छात्रों के हक और न्याय की इस लड़ाई का आज 24वां दिन है और मोदी सरकार की लाठियां, वाटर कैनन और गिरफ्तारियां हमारे हौसलों को नहीं तोड़ सकतीं🔥
आज मप्र के अलीराजपुर में हज़ारों युवा साथियों के साथ मिलकर तानाशाही के खिलाफ हल्ला बोला✊
PM मोदी जागें या न जागें, गोदी मीडिया दिखाए या न दिखाए, एक वादा है, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक सड़कें सूनी नहीं होने देंगे!
#SackPradhan @IYC
''धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो''
@IYC कार्यकर्ताओं ने यूथ कांग्रेस अध्यक्ष @UdayBhanuIYC जी के नेतृत्व में मोदी सरकार के 'पेपर लीक मॉडल' के खिलाफ जमकर हल्ला बोला।
BJP सरकार ने पुलिस भेजकर हमारी आवाज दबाने की नाकाम कोशिश की, वॉटर कैनन से हमारे हौसले को तोड़ना चाहा।
लेकिन तानाशाह सरकार याद रखे- हम कांग्रेस के योद्धा हैं।
देश के 50 से अधिक शहरों में धर्मेंद्र प्रधान की बर्खास्तगी की मांग को लेकर वाटर कैनन, लाठीचार्ज और गिरफ्तारियों का सामना कर चुके हैं।
जितनी ताकत लगानी है लगा लो, हम डरने और झुकने वाले नहीं हैं। धर्मेंद्र प्रधान को जिम्मेदारी लेनी होगी, इस्तीफा देना होगा।
📍 अलीराजपुर, मध्य प्रदेश
यूथ कांग्रेस का संघर्ष सिर्फ एक पेपर लीक के खिलाफ नहीं, बल्कि 90 से ज्यादा पेपर लीक से टूटे करोड़ों युवाओं के सपनों की लड़ाई है और जब तक जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होगी, यह आंदोलन सड़कों से संसद तक जारी रहेगा✊
बधाई हो! 🎉
विक्रमशिला पुल का जो हिस्सा टूट गया था, उसी पर बेली ब्रिज लगाकर उद्घाटन कर दिया गया।
पहले जो पुल पूरा था, अब पैचवर्क वाला हो गया है, और उसका भी फीता कट रहा है! 😅
वाह रे विकास!
आज TV चेक कीजिये क्या ये तस्वीरें किसी भी चैनल पर देखी?
मप्र के अलीराजपुर की सड़कों पर धर्मेन्द्र प्रधान की बर्खास्तगी की मांग को लेकर खूब कोहराम हुआ
IYC अध्यक्ष @UdayBhanuIYC समेत युवा कांग्रेस के हज़ारों कार्यकर्ताओं पर वाटर कैनन चले
लेकिन प्रधानमंत्री और मीडिया दोनों खामोश है
यह वही विक्रमशिला पुल है जो टूटकर भ्रष्टाचार की पोल खोल गया था।
न जवाबदेही हुई, न कार्रवाई हुई।
लेकिन आज रेड कार्पेट बिछाकर उसकी मरम्मत का जश्न मनाया जा रहा है।
देशहित में LPG के दाम 29 रुपये बढ़ा दिए गए हैं। डीज़ल, पेट्रोल, CNG, LPG- ईंधन के तमाम साधनों की क़ीमतें आसमान छूने लगी हैं यानी महंगाई मानव मोदी की मास्टरस्ट्रोक वाली महंगाई आपके दरवाज़ों पर दस्तक दे रही है।
हाँ अब कोई एंकर/एंकरा आकर ये समझा सकती हैं देश को कि यदि ऊपर ऊपर से देखा जाए तो सिर्फ़ 29 रुपए बढ़े हैं और इससे आपको कोई ख़ास फ़र्क़ नहीं पड़ेगा।
Dear India's GenZ,
अगर वाटर कैनन चलेगा तो छाती सामने होगी,
अगर लाठियां चलेंगी तो हमारे सिर सामने होंगे
और गोलियां चलेंगी तो सब कुर्बान होगा।
लेकिन आपकी लड़ाई से हम पीछे नही हटेंगे!!
Bring it on 🚨🔥
ये तस्वीरें आज कुरुक्षेत्र की है,
खूब वाटर कैनन चले,
जमकर लाठियां चली
गिरफ्तारियां भी हुई।
बस मीडिया तक इसकी गूंज नही पहुंची
कुरुक्षेत्र में एक युध्द कभी पांडवों और कौरवों के बीच हुआ था, आज दूसरा युद्ध इस दौर के पेपर लीक वाले चोरों के खिलाफ IYC की ओर से चल रहा है।
#SackPradhan
Wait for the FAAHHH moment‼️😂🎵🎬
Modi-Adani thought they'd play around with India's lungs & cut 1.5Cr Trees?
Nah bro, Our leader @RahulGandhi ji is here to shatter your plans 👊💥
दीवार पर हाथ लगाओ तो मसाला झड़ जाए, यह मेडिकल कॉलेज है या भ्रष्टाचार का नमूना? ₹425 करोड़ खर्च होने के बावजूद निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हैं। सीमेंट दीवारों में कम और कमीशन की फाइलों में ज्यादा दिखाई दे रहा है। आखिर जनता के पैसे का हिसाब कौन देगा?
Two of India's leading experts on the Andaman & Nicobar Islands, Dr. Manish Chandi and Dr. Vardhan Patankar sat down with me to explain what is truly at stake in Great Nicobar.
From the leatherback turtles that cross entire oceans to nest at Galathea Bay, to birds, fish and wildlife found nowhere else on Earth, to the stunning coral reels that could be wiped out completely - these islands are an ecological treasure unlike anything India has.
We also spoke about something deeply troubling: how the Forest Rights Act was bypassed, and how the Nicobarese and Shompen tribal communities were manipulated into signing away land that is rightfully theirs.
This is a podcast every Indian should hear. The more people understand what is being destroyed - and how quietly it is being done - the harder it becomes for this government to get away with it.
Tune in:
YouTube: https://t.co/SWZ4mQ5kQv
Spotify: https://t.co/zszbScrAOG
#GreenOverGreed
सिर्फ राज्य बदलता है, छात्रों के हालात नहीं।
कहीं मोदी लाठियां चलवा रहे हैं, कहीं केजरीवाल।
सवाल पूछो तो लाठी, न्याय मांगो तो लाठी।
क्या देश के युवाओं की किस्मत में सिर्फ लाठियां ही लिखी हैं?