो इसे भी
कांग्रेस नेता प्रदीप माथुर-
“योगी जी चाहे जितने जोर लगा ले पर हम मथुरा में कॉरिडोर नहीं बनने देंगे” 😡
ये है वो कांग्रेस जो राम मंदिर पर संसद के बाहर चंदे के मुद्दे पर हिंदुओं की चिंता का दिखावा करके ड्रामे
कर रही थी।
इसीलिए कहता हूँ UP को योगी जी जैसा प्रखर हिंदू नेता ना मिला है और ना मिलेगा।
ये तस्वीर आपको कोई नहीं दिखाएगा।
जंतर मंतर पर पहले गुंडो की भीड़ ने स्वतंत्र भारद्वाज पर मॉब लिंचिंग की कोशिश करी थी।
इसलिए उस समय सेल्फ डिफेंस के अंदर पलटवार किया गया था।
रिपोस्ट करो जब तक गिरफ्तारी न हो...
हमारे देवि देवताओं का अपमान असहनीय है..
समाजिक तानाबाना खराब न हो इसलिए ऐसे असामाजिक तत्वों को सलाखों के पीछे रखो 🙏
@DelhiPolice@Uppolice
राजस्थान की हूँ… क्षत्राणियों के लिए सम्मान क्या है- समझती हूँ।बचपन से जौहर की कहानियाँ सुनते आई हूँ..
जब कोई जौहर को सीधे-सीधे “कायरता” कह देता है, तो बात चुभती है।
आप सहमत मत होइए, सवाल कीजिए, बहस कीजिए… लेकिन बिना पूरा इतिहास समझे वीरांगनाओं के फ़ैसले को कायर कह देना असल में कायरता है।