Modi ji talks so much about his mother.
But what about Ankita Bhandari's mother?
What about her father's fight for justice?
Why was Dushyant Gautam, whose name surfaced as VVIP culprit, made Governor while the investigation continues?
Was constitutional immunity a consideration?
Why should Ankita's parents have to keep asking these questions?
Modi ji, they deserve answers.
जब सवाल हमारे वोट का हो, हमारे अधिकारों का हो और हमारे लोकतंत्र का हो, तो देश की सबसे बड़ी अदालत से न्याय की उम्मीद स्वाभाविक है।
कल, 12 अक्टूबर को भारत के नागरिक शांतिपूर्वक सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च करेंगे।
यह किसी एक पार्टी का नहीं, नागरिकों के अधिकारों का सवाल है।
#ChaloDilli
��हले पत्रकार श्याम मीरा सिंह को RSS के गुंडों ने घेरा, बदसलूकी की। फिर उन्हीं गुंडों ने दिल्ली पुलिस को इशारा किया कि पत्रकार को हिरासत में लो।
और दिल्ली पुलिस ने क्या किया? गुंडों पर कार्रवाई करने के बजाय पत्रकार को ही हिरासत में ले लिया!
दिल्ली पुलिस आखिर किसके आदेश पर चल रही है? सुप्रीम शाह के? या अमित शाह ने अब इन गुंडों को दिल्ली पुलिस का नया बॉस बना दिया है?
पत्रकार सवाल पूछेगा तो गुंडे घे���ेंगे और पुलिस उसे उठा ले जाएगी?
अगर ये आज़ादी की दूसरी लड़ाई नही है तो क्या है?
Yesterday, the nation's young came out in Delhi to peacefully protest. They came with love in their hearts, not hatred or anger. They were beaten, both by cops and BJP goons.
This is not the India we want.
Tomorrow, we will march to the Supreme Court as Indians, united beyond party, gender, caste, community and state.
Youth, all opposition parties, civil society groups, all those who believe in democracy and stand by the Constitution of India, will walk with us.
We will submit a memorandum to the Chief Justice on behalf of the nation, demanding an end to vote chori, halting of SIR and the resignation of Gyanesh Kumar.
Narendra Modi, Amit Shah, Ajit Doval and Mohan Bhagwat cannot silence India's voice. These cowards cannot intimidate us. They will have to step aside.
We will march together, with love, brotherhood and patriotism.
Daro mat.
Tomorrow, all of India will march to the Supreme Court.
कल दिल्ली में देश का युवा शांतिपूर्ण विरोध के लिए सड़कों पर उतरा। उनके दिलों में नफ़रत या गुस्सा नहीं, मोहब्बत थी। लेकिन उन्हें पुलिस और BJP के गुंडों, दोनों ने पीटा।
ऐसा भारत हम नहीं चाहते।
कल, सोमवार 12 अक्टूबर को, हम भारतीय होने के नाते सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेंगे। पार्टी, महिला-पुरुष, जाति, समुदाय और राज्य की हर दीवार से ऊपर उठकर, हम स�� एक साथ चलेंगे।
देश का युवा, तमाम विपक्षी दल, सिविल सोसाइटी और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले, भारत के संविधान के साथ खड़े सभी लोग हमारे साथ चलेंगे।
हम देश की ओर से मुख्य न्यायाधीश को एक ज्ञापन सौंपेंगे। हमारी माँग है - वोट चोरी बंद हो, SIR पर ��ोक लगे और ज्ञानेश कुमार इस्तीफ़ा दें।
नरेंद्र मोदी, अमित शाह, अजित डोभाल और मोहन भागवत भारत की आवाज़ को दबा नहीं सकते। ये कायर हमें डरा नहीं सकते। इन्हें पीछे हटना ही होगा।
हम सब साथ चलेंगे - मोहब्बत, भाईचारे और देशभक्ति के साथ।
डरो मत।
कल पूरा भारत सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेगा।
#ChaloDilli
नजरबंदी और पुलिस बैरिकेडिंग से लोकतंत्र की आवाज दब नहीं सकती, मोदी-शाह के चेले ज्ञानेश को जाना होगा..!
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे सांसद बड़े भाई दीपेंद्र हुड्डा जी, सांसद जयप्रकाश जी, सांसद वरुण मुलाना जी, सांसद सतपाल ब्रह्मचारी जी, सांसद कर्मबीर बौद्ध जी सहित हरिय���णा के सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस बैरिकेडिंग लगाकर नजरबंद करना बेहद निंदनीय है।
भाजपा सरकार का यह तानाशाही रवैया लोकतांत्रिक विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास है। लोकतंत्र में सवाल पूछना, जवाबदेही मांगना और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाना हर नागरिक का अधिकार है। विपक्ष की आवाज को पुलिस की बैरिकेडिंग से नहीं रोका जा सकता।
लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है कि संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षत�� और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़े सवालों का जवाब दिया जाए। जनता के मताधिकार और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए उठने वाली हर आवाज का सम्मान होना चाहिए।
चुनाव आयोग और भाजपा की मिलीभगत के खिलाफ संघर्ष जारी है... आज संसद के संविधान सदन में साथी सांसदों के साथ।
जय संविधान, जय हिंद!
@priyankagandhi@SanjaySDutt@INCHaryana
हरियाणा की BJP सरकार ने पुलिस, CID और CIA को बाकी सारे काम छ��ड़वाकर केवल कांग्रेस नेताओं-कार्यकर्ताओं के घरों में जाकर उनको हिरासत में लेने की जिम्मेदारी लगा दी है। कार्यकर्ताओं और उनके बच्चों तक को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। ये कौन सा कानून है, कौन सा संविधान है?
भाजपा यह न समझे कि इनकी किसी पुलिस की कोई ऐसी लाठी बनी है जो जनता की आवाज को दबा देगी। चुनाव आयोग और भाजपा की मिलीभगत के खिलाफ हमारा संघर्ष जारी रहेगा...
@INCHaryana @SanjaySDutt
India Gate पर IYC का Flash Protest 🔥
पूरी दिल्ली में बैरिकेडिंग की माला पिरोने के बाबजूद अमित शाह की पुलिस राहुल गांधी जी के युवा कांग्रेस के बब्बर शेरों को INDIA GATE जाने पर प्रदर्शन से नही रोक पायी।
इंडिया गेट पहुंचे युवा कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ता।
ज्ञानेश तुम्हे जाना होगा...