इसका कोई दूसरा विकल्प जरूर तलाशना चाहिए।
ट्रेन में लगातार नेटवर्क आने-जाने और रोमिंग की वजह से मोबाइल की बैटरी ज्यादा ड्रेन होती है।
बहुत-सी ट्रेनें सुबह 6-7 बजे ही अपने गंतव्य पर पहुंचती हैं। यात्री रात में मोबाइल चार्जिंग पर लगाकर सोते हैं, ताकि सुबह उतरते समय फोन चार्ज रहे।
यह भी संभव नहीं है कि सभी यात्री रात 11 बजे से पहले अपने मोबाइल फुल चार्ज कर लें। अब जब चार्जिंग का समय निश्चित किया जा रहा है, तो जाहिर है कि तमाम यात्री एक ही समय में फोन चार्ज करना चाहेंगे।
स्टेशन से कैब बुक करने, अपने परिचितों को सूचित करने से लेकर रास्ता देखने और पता ढूंढने तक, तमाम जरूरी काम अब मोबाइल से ही होते हैं।
ऐसे में रातभर चार्जिंग बंद रखना यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी बन सकता है।
इसका कोई दूसरा विकल्प जरूर तलाशना चाहिए।
ट्रेन में लगातार नेटवर्क आने-जाने और रोमिंग की वजह से मोबाइल की बैटरी ज्यादा ड्रेन होती है।
बहुत-सी ट्रेनें सुबह 6-7 बजे ही अपने गंतव्य पर पहुंचती हैं। यात्री रात में मोबाइल चार्जिंग पर लगाकर सोते हैं, ताकि सुबह उतरते समय फोन चार्ज रहे।
यह भी संभव नहीं है कि सभी यात्री रात 11 बजे से पहले अपने मोबाइल फुल चार्ज कर लें। अब जब चार्जिंग का समय निश्चित किया जा रहा है, तो जाहिर है कि तमाम यात्री एक ही समय में फोन चार्ज करना चाहेंगे।
स्टेशन से कैब बुक करने, अपने परिचितों को सूचित करने से लेकर रास्ता देखने और पता ढूंढने तक, तमाम जरूरी काम अब मोबाइल से ही होते हैं।
ऐसे में रातभर चार्जिंग बंद रखना यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी बन सकता है।
Ya kyaa bana Diya aap Longo ne
Agar kuchh naya nahin bana sakte to jo puran hai usko vasha he dekha do kam se kam hamare aashta to Bane rahege 🙏
@arrahman@DrKumarVishwas
मुंबई से हावड़ा जा रही गीतांजलि एक्सप्रेस 12 घंटे लेट, कैंसर पीड़ित की हुई मौत, शव के साथ सफर करने को मजबूर यात्री
गीतांजलि एक्सप्रेस के एम-2 कोच में सफर कर रहे विनोद पासवान की शनिवार सुबह मौत हो गई थी. सुबह करीब 8 बजे टीटीई को इसकी जानकारी दी गई. यात्रियों को बताया गया कि चिकित्सा जांच के बाद मृत्यु की पुष्टि की जाएगी. इसके बावजूद आरोप है कि लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई और शव कोच में ही पड़ा रहा.
पूरी खबर; https://t.co/By9jKdtXdR
#Mumbai #GeetanjaliExpress #CancerPassengerDeath #ATcard #AajTakSocial @satyajeetAT
नाम स्पेशल, किराया ज्यादा और सफर में घंटों की देरी। रेलवे यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को संभालने के लिए स्पेशल ट्रेनें चला रही है, लेकिन इन ट्रेनों में सफर करने वालों को अधिक किराया देने के बाद भी समय पर पहुंचने की गारंटी नहीं।
मुजफ्फरपुर जंक्शन पर स्पेशल ट्रेनों के साथ नियमित ट्रेनों की लेटलतीफी ने यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है। एक तरफ अतिरिक्त किराये का बोझ, दूसरी तरफ सवारी ट्रेन से भी खराब सर्विस। ऐसे में सवाल उठ रहा कि स्पेशल ट्रेन के नाम पर यात्रियों को अतिरिक्त क्या मिल रहा है?
ट्रेन संख्या 04652 अमृतसर-जयनगर स्पेशल करीब सात घंटे विलंब से पहुंची। ट्रेन संख्या 01482 मुजफ्फरपुर-हड़पसर स्पेशल चार घंटे लेट रही।
वहीं, ट्रेन संख्या 22554 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-रक्सौल अंत्योदय एक्सप्रेस छह घंटे विलंब से पहुंची। स्पेशल ट्रेनों का उद्देश्य अतिरिक्त भीड़ के समय यात्रियों को राहत देना है, लेकिन जब ट्रेनें घंटों विलंब से पहुंचती हैं, तो यात्रियों की यात्रा योजना बिगड़ जाती है।
नियमित ट्रेनें, मौर्य, छपरा-टाटा, वैशाली और आम्रपाली भी रही लेट:
बीच में नियमित ट्रेनों की स्थिति काफी बेहतर हो गई थी, लेकिन पिछले दो दिनों से परिचालन की स्थिति सही नहीं होने पर यात्रियों के बीच कई तरह के सवाल खड़े हो गए हैं।
ट्रेन संख्या 15028 मौर्य एक्सप्रेस (गोरखपुर से हटिया) करीब तीन घंटे, ट्रेन संख्या 15566 वैशाली एक्सप्रेस (नई दिल्ली से ललितग्राम) दो घंटे और ट्रेन संख्या 15708 आम्रपाली एक्सप्रेस (अमृतसर से कटिहार) तीन घंटे तथा छपरा-टाटा एक घंटे की विलंब से पहुंची।
स्पष्ट है कि परेशानी केवल स्पेशल ट्रेनों तक सीमित नहीं है। नियमित ट्रेनों की लेटलतीफी भी यात्रियों का समय बर्बाद कर रही है। हालांकि, इन ट्रेनों की देरी अलग-अलग परिचालन कारणों से हो सकती है।
समस्तीपुर से पाटलिपुत्र तक नियमित ट्रेनों में स्लीपर का किराया 165 रुपये, जबकि इस स्पेशल ट्रेन में 350 रुपये है। यानी 185 रुपये अधिक, करीब 112 प्रतिशत की वृद्धि।
स्पेशल ट्रेन चलाना रेलवे की जरूरत हो सकती है, लेकिन यात्रियों की सुविधा और समयपालन की जवाबदेही भी उतनी ही जरूरी है।
रेलवे को स्पेशल ट्रेनों के किराये, विलंब के कारणों और यात्रियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के बारे में स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए। यात्रियों को केवल ट्रेन के नाम में 'स्पेशल' नहीं, बल्कि सफर में भी राहत महसूस होनी चाहिए।
#SpecialTrainFare #JagranNews #Bihar