स्टेट बैंक की शाखाओं में अब यह होने लगा है कि आप पैसा जमा करने जाओ तो बैंक के पास साइबर कैफे पर जमा करने के लिए बोलेंगे? आखिर क्यों? 30000 कोई छोटी रकम है? इनको किसलिए यहां बैठाया गया है लूडो खेलने के लिए?
राजस्थान में चयन सूची के बाद 1 साल तक वेटिंग लिस्ट लागू रखने के फैसले का स्वागत करते हुए हनुमान बेनीवाल ने मांग की है कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती समेत सभी प्रक्रियाधीन भर्तियों में भी यह नियम तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। #Rajasthan#HanumanBeniwal#Recruitment#WaitingList
#सीमावर्ती क्षेत्र में कालनेमी तूफान का कहर, दो दर्जन गांवों में भारी तबाही
#चोहटन उपखंड मुख्यालय के भगवती कॉलोनी के एक घर में आकाशीय बिजली गिरने से एक झोपे में रखा सारा घरेलू सामान जलकर राख
अब जितने यूनिट होंगे उतना वजन होने पर ही अगूंठा लगने के बाद पर्ची निकलेगी और राशन वितरण सफल होगा, लेकिन फिर भी कोटेदारों ने उसका तोड़ आखिर ढूंढ ही लिया, वजन पूरा करके यूनिट के हिसाब से ईंट पत्थर रख दिए, बाद में दोबारा दूसरे कांटे से कम करके राशन दिया? अब बताओ सरकार क्या करे?
सरकार चाहें भ्रष्टाचार रोकनें के कितने भी तरीके निकाल ले लेकिन चोर और भ्रष्टाचारियों द्वारा कोई न कोई उसका तोड़ निकाल ही लिया जाएगा। कोटेदारों द्वारा कम राशन देने की शिकायतों पर सरकार ने POS मशीन को ब्लूटूथ द्वारा वजन कांटे से मैप किया,
“… उसे किसी की मुहब्बत का एतिबार नहीं …
उसे ज़माने ने शायद बहुत सताया है …
ये फूल मुझे कोई विरासत में मिले हैं?
तुम ने मेरा काँटों भरा बिस्तर नहीं देखा …”
मशहूर शायर श्री बशीर बद्र साहब को नमन … 🙏🏻
#RIP#BashirBadr ji
#चौहटन(#बाड़मेर)
नेतराड़ सरहद में जमीन विवाद को लेकर एक व्यक्ति पर हुआ जानलेवा हमला
अपनी दुकान पर बैठे बाबुलाल पुत्र पूनमाराम डूडी के साथ की मारपीट,
लाठियों से लैस होकर कई गाड़ियों में सवार होकर आए थे हमलावर,
हमले में गंभीर घायल युवक को लोगों ने पहुंचाया चौहटन जिला अस्पताल।
#Jaipur: #चतुर्थश्रेणी भर्ती 2024 से जुड़ा प्रकरण
#RSSB द्वारा जीरो नंबर पर सिलेक्ट करने से जुड़ा मामला, हाईकोर्ट ने विभिन्न श्रेणियों में मेरिट लिस्ट को किया रद्द, एक्स सर्विसमैन...
#बाड़मेर जिले सदर थाना क्षेत्र के सनावड़ा में सोलर से भरा ट्रेलर अनियंत्रित होकर पलट गया। सड़क किनारे गहरे खड्डे में गिरने से सोलर प्लेटें बिखरी बिखर गई। गनीमत रही हादसे में कोई जनहानि नही हुई है।
जब 1 महीने से ज्यादा धरना चले और सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं हो तो फिर अन्य क्या विकल्प बचता है . गूंगे बहरो की सरकार को स्नुनाने के लिए धमाकों की जरुरत पड़ती है . इनकी मांगो को सुनने के लिए दल तक नहीं भेजा गया सरकार से